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मुरादाबाद की प्रीत विहार कॉलोनी के सैकड़ो लोग पिछले 1 साल से तरह-तरह की मशीनों की आवाज से परेशान है. प्रीत विहार कॉलोनी में अंदर गली में जाकर एक शीशे की फैक्ट्री संचालित की जा रही है.जिसमें अलग-अलग मशीन चलती हैं. जिनकी इतनी आवाज होती है कि कॉलोनी के सभी लोग ना तो चैन से सो पाते हैं और ना ही बच्चे पढ़ाई लिखाई कर पाते हैं. इतना ही नहीं हार्ट पेशेंट महिलाओं का तो बुरा हाल हो जाता है.
मुरादाबाद: प्रीत विहार कॉलोनी के सैकड़ो लोग पिछले 1 साल से तरह-तरह की मशीनों की आवाज से परेशान है. प्रीत विहार कॉलोनी में अंदर गली में जाकर एक शीशे की फैक्ट्री संचालित की जा रही है.जिसमें अलग-अलग मशीन चलती हैं. जिनकी इतनी आवाज होती है कि कॉलोनी के सभी लोग ना तो चैन से सो पाते हैं और ना ही बच्चे पढ़ाई लिखाई कर पाते हैं. इतना ही नहीं हार्ट पेशेंट महिलाओं का तो बुरा हाल हो जाता है. जिससे परेशान होकर स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री पोर्टल से लेकर कमिश्नर तक और थाने में भी कई बार शिकायत दर्ज कराई है. लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है. वह सभी लोग चाहते हैं कि यहां पर जो फैक्ट्री से तरह-तरह की आवाज आती है. वह आवाज आनी बंद हो जाए जिससे हम सब का जीवन सुकून से कट सके.
कॉलोनी के सैकड़ो लोग उठा रहे परेशानी
स्थानीय निवासी विमल कौशिक ने बताया कि मैं प्रीत विहार कॉलोनी का रहने वाला हूं. हमारी समस्या ये है कि यहां रिहायशी इलाके के बीच में कांच की फैक्ट्री चल रही है. जिसमें कांच को गलाया जाता है. इससे बहुत ज्यादा गंदगी फैलती है, गंदा धुआं निकलता है. और तरह-तरह की तेज आवाजें आती रहती हैं. हमारी कॉलोनी में कई माताएँ पड़ोसी और बुजुर्ग लोग रहते हैं. जो हृदय रोग से पीड़ित हैं. इस शोर और प्रदूषण के कारण उन्हें बहुत परेशानी होती है.उनका मन अशांत रहता है. उन्हें रोज दवाइयाँ खानी पड़ती हैं और रात में ठीक से नींद भी पूरी नहीं हो पाती है. कभी-कभी तो मानसिक तनाव इतना बढ़ जाता है कि जीना मुश्किल हो जाता है.
एक अन्य महिला ने बताया कि मुझे तो हार्ट और ब्लड प्रेशर दोनों की समस्या है. इसके शोर की वजह से कल मेरे सिर में लगातार दर्द हो रहा था. कल तो मुझे ड्रिप लगवानी पड़ती है. हर दो-तीन दिन में अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है है. इस फैक्ट्री से बहुत ज्यादा दिक्कत होती है लगातार शोर से मेरी तबीयत और बिगड़ जाती है.वहीं उन्होंने बताया की यहां सैकड़ो लोग रहते हैं सभी को इस सौर और प्रदूषण से परेशानियां होती हैं. पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है.
दिल की बीमारी वालों के लिए ज्यादा खतरा
स्थानीय निवासी मिथिलेश शर्मा ने बताया मुझे दिल की बीमारी है. मैं इस फैक्ट्री की आवाज बिल्कुल बर्दाश्त नहीं कर पाती और दिमाग में इसकी तेज आवाज घूमती है. नींद भी पूरी नहीं होती है. यह फैक्ट्री लगभग 1 साल से चल रही है. हमने सभासद गीता शर्मा से भी इसकी शिकायत की और थाने में भी शिकायत की 112 पर कॉल किया था. लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है और ना ही अभी तक कोई आश्वासन नहीं मिला है. हम बस यही चाहते हैं कि रिहायशी इलाके में चल रही इस अवैध फैक्ट्री से होने वाले सौर और प्रदूषण से हमे मुक्ति मिल सके. हम पिछले 1 साल से बहुत परेशान हैं.
बच्चो की पढ़ाई हो रही बाधित
स्थानीय निवासी राधा रानी ने कहा यही समस्या है कि इसका शोर-शराबा बहुत होता है. बच्चे बिल्कुल भी पढ़ नहीं पा रहे हैं. घर में हर तरह की परेशानी होती है. हम यही चाहते हैं कि इसकी आवाजें बंद हो जाएं. आवाज की वजह से हार्ट के पेशेंट और लोगों को ज्यादा समस्या हो रही है. सभी की तबीयत खराब रहती है. उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पचास से साठ घर हैं. सभी को यही समस्या होती है. हमने सब जगह शिकायत की है हम थाने भी गए हैं. लेकिन हमें कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला है. हम लोग अब यही चाहते हैं कि ये शोर-शराबा बंद हो जाए किसी भी तरह से हमें ये आवाज नहीं सुननी है.
क्या कहते है जिम्मेदार
प्रदूषण विभाग में क्षेत्रीय अधिकारी के पद पर तैनात डीके गुप्ता से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उनका कहना था कि अभी हमारे पास समय नहीं है और शहर से बाहर हैं. जैसे ही शहर में आएंगे इस पूरे मामले की जांच कर इसमें जो भी चीजें सामने आएंगी आपको अवगत करा दिया जाएगा.