NEET री-एग्जाम धांधली में EOU का एक्शन, बायोमेट्रिक टेंडर लेने वाला प्रमोद कुमार अरेस्ट, उगल दिए सारे राज


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NEET री-एग्जाम में धांधली के मामले में EOU ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया. बायोमेट्रिक का टेंडर लेने वाले नामजद आरोपी प्रमोद कुमार को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए हैं. EOU के मुताबिक, प्रमोद ने विकास कुमार और राहुल के जरिए टेंडर लेने की बात बताई. आरोप है कि बायोमेट्रिक ऑपरेटरों की मिलीभगत से असली परीक्षार्थियों की जगह स्कॉलर को परीक्षा केंद्र में बैठाया गया.

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NEET री-एग्जाम धांधली में EOU का एक्शन, बायोमेट्रिक टेंडर लेने वाला अरेस्टZoom

नीट परीक्षा में धांधली का आरोपी गिरफ्तार. (सांकेतिक तस्वीर, Canva से ली गई.)

पटनाः NEET री-एग्जाम 2026 में कथित धांधली के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक्शन लिया. EOU ने नामजद आरोपी प्रमोद कुमार को गिरफ्तार किया. जांच एजेंसी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान प्रमोद ने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. उसे गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. आरोपी ने बताया कि वह परीक्षा में बायोमेट्रिक कराने का टेंडर लेता था. वह परीक्षार्थी के बदले दूसरे कैंडिडेट से परीक्षा सेंटर में एंट्री कराता था. उसके कई राज उगल दिए हैं.

यह मामला 21 जून 2026 को हुई NEET री-परीक्षा से जुड़ा है. लखीसराय के केंद्रीय विद्यालय खगौर परीक्षा केंद्र पर आरोप है कि कुछ मूल परीक्षार्थियों की जगह स्कॉलर यानी दूसरे लोगों को परीक्षा देने के लिए बैठाया गया था. इस मामले में परीक्षार्थियों, कथित फर्जी परीक्षार्थियों और बायोमेट्रिक ऑपरेटरों-सुपरवाइजरों समेत कुल 27 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी.

आरोपी ने क्या-क्या बताया?
EOU के मुताबिक, पूछताछ में प्रमोद कुमार ने बताया कि उसने विकास कुमार और राहुल के माध्यम से लखीसराय में आयोजित NEET परीक्षा के बायोमेट्रिक कार्य का टेंडर लिया था. जांच में आरोप है कि मो. शहजाद, सुबोध और रोहित कुमार उर्फ मुरारी की मिलीभगत से बायोमेट्रिक ऑपरेटरों की मदद ली गई. आरोप है कि इसी व्यवस्था का इस्तेमाल कर मूल परीक्षार्थियों की जगह स्कॉलर को केंद्रीय विद्यालय खगौर के परीक्षा केंद्र में प्रवेश कराया गया. एजेंसी इस मामले में आरोपियों की भूमिका और आपसी संबंधों की जांच कर रही है.

NEET से जुड़े दूसरे मामलों में भी नाम आया
EOU के अनुसार, प्रमोद कुमार की संलिप्तता लखीसराय जिले के कवैया थाना कांड संख्या 244/26 और 245/26 में भी पाई गई है. इसके अलावा किउल थाना कांड संख्या 64/2026 का अनुसंधान भी किया जा रहा है. यह मामला 21 जून 2026 को दर्ज किया गया था. इस केस में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की संबंधित धाराओं के तहत जांच की जा रही है.

14 आरोपियों की चार्जशीट दाखिल
EOU ने बताया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है. वहीं, आरोपी रोहित कुमार उर्फ मुरारी को नवादा नगर थाना कांड संख्या 610/2026 से इस मामले में रिमांड पर लिया गया है. प्रमोद कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है. जांच में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी.



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