असम-त्रिपुरा के कारीगर दिखाएंगे हुनर, पूर्णिया की दुर्गाबाड़ी में 1 लाख बांस से बनेगा पंडाल, खर्च होंगे 15 लाख

असम-त्रिपुरा के कारीगर दिखाएंगे हुनर, पूर्णिया की दुर्गाबाड़ी में 1 लाख बांस से बनेगा पंडाल, खर्च होंगे 15 लाख


होमताजा खबरधर्म

पूर्णिया की दुर्गाबाड़ी में 1 लाख बांस से बनेगा पंडाल, खर्च होंगे 15 लाख

Last Updated:

Purnia Durga Puja 2026: पूर्णिया के भट्ठा दुर्गाबाड़ी मंदिर में 111वें वर्ष पर उत्तर बिहार का सबसे भव्य और इको-फ्रेंडली पंडाल बनाया जा रहा है. 15 लाख की लागत और 1 लाख बांस से बन रहे इस पंडाल को तैयार करने में 30 मजदूर 2 महीने से जुटे हैं, जो आकर्षण का केंद्र होगा.

Top Deals Inside

पूर्णिया: दुर्गा पूजा को लेकर पूर्णिया ही नहीं बल्कि अलग-अलग शहरों में अलग-अलग मंदिर प्रांगण में भव्य और आकर्षक पंडाल बनाए जा रहे हैं.वही उत्तर बिहार का सबसे बड़ा और भव्य पंडाल पूर्णिया के भट्ठा बाजार के भट्ठा दुर्गाबाड़ी मंदिर में बनाया जा रहा है. 15 लाख की लागत और 30 मजदूर के 2 महीने की समय से भव्य पंडाल को आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है.

111 साल पर खास तैयारी
बता दें कि पूर्णिया के भट्ठा दुर्गाबाड़ी मंदिर में इस बार दुर्गा पूजा खास होगा. क्योंकि पूजा समिति का 111 साल पूरा हो रहा है. 111 साल के खास आयोजन पर मंदिर कमेटी के सदस्यों के द्वारा असम त्रिपुरा और कोलकाता के खास कारीगरों के कारीगरी से इको फ्रेंडली पर्यावरण हितैषी पंडाल बनाया जा रहा है. यह पंडाल लोक कला, हस्तकला के परंपरा को जीवंत रखने के उद्देश्य से इस पंडाल को भव्य और आकर्षक बनाया जा रहा है.

1 लाख बांस और 2 महीने से 30 मजदूर की मेहनत
जानकारी देते हुए पूर्णिया भट्ठा दुर्गाबाड़ी मंदिर कमेटी के सचिव सुचित्रा कुमार घोष उर्फ बाबू दा, कमेटी के सदस्य निरंजन कुमार दत्ता, चंपक दास सहित अन्य कई मंदिर कमेटी के सदस्यों ने बताया कि पूर्णिया के भट्ठा दुर्गाबाड़ी मंदिर काफी प्राचीन मंदिरों में एक है. यह मंदिर में बंगाली पूजा पद्धति से हर साल दुर्गा पूजा का आयोजन बृहद पैमाने पर कराया जाता है. दुर्गा पूजा में भव्य और आकर्षण का केंद्र इस मंदिर परिसर में बना पंडाल होता है. हालांकि वह कहते हैं कि इस बार इस मंदिर परिसर में लगभग 1 लाख बांस से भव्य पंडाल बनाया जा रहा है.

जानिए क्या है खास तैयारी
यह पंडाल पूरी तरह पर्यावरण हितैषी होगा. साथ ही साथ इस पंडाल को बनाने में बांस और शीशे और धागों का उपयोग किया गया है. इस मंदिर के पंडाल में ना तो किसी भी तरह के कागज और ना ही कोई प्लास्टिक का प्रयोग किया गया है. यह पंडाल काफी आकर्षक और खूबसूरत बनाया गया है. साथ ही साथ पंडाल के दीवारों पर सूप, डाले सहित अन्य कई हस्तकला निर्मित तस्वीरों को और सजावटी दृश्य को बांस के फोटो पर उकेरा गया है. खास कारीगरों के द्वारा इस कारीगरी से इस पंडाल को तैयार किया जा रहा है. हालांकि यह पंडाल तीसरी पूजा तक पूरे होने की उम्मीद बताई जा रही है. ऐसे में अगर आप भी पूर्णिया के भट्ठा दुर्गाबाड़ी मंदिर परिसर का आकर्षक पंडाल और मां दुर्गा के दर्शन कर आशीर्वाद ले सकते हैं.



Source link