पतियों के लिए भस्मासुर बनीं मुस्कान-रविता, होगी फांसी या उम्रकैद? कोर्ट के फैसले से पहले सुनिए वकीलों की राय

पतियों के लिए भस्मासुर बनीं मुस्कान-रविता, होगी फांसी या उम्रकैद? कोर्ट के फैसले से पहले सुनिए वकीलों की राय


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Meerut News: UP में चर्चित मुस्कान और रविता पति हत्याकांड मामले को लेकर अब कोर्ट का फैसला आने वाला है. पतियों की हत्या से जुड़े इन दोनों मामलों में 14 व 16 अक्टूबर 2026 में फैसले सुनाए जाने की तारीख तय की गई है. कोर्ट ने फैसले से पहले लोकल 18 ने वकीलों से खास बातचीत की और समझा कि इस फैसले को समाज में क्या संदेश जाएगा.

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मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में वर्ष 2025 में पतियों की हत्या से जुड़े चर्चित मामलों में अब फैसले की घड़ी आ गई है. विभिन्न सबूत गवाहों के आधार पर न्यायालय द्वारा मुस्कान और रविता द्वारा प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या किए जाने के मामले न्यायालय द्वारा इन मामलों में 14 व 16 अक्टूबर 2026 में फैसले सुनाए जाने की तारीख तय की गई है. इसी बात को ध्यान रखते हुए लोकल 18 की टीम द्वारा वकीलों से खास बातचीत की गई है.

समाज के लिए नजीर बनेगा जजमेंट
लोकल 18 की टीम से खास बातचीत करते हुए एडवोकेट गौरव कुमार तोमर ने कहा कि 14 अक्टूबर 2026 को जहां नीले ड्रम वाली मुस्कान पर फैसला आएगा, वहीं 16 अक्टूबर 2026 को रविता पर भी फैसला आना है. ऐसे में दोनों ही जजमेंट समाज के लिए एक नजीर बनेंगे. हालांकि उन्होंने कहा कि जिस तरह से हम अपराध को किसी वर्ग, जाति से जोड़ देते हैं, वह गलत है. अपराधी कभी भी किसी जाति वर्ग से नहीं होता है. अपराध करने वाला हमेशा अपराधी होता है. ऐसे में न्यायालय द्वारा जो भी जजमेंट दिया जाएग, उसका हम सभी को सम्मान करना चाहिए.

पूरे देश की टिकी निगाहें
इसी तरह से एडवोकेट कपिल मलिक ने कहा कि न्यायालय में हर तरह के दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर ही फैसला सुनाया जाता है. ऐसे में यह देखना होगा कि आखिर इन दोनों केस में मुस्कान-साहिल और रविता-उसके प्रेमी को उम्र होती है या फिर फांसी की सजा होती है. लेकिन जो भी फैसला होगा, वह एक मिसाल बनेगा. इसी तरह से एडवोकेट अंकुर चौधरी ने कहा कि जिस तरह से यह मामला वर्ष 2025 में काफी हाईलाइट रहा था, ऐसे में देशभर की निगाहें इसमें बनी हुई है.

उन्होंने कहा कि जब किसी केस में सुनवाई होती है या उसमें फैसला आता है, तो हर सबूत की बारीकी से जांच की जाती है. इस आधार पर फैसला होता है. ऐसे में यह फैसला भी ऐतिहासिक होगा. इसी तरह से एडवोकेट रजत चौधरी ने भी सभी अधिवक्ताओं की तरह की कहा कि इसमें फैसला ऐतिहासिक होगा.

एक ने ड्रम में भरा, दूसरे ने सांप से कटवाया
बताते चलें कि वर्ष 2025 की बात की जाए तो मार्च में मुस्कान द्वारा अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी. यही नहीं, उसके शव के विभिन्न टुकड़े करने के पश्चात नीले ड्रम में उन्हें भरकर प्रेमी के साथ घूमने चली गई थी. इसी तरह से कुछ ही दिन बाद रविता नामक महिला ने भी अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी थी. अपराध छुपाने के लिए एक सांप का सहारा लिया था. लेकिन दोनों ही घटनाओं के सामने आने के बाद उन पर कानूनी कार्रवाई की गई. जिस पर अब अक्टूबर माह में फैसला आना है. ऐसे में तो मेरठ ही नहीं, बल्कि देश भर की निगाहें इस फैसले पर बनी हुई है.



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