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अहमदाबाद के पीपलज-पिराना रोड पर एक दृष्टिबाधित लड़की अचानक 40 फुट गहरे नाले में गिर गई. घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम ने लड़की को बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है. बच्ची के ड्रेनेज लाइन में बहकर आगे पहुंचने की आशंका को देखते हुए अग्निशमन विभाग उन स्थानों पर भी खोजबीन की जा रही है, जहां ड्रेनेज लाइन साबरमती नदी में खुलती है.
दृष्टिबाधित बच्ची के खुले गटर में गिरने की सूचना से हड़कंप मच गया.
गुजरात के अहमदाबाद में एक बेहद गंभीर हादसा सामने आया है. यहां पीपलज पीराना रोड पर एक दृष्टिबाधित बच्ची के खुले गटर में गिरने की सूचना से हड़कंप मच गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बच्ची अपने माता पिता के साथ थी और इसी दौरान उसका पैर फिसल गया, जिससे वह खुले नाले में जा गिरी. आशंका जताई जा रही है कि बच्ची ड्रेनेज लाइन में करीब 20 से 40 फीट की गहराई तक पहुंच गई है. घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और बच्ची की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया.
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बच्ची अपने माता पिता के साथ नहर में नहाने के बाद वापस लौट रही थी. इसके बाद परिवार पीपलज पीराना रोड पर ऑटो रिक्शा बदलने के लिए उतरा. इसी दौरान बच्ची का पैर फिसल गया और वह सड़क किनारे मौजूद खुली ड्रेनेज लाइन में गिर गई.
बताया जा रहा है कि बच्ची दृष्टिबाधित है. हादसे के बाद परिवार में अफरा तफरी मच गई और तत्काल इसकी सूचना पुलिस तथा फायर ब्रिगेड को दी गई.
फायर विभाग के अधिकारी के मुताबिक, बच्ची के गटर में गिरने की सूचना शाम करीब 4:15 बजे 100 नंबर के जरिये मिली थी. सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम 10 से 15 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई. रेस्क्यू टीम के जवान सुरक्षा उपकरण पहनकर ड्रेनेज लाइन में उतरे और बच्ची की तलाश शुरू की. हालांकि, शुरुआती तलाशी के दौरान बच्ची का पता नहीं चल पाया.
साबरमती नदी तक तलाश
बच्ची के ड्रेनेज लाइन में बहकर आगे पहुंचने की आशंका को देखते हुए फायर विभाग ने तलाशी का दायरा बढ़ा दिया है. घटनास्थल के अलावा उन स्थानों पर भी खोजबीन की जा रही है, जहां ड्रेनेज लाइन साबरमती नदी में खुलती है. पंपिंग स्टेशन और अन्य संभावित स्थानों पर भी जांच की जा रही है.
रेस्क्यू टीमें ड्रेनेज लाइन के रास्ते को ध्यान में रखते हुए लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शुरुआती खोजबीन में बच्ची नहीं मिली थी. बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध इनपुट में नहीं है.
इस घटना ने अहमदाबाद में खुले नालों और ड्रेनेज लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल सबसे बड़ी चिंता बच्ची की तलाश और उसे सुरक्षित बाहर निकालने की है. रेस्क्यू टीमों की कोशिश जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है.