Kainchi Dham Traffic Alert : नैनीताल-कैंची धाम जाने का है प्लान? घर से निकलने से पहले जान लें ट्रैफिक रूट

Kainchi Dham Traffic Alert : नैनीताल-कैंची धाम जाने का है प्लान? घर से निकलने से पहले जान लें ट्रैफिक रूट


नैनीताल: अगर आप इस वीकेंड कैंची धाम में बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन करने या नैनीताल घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले पुलिस की ओर से जारी ट्रैफिक प्लान जरूर जान लें. शनिवार और रविवार को कैंची धाम, भवाली, भीमताल और नैनीताल क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव किया है. ऐसे में निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था की जानकारी के बिना यात्रा करने पर आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

बीते वीकेंड नैनीताल में पर्यटकों की भारी भीड़ के चलते शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों पर जगह-जगह जाम की स्थिति पैदा हो गई थी. सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से पर्यटकों के साथ ही स्थानीय लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इसे देखते हुए पुलिस ने इस बार पहले से ही यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने की तैयारी की है. पुलिस का प्रयास है कि कैंची धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और नैनीताल घूमने पहुंचने वाले पर्यटकों को जाम से बचाया जा सके और पहाड़ से मैदान तथा मैदान से पहाड़ की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी सुचारु बनी रहे.

सुबह तीन से रात 11 बजे तक भारी वाहनों पर प्रतिबंध

पुलिस की ओर से जारी योजना के अनुसार, 10 और 11 अक्टूबर को सुबह तीन बजे से रात 11 बजे तक सभी प्रकार के भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी. भारी वाहनों को जनपद की सीमा पर ही रोका जाएगा. वहीं, केमू बसों, निजी बसों और चौपहिया वाहनों के लिए सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक निर्धारित रूट के अनुसार यातायात व्यवस्था लागू रहेगी. इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों से आने और पहाड़ की ओर जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा, ताकि भवाली, भीमताल और कैंची धाम क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम किया जा सके.

अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जाने वालों के लिए बदला रूट

यातायात प्लान के तहत हल्द्वानी, काठगोदाम और मैदानी क्षेत्रों से अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर तथा पिथौरागढ़ की ओर जाने वाले वाहनों को भीमताल के खुटानी बैंड से डायवर्ट किया जाएगा. ये वाहन खुटानी बैंड से धारी और धानाचूली बैंड होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे. इसी तरह अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की ओर से मैदानी क्षेत्रों में आने वाले वाहन लमगड़ा, धानाचूली, धारी, खुटानी बैंड और भीमताल होते हुए आगे जाएंगे. रानीखेत से मैदानी क्षेत्रों की ओर आने वाले वाहनों को क्वारब, ओड़ाखान, रामगढ़, खुटानी बैंड और भीमताल के रास्ते भेजा जाएगा. वहीं, काठगोदाम से रानीखेत की ओर जाने वाले वाहनों को खुटानी से डायवर्ट कर मुक्तेश्वर और रामगढ़ के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचना होगा. पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि यात्रा के दौरान निर्धारित रूट का पालन करें और जल्दबाजी में प्रतिबंधित मार्गों पर जाने का प्रयास न करें.

वीकेंड पर कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए निजी वाहनों के संबंध में भी विशेष व्यवस्था की गई है. बाहरी जनपदों और राज्यों से भीमताल के रास्ते कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों के वाहनों को भीमताल स्थित विकास भवन पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा. यहां से श्रद्धालुओं को स्थानीय शटल सेवा के माध्यम से भवाली और कैंची धाम मंदिर तक पहुंचाया जाएगा. वहीं, गेठिया और नैनीताल के रास्ते कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों के निजी वाहनों को भवाली सैनिटोरियम पार्किंग में पार्क कराया जाएगा. इसके बाद श्रद्धालु यहां से शटल सेवा के माध्यम से कैंची धाम मंदिर तक पहुंच सकेंगे. इस व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर के आसपास निजी वाहनों की भीड़ को कम करना और सड़क पर जाम की स्थिति बनने से रोकना है.

इन वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित

पुलिस ने वीकेंड के दौरान कैंची धाम क्षेत्र और नैनीताल में टैक्सी तथा दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया है. ऐसे में पर्यटकों और श्रद्धालुओं को यात्रा पर निकलने से पहले अपने वाहन और रूट की योजना उसी के अनुसार बनानी होगी. खासकर कैंची धाम में दर्शन के लिए आने वाले लोगों को निर्धारित पार्किंग स्थलों तक पहुंचने के बाद शटल सेवा का उपयोग करना होगा.

पुलिस ने पर्यटकों, स्थानीय लोगों, वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए जारी यातायात एवं डायवर्जन प्लान का पालन करें. वीकेंड पर संभावित भीड़ को देखते हुए यात्रा के लिए पर्याप्त समय लेकर निकलें और पुलिसकर्मियों की ओर से दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें. कुल मिलाकर, इस वीकेंड कैंची धाम और नैनीताल की यात्रा पर निकलने वाले लोगों के लिए पहले से रूट की जानकारी रखना बेहद जरूरी है. निर्धारित डायवर्जन, पार्किंग और शटल सेवा का उपयोग करने से न केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को भी जाम की समस्या से बचाने में मदद मिलेगी.



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