Sonal Goel IAS Biography: CS-LLB और UPSC AIR 13, पिता को खोने के बाद IAS सोनल गोयल ने किलिमंजारो पर फहराया कैंसर जागरूकता का परचम


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Sonal Goel IAS Biography: पिता को कैंसर से खोने के बाद आईएएस सोनल गोयल ने इसे अपना सोशल मिशन बना लिया है. माउंट किलिमंजारो की कठिन चढ़ाई चढ़कर उन्होंने युवाओं को ‘नशा नहीं, सपने चुनो’ का संदेश दिया. जानिए आईएएस सोनल गोयल कौन हैं, उन्होंने कहां से पढ़ाई की और यूपीएससी सीएसई में उनकी रैंक कितनी थी.

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CS-LLB और UPSC में रैंक 13, पिता को खोने के बाद फहराया कैंसर जागरूकता का परचमZoom

Sonal Goel IAS Biography: आईएएस सोनल गोयल ने SRCC से पढ़ाई की है

नई दिल्ली (Sonal Goel IAS). कोई अपना किसी गंभीर बीमारी की वजह से दूर हो जाए तो वह दर्द इंसान को अंदर से तोड़कर रख सकता है. लेकिन कुछ लोग निजी गम को आंसुओं में डुबोने के बजाय उससे समाज के अनगिनत लोगों की जिंदगी संवारने में जुट जाते हैं. कुछ ऐसी ही मिसाल पेश की है भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की चर्चित अधिकारी सोनल गोयल ने. अक्टूबर 2023 में अपने पिता को कैंसर से खोने के बाद उन्होंने इस लाइलाज बीमारी के खिलाफ जंग को अपने जीवन का सबसे बड़ा मकसद बना लिया.

हरियाणा के पानीपत से ताल्लुक रखने वाली और 2008 बैच की आईएएस अधिकारी सोनल गोयल अपनी प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ बेबाक सोच और सामाजिक कार्यों के लिए जानी जाती हैं. दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से पढ़ाई करने, कंपनी सेक्रेटरी और लॉ की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 13 हासिल की थी. मई 2026 में एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक से शुरू हुआ उनका अभियान माउंट किलिमंजारो की बर्फीली चोटियों तक जारी रहा. पढ़िए मोटिवेशनल स्टोरी.

आईएएस सोनल गोयल ने निजी दर्द को बनाया सामाजिक ताकत

अक्टूबर 2023 में पिता को कैंसर के कारण खोना सोनल गोयल के लिए गहरा आघात था. लेकिन उन्होंने इस गम को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. मई 2026 में एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक से उन्होंने कैंसर के खिलाफ जागरूकता फैलाने की मुहिम शुरू की थी. उसे माउंट किलिमंजारो अभियान में भी पूरी शिद्दत से जारी रखा. उनका मानना है कि कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने का सबसे बड़ा हथियार शुरुआती दौर में इसकी पहचान और इसके प्रति जागरूकता है.

युवाओं के लिए संदेश: ‘नशा नहीं, सपने चुनो’

आईएएस सोनल गोयल ने पहाड़ों की ऊंचाइयों से देश की युवा पीढ़ी को बेहद सशक्त और सीधा संदेश दिया- Drugs नहीं, Dreams चुनो. उनका कहना है कि आज का युवा देश का भविष्य है. इसलिए उन्हें केवल करियर के अवसर ही नहीं मिलने चाहिए, बल्कि सही और स्वस्थ रास्ते चुनने की मानसिक ताकत भी मिलनी चाहिए. फिटनेस, पॉजिटिव सोच और नशे से दूरी को उन्होंने अपने इस अभियान का मुख्य हिस्सा बनाया है. इससे युवा अपने सपनों को साकार करने में पूरी ऊर्जा लगा सकेंगे.

Sonal Goel IAS Mission: आईएएस सोनल गोयल कैंसर अवेयरनेस के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं

किलिमंजारो की कठिन राह और हार न मानने का जज्बा

आईएएस सोनल गोयल के लिए माउंट किलिमंजारो की चढ़ाई आसान नहीं थी. लेमोशो रूट से शुरू हुई यात्रा में तीसरे दिन शिरा क्षेत्र के पास जंगल में भयंकर आग लगने के कारण टीम को बीच में ही लौटना पड़ा था. लेकिन उन्होंने साबित कर दिया कि प्लान बदल सकता है, लक्ष्य नहीं. नए रूट से उन्होंने फिर शुरुआत की. बरांको वॉल जैसी खतरनाक चट्टानों और कड़ाके की ठंड में वह एक-एक कदम बढ़ाती रहीं. आखिरकार गांधी जयंती के दिन वे 18,829 फीट की ऊंचाई पर स्थित स्टेला पॉइंट पर तिरंगा फहराने में सफल रहीं.

आईएएस सोनल गोयल कितनी पढ़ी-लिखी हैं?

आईएएस सोनल गोयल की सक्सेस स्टोरी हर यूपीएससी अभ्यर्थी के लिए प्रेरणा है. SRCC से पढ़ाई के दौरान उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला लिया था. पहले प्रयास में इंटरव्यू तक न पहुंच पाने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. कंपनी सेक्रेटरी की नौकरी और LLB की पढ़ाई के साथ उन्होंने दूसरे प्रयास में AIR 13 हासिल कर ली. नीति आयोग के ‘Top 25 Women Transforming India’ और X के ‘Web Wonder Woman’ से सम्मानित सोनल साबित कर चुकी हैं कि लगन और मेहनत से हर बाधा पार कर सकते हैं.



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