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खरगोन जिले के पोखराबाद में बुजुर्ग महिला की डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने से मौत का आरोप लगा है. पत्नी की मौत के सदमे में पति ने जहर खा लिया, जिन्हें जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है. परिजन डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
पत्नी की मौत की खबर सुनकर पति ने खाया जहर, वहीं, क्लिनिक बंद कर डॉक्टर फरार हो गया.
Khargone News: खरगोन से एक दुखद घटना सामने आई है. पोखराबाद गांव की एक बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिजनों ने एक निजी डॉक्टर पर गलत इंजेक्शन लगाने का गंभीर आरोप लगाया है. पत्नी की मौत की खबर मिलते ही सदमे में आकर पति ने भी जहर पी लिया. पति को गंभीर हालत में खरगोन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, पोखराबाद निवासी 60 से 65 वर्षीय संतरीबाई को परिजन इलाज के लिए खरगोन लाए थे. वे उन्हें खरगोन स्थित निजी मानसिक रोग चिकित्सक डॉ. श्याम नीमा के क्लिनिक ले गए थे. परिजनों के मुताबिक, क्लिनिक पहुंचने तक महिला की हालत सामान्य थी.
15 मिनट में ठंडे पड़ गए हाथ-पैर
मृतक महिला के बेटे बाबूलाल ने बताया कि डॉक्टर ने पहले मरीज के दस्तावेज देखे. दस्तावेज देखने के बाद डॉक्टर ने महिला को एक इंजेक्शन लगा दिया. इंजेक्शन लगाने के महज 15 से 20 मिनट के भीतर ही संतरीबाई की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. परिजनों ने देखा कि महिला के हाथ-पैर ठंडे पड़ गए और शरीर का रंग बदलने लगा. जब परिजनों ने डॉक्टर को बुलाया तो जांच के बाद उन्हें किसी अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई. हालांकि, परिजनों के अनुसार महिला की मौके पर ही मौत हो चुकी थी.
खबर सुनते ही पति ने पिया जहर!
घटना के समय महिला के 65 से 70 वर्षीय पति अंगूरीलाल गांव में ही मौजूद थे. जैसे ही उन्हें पत्नी संतरीबाई की मौत की खबर मिली, वे गहरा सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए. पत्नी से अत्यधिक लगाव होने के कारण उन्होंने तुरंत जहर खा लिया. परिजनों को जानकारी मिलते ही उन्हें गंभीर अवस्था में खरगोन जिला अस्पताल ले जाया गया. फिलहाल उनका इलाज जारी है और स्थिति स्थिर बताई गई है.
क्लिनिक बंद कर डॉक्टर फरार
घटना के तुरंत बाद आरोपी डॉक्टर क्लिनिक बंद करके मौके से चला गया. इस घटना से परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. बेटे बाबूलाल और ग्रामीणों ने पुलिस व स्वास्थ्य विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. परिजनों की मांग है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जाए और दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए. फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं.