hcs result | haryana pcs | pcs success story | दादा की सीख और असफलताओं का सामना… अब हरियाणा के रजत बने अफसर, 6वीं रैंक पाकर बढ़ाया परिवार का मान


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Chakhri Dadri: हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) का रिजल्ट जारी हो चुका है. इस परीक्षा में चरखी दादरी के रजत फोगाट ने प्रदेशभर में छठा रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. वो पूर्व के प्रयासों में सफलता न मिलने पर वे निराश नहीं हुए, बल्कि अपनी कमियों को पहचानते हुए रणनीति में बदलाव किया और दोगुनी मेहनत से तैयारी की.

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दादा की सीख और असफलताओं का सामना... अब हरियाणा के रजत बने अफसरZoom

चरखी दादरी: हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) द्वारा घोषित हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) परीक्षा परिणाम में जिले के गांव ढाणी फोगाट निवासी रजत फोगाट ने प्रदेशभर में छठा रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है. रजत ने इस परीक्षा में कुल 384 अंक प्राप्त किए हैं. उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.

रजत के पिता बलराज फोगाट निजी स्कूल संचालक हैं, जबकि माता शिक्षा विभाग में डिप्टी डीईओ के पद पर कार्यरत हैं. उनकी धर्मपत्नी डॉ. अस्मिता हैं. शिक्षा से जुड़े होने के कारण घर में हमेशा पढ़ाई का माहौल रहा. रजत फोगाट ने बताया कि वे इससे पहले तीन बार यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा, वन सेवा परीक्षा और एचसीएस की मुख्य परीक्षा दे चुके थे. पूर्व के प्रयासों में सफलता न मिलने पर वे निराश नहीं हुए, बल्कि अपनी कमियों को पहचानते हुए रणनीति में बदलाव किया और दोगुनी मेहनत से तैयारी की.

दादाजी से मिली प्रशासनिक सेवा में जाने की प्रेरणा
रजत ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार को देते हुए बताया कि बचपन में उनके दादाजी ने उन्हें सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा दी थी. परिवार में पहले से कई अधिकारी रहे हैं, जिससे उन्हें लगातार मोटिवेशन मिला. उन्होंने बताया कि प्रशासनिक सेवा में आने का मुख्य उद्देश्य जनकल्याण और सरकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है. वे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं, इसलिए बुनियादी शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और ग्रामीण आधारभूत ढांचे का सुधार उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा.

माता-पिता बोले- मेहनत व लगन का मिला फल
पिता बलराज फोगाट ने कहा कि रजत बचपन से ही बेहद मेहनती, अनुशासित और ईमानदार छात्र रहा है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि यदि बच्चे किसी परीक्षा में पीछे रह जाएं तो निराश न हों, बल्कि उनका हौसला बढ़ाएं. वहीं, माता ने भावुक होते हुए कहा कि बेटे ने उनकी तपस्या और मेहनत को सार्थक कर दिया है. अभिभावकों को हमेशा अपने बच्चों की रुचि और लगन को पहचानकर उनका पूरा साथ देना चाहिए.



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