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Shruti Srivastava IPS Success Story: जेएनयू और हिंदू कॉलेज से पढ़ाई करने वाली श्रुति श्रीवास्तव महज 24 साल की उम्र में यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बन गईं थीं. कमाल की बात है कि उन्होंने कभी आईपीएस अफसर बनने का सपना नहीं देखा था. आईपीएस श्रुति श्रीवास्तव की सक्सेस स्टोरी काफी रोचक है.
Shruti Srivastava IPS Success Story: आईपीएस श्रुति श्रीवास्तव यूपी की सबसे कम उम्र की महिला अफसरों में शामिल हैं
नई दिल्ली (Shruti Srivastava IPS Success Story). हर साल लाखों युवा यूपीएससी सीएसई पास करके सरकारी अफसर बनने का सपना देखते हैं. उनमें से कुछ ही यह मुकाम हासिल कर पाते हैं. उत्तर प्रदेश कैडर की तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी श्रुति श्रीवास्तव की कहानी बेहद इंस्पायरिंग है. उन्होंने महज 24 साल की उम्र में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक करके उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है. यूपीएससी 2019 में उन्होंने 82वीं रैंक हासिल की थी.
आईपीएस श्रुति श्रीवास्तव बायोग्राफी
आईपीएस श्रुति श्रीवास्तव का जन्म 1 नवंबर 1995 को हुआ था. उनका जन्म दिल्ली में हुआ था. उनके पिता का नाम संजय श्रीवास्तव है.
जेएनयू और हिंदू कॉलेज से पढ़ाई करने वाली आईपीएस अफसर
दिल्ली की रहने वाली श्रुति श्रीवास्तव की शैक्षणिक बैकग्राउंड बेहद शानदार रही है. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मशहूर हिंदू कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद उन्होंने देश के टॉप शिक्षण संस्थान जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन (एमए) किया. इसके बाद उन्होंने नेट-जेआरएफ की परीक्षा भी पास कर ली थी. हालांकि uppolice.gov.in पर उनकी क्वॉलिफिकेशन बीएससी इन इंग्लिश दर्ज है. एकेडमिक दुनिया में उनका भविष्य बिल्कुल सुरक्षित था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
सीनियर की सलाह से बदली जिंदगी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉलेज के दिनों में श्रुति श्रीवास्तव का लक्ष्य सिर्फ प्रोफेसर बनकर पढ़ाना था. लेकिन एक सीनियर की सलाह ने उनकी सोच बदल दी. सीनियर ने उन्हें समझाया कि प्रोफेसर बनने की तुलना में सिविल सेवा में करियर बनाने का दायरा और प्रभाव ज्यादा होता है. इसने उनके मन में चिंगारी का काम किया. उन्होंने लोकसभा सचिवालय में करीब 2 साल तक नौकरी करते हुए UPSC की तैयारी शुरू कर दी. बिना किसी कोचिंग के सेल्फ-स्टडी के बल पर उन्होंने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल कर ली.