रुपये को बचाने को अब आगे आया RBI, तेल कंपनियों के लिए खोला डॉलर का खजाना, ट्रेडिंग लिमिट में भारी कटौती


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Rupee vs Dollar : मई, 2026 में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 96.96 के स्‍तर पर चला गया था. अब यह फिर रिकार्ड लो के मुहाने पर खड़ा है. रुपये की गिरावट थामने को भारतीय रिजर्व बैंक ने अब कुछ सख्‍त कदम उठाए हैं. केंद्रीय बैंक की पहली प्राथमिकता रुपये में आ रही तेज गिरावट को थामना और मुद्रा की स्थिरता बहाल करना है.

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रुपये को बचाने को अब आगे आया RBI, उठाए 3 सख्‍त कदम, दिखा असर Zoom

रुपया ऐतिहासिक लो के निकट कारोबार कर रहा है.

नई दिल्‍ली. पिछले काफी समय से रुपया दबाव में चल रहा है. रुपये की ऐतिहासिक गिरावट को थामने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब पूरी ताकत से मैदान में उतर आया है. रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर के मुहाने पर पहुंच चुका है. शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 96.73 के स्तर पर बंद हुआ था, जो मई में दर्ज इसके सर्वकालिक निचले स्तर 96.96 के बेहद करीब है. इसी को देखते हुए आरबीआई ने शनिवार को कई कड़े और निर्णायक कदमों का ऐलान किया. डॉलर की मांग को नियंत्रित करने और रुपये को तुरंत ‘ऑक्‍सीजन’ देने के मकसद से केंद्रीय बैंक ने तीन प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों के लिए अपनी विदेशी मुद्रा तिजोरी का मुंह खोल दिया है.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल का आयात देश में डॉलर की मांग का सबसे बड़ा जरिया है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय बैंक ने इंडियन ऑयल (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) की दैनिक डॉलर जरूरतों को पूरा करने के लिए एक विशेष विंडो खोली है. नई व्‍यवस्‍था के तहत सोमवार से ये तीनों तेल कंपनियां बाजार से डॉलर खरीदने के बजाय सीधे आरबीआई के विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर ले सकेंगी. इसका फायदा यह होगा कि मुद्रा बाजार में अचानक डॉलर की भारी मांग पैदा नहीं होगी. रुपये की विनिमय दर में होने वाला तेज उतार-चढ़ाव पर भी लगाम लगेगी.

डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लिमिट में 95% कटौती

रुपये के खिलाफ सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए आरबीआई ने करेंसी डेरिवेटिव बाजार के नियमों को सख्त किया है. आरबीआई ने एक्सचेंज-ट्रेडेड करेंसी डेरिवेटिव में पोजीशन लिमिट को 10 करोड़ डॉलर से घटाकर 50 लाख डॉलर कर दिया है. विदेशी मुद्रा कारोबारियों को ग्राहकों के लिए किसी भी विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव सौदे को दोबारा बुक (re-book) करने की अनुमति भी नहीं होगी. ट्रेडर्स के लिए प्रत्येक लेनदेन की नॉशनल राशि का 20 फीसदी फॉरेन एक्सचेंज रिस्क रिजर्व के रूप में अलग रखना अनिवार्य कर दिया गया है. ऐसा बाजार में कृत्रिम अस्थिरता पैदा होने से रोकने को किया गया है.

रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब रुपया

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की मौजूदा स्थिति काफी संवेदनशील है. शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 96.73 के स्तर पर बंद हुआ था, जो मई में दर्ज इसके सर्वकालिक निचले स्तर 96.96 के बेहद करीब है. हालांकि, शनिवार को RBI के इन कड़े फैसलों का असर नॉन-डिलीवरेबल फॉरवर्ड (NDF) बाजार में तुरंत देखने को मिला. बहुत कम कारोबार के बीच एक महीने के डॉलर-रुपया कॉन्ट्रैक्ट में करीब 40 पैसे की गिरावट दर्ज की गई.



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