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चित्रकूट में जिला प्रशासन के द्वारा श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से राहत दिलाने और मेला क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से आधुनिक पार्किंग विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है. जिसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस आधुनिक पार्किंग में श्रद्धालुओं और वाहन चालकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा. पार्किंग में शौचालय, पर्याप्त लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बना ली गई है. इससे यहां वाहन खड़े करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी.
चित्रकूटः धर्म नगरी चित्रकूट प्रभु श्रीराम की तपोस्थली के रूप में विश्व प्रसिद्ध है. यहां हर महीने अमावस्या समेत विभिन्न धार्मिक पर्वों और विशेष अवसरों पर मेले का आयोजन होता है. इन अवसरों पर उत्तर प्रदेश सहित मध्य प्रदेश और देश के अलग-अलग राज्यों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान कामदगिरि की परिक्रमा करने, मंदाकिनी नदी में स्नान करने और प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण चित्रकूट में यातायात व्यवस्था संभालना जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. खासकर चार पहिया वाहनों, बसों और अन्य निजी वाहनों के शहर में प्रवेश करने से कई स्थानों पर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है, इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
डेढ़ करोड़ से बनेगा आधुनिक पार्किंग
वही अब जिला प्रशासन के द्वारा श्रद्धालुओं को इस समस्या से राहत दिलाने और मेला क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से आधुनिक पार्किंग विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है. जिसमें करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस आधुनिक पार्किंग में श्रद्धालुओं और वाहन चालकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा. पार्किंग में शौचालय, पर्याप्त लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बना ली गई है. इससे यहां वाहन खड़े करने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी.
मेला क्षेत्र में वाहनों का दबाव होगा कम
वही इस संबंध में चित्रकूट डीएम पुलकित गर्ग ने लोकल 18 को जानकारी में बताया कि अमावस्या मेले के दौरान चित्रकूट के रामघाट, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास श्रद्धालुओं की आवाजाही काफी बढ़ जाती है. ऐसे में बड़ी संख्या में चार पहिया वाहनों और बसों के शहर के अंदर पहुंचने से सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है.कई बार वाहनों की लंबी कतारें लगने से श्रद्धालुओं को पैदल चलने में भी परेशानी होती है,नई पार्किंग बनने के बाद बाहर से आने वाले वाहनों को मेला क्षेत्र से दूर निर्धारित स्थान पर खड़ा कराने की व्यवस्था की जाएगी. इससे धार्मिक स्थलों के आसपास अनावश्यक वाहनों की भीड़ कम करने में मदद मिलेगी. उनका कहना है कि इस प्रोजेक्ट को टूरिज्म के माध्यम से पूरा करवाया जा रहा है.