Faridabad News : ‘कभी कल बुलाते हैं, कभी परसों’, 72 साल की उम्र में पेंशन के लिए चक्कर काट रहे फरीदाबाद के देव

Faridabad News : ‘कभी कल बुलाते हैं, कभी परसों’, 72 साल की उम्र में पेंशन के लिए चक्कर काट रहे फरीदाबाद के देव


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Faridabad ki local news : हरियाणा में ऑटोमेटिक पेंशन के दावों के बीच फरीदाबाद के बुजुर्ग परेशान हैं. 72 साल की उम्र में भी देव सिंह की पेंशन नहीं बनी. लोग कई महीने से फैमिली आईडी में सुधार के लिए चक्कर काट रहे हैं. आय संबंधी गड़बड़ी की वजह से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है. लोकल 18 से देव सिंह बताते हैं कि मैं बहुत परेशान हूं. कभी कहते हैं कल आना, तो कभी परसों आने के लिए बोलते हैं, लेकिन अभी तक पेंशन नहीं बनी है. 72 साल की उम्र पेंशन बनवाने के लिए चक्कर काटकर परेशान हो चुका हूं. राम मनेश बताते हैं कि मैं पिछले 7 महीने से अपनी फैमिली आईडी से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए दफ्तरों में भटक रहा हूं.

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फरीदाबाद. हरियाणा सरकार की ओर से पात्र बुजुर्गों की पेंशन ऑटोमेटिक बनाने की व्यवस्था के दावे किए जाते हैं, लेकिन फरीदाबाद में कई लोग अब भी पेंशन और फैमिली आईडी से जुड़ी समस्याओं को लेकर परेशान हैं. पेंशन की उम्र पूरी होने के बाद भी कुछ बुजुर्गों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. फैमिली आईडी में आय अधिक दर्ज होने के कारण भी लोगों के काम अटक रहे हैं. अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लोग सरकारी कार्यालयों और सीएससी सेंटरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं. लोग अपने बच्चों के स्कूल में दाखिला भी नहीं करवा पा रहे हैं. लोकल 18 से देव सिंह बताते हैं कि मेरी पेंशन की दिक्कत है. यहां आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन अभी तक मेरी पेंशन नहीं बनी है. मैं बहुत परेशान हूं. कभी कहते हैं कल आना, तो कभी परसों आने के लिए बोलते हैं, लेकिन अभी तक पेंशन नहीं बनी है. मेरी उम्र 72 साल है और मैं फरीदाबाद के पल्ला में रहता हूं. मेरे सभी डॉक्यूमेंट तैयार हैं, उसके बावजूद मेरी पेंशन नहीं बनी है. पेंशन बनवाने के लिए चक्कर काटकर बहुत परेशान हो चुका हूं.

काम छोड़कर आना पड़ रहा

राम मनेश बताते हैं कि मैं पिछले 6 से 7 महीने से अपनी फैमिली आईडी से जुड़ी समस्या के समाधान के लिए चक्कर काट रहा हूं. लेकिन अब तक काम नहीं हुआ है. कभी मुझे सेक्टर-11 स्थित कार्यालय में जाने के लिए कहा जाता है, तो कभी सीएससी सेंटर भेज दिया जाता है. वहां पहुंचने पर फिर कार्यालय जाने की बात कही जाती है. इस तरह वह लंबे समय से परेशान हो रहा हूं. मैं फरीदाबाद मजदूरी करके अपना गुजारा करता हूं. बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है. ऐसे में मुझे काम छोड़कर सरकारी कार्यालयों में आना पड़ता है. बच्चे की पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर पड़ रहा है. योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी आ रही है.

सिर्फ एक मांग

लोगों का कहना है कि आय से जुड़ी जानकारी ठीक कराने के लिए भी उन्हें बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं. कुछ लोग पेंशन नहीं बनने की समस्या से परेशान हैं. फैमिली आईडी में दिक्कत होने की वजह से बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया है. उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है. लोगों की मांग है कि पेंशन और फैमिली आईडी से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, ताकि पात्र बुजुर्गों को पेंशन मिल सके और दूसरे लोगों के रुके हुए काम भी पूरे हो सकें.



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