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Kota RTU Student Death Case: कोटा स्थित राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में अक्षित शर्मा की मौत के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है. शुक्रवार को दूसरे दिन भी धरना जारी रहा. कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी के साथ एडीएम प्रशासन विनोद मल्होत्रा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष मिश्रा ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की. छात्र 24 घंटे मेडिकल सुविधा, दो डॉक्टर, एंबुलेंस, हॉस्टल और भवनों की मरम्मत, स्वच्छता, सुरक्षित भोजन-पानी, स्ट्रीट लाइट और चौबीसों घंटे रेस्क्यू टीम की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं. विद्यार्थियों ने साफ किया कि वे केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं और लिखित भरोसा मिलने तक धरना जारी रखेंगे. वहीं, कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय करीब 50 साल पुराना है और सरकारी प्रक्रियाओं व कर्मचारियों की कमी के कारण कुछ काम प्रभावित होते हैं. अक्षित की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा.
कोटा स्थित राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में अक्षित शर्मा की मौत के बाद छात्रों का आंदोलन तेज
कोटा. राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी (RTU) में छात्र अक्षित शर्मा की मौत के बाद विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा. शुक्रवार को सुबह से शाम तक विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच समझाइश का दौर चलता रहा, लेकिन विद्यार्थी अपनी मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने तक धरना खत्म करने को तैयार नहीं हुए. सुबह कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी छात्रों के बीच पहुंचे और उनसे बातचीत की. इसके बाद दोपहर में एडीएम प्रशासन विनोद मल्होत्रा और एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा ने भी विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया.
शाम को छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में कैंडल मार्च निकालकर अक्षित शर्मा को श्रद्धांजलि दी. विद्यार्थियों का कहना है कि कैंपस में स्वास्थ्य सुविधाओं से लेकर सुरक्षा और साफ-सफाई तक की व्यवस्थाओं में सुधार जरूरी है. छात्रों ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए लिखित आश्वासन दे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.
24 घंटे मेडिकल सुविधा और एंबुलेंस की मांग
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थी विश्वविद्यालय परिसर में 24 घंटे मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने, दो डॉक्टरों की तैनाती और एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा हॉस्टलों और भवनों के नवीनीकरण, साफ-सफाई, सुरक्षित भोजन-पानी, स्ट्रीट लाइट और 24 घंटे रेस्क्यू टीम तैनात करने की मांग भी उठाई गई है. छात्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय के आठ हॉस्टलों में 2500 से अधिक विद्यार्थी रहते हैं, लेकिन मेडिकल डिस्पेंसरी सीमित समय तक ही खुलती है. ऐसे में रात के समय किसी विद्यार्थी की तबीयत बिगड़ने पर परेशानी हो सकती है. विद्यार्थियों ने कैंपस में सांप निकलने और कई जगह पर्याप्त रोशनी नहीं होने को लेकर भी चिंता जताई.
कुलगुरु और प्रशासन ने की समझाइश
शुक्रवार सुबह कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी ने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं. दोपहर में एडीएम प्रशासन विनोद मल्होत्रा और एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा भी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने छात्रों को समझाने और धरना समाप्त करवाने का प्रयास किया, लेकिन विद्यार्थी लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे. कुलगुरु प्रो. चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर करीब 50 साल पुराना है. सरकारी प्रक्रियाओं और कर्मचारियों की कमी के कारण व्यवस्थाओं में सुधार करने में समय लगता है, फिर भी समस्याओं को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अक्षित शर्मा की मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी.
कैंडल मार्च निकालकर अक्षित को दी श्रद्धांजलि
शाम को विद्यार्थियों ने कैंपस में कैंडल मार्च निकाला और अक्षित शर्मा को श्रद्धांजलि दी. छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. फिलहाल धरना जारी है और विद्यार्थी मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने का इंतजार कर रहे हैं.