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Motihari News: 10 अक्टूबर को बिहार बंद के ऐलान के बाद मोतिहारी प्रशासन अलर्ट हो गया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से बंद का आह्वान किया गया है. इसे देखते हुए SDM और SDPO ने शहर के बड़े कोचिंग संचालकों और छात्रों के साथ बैठक की. अधिकारियों ने SIR पर उनका फीडबैक लिया और किसी भी तरह के आंदोलन में बेवजह शामिल नहीं होने की नसीहत दी.
मोतिहारीः 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से बिहार बंद का आह्वान किया गया. इसके बाद मोतिहारी जिला प्रशासन एक्टिव हो गया. सदर SDM अरुण कुमार पांडेय और SDPO दिलीप कुमार ने शहर के बड़े कोचिंग संस्थानों के संचालकों और छात्रों के साथ मीटिंग की. इस दौरान SIR के मुद्दे पर उनकी राय और फीडबैक लिया. अफसरों ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी आंदोलन में बिना वजह शामिल न हों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें.
छात्रों से फीडबैक लिया
बंद के आह्वान को देखते हुए प्रशासन कोचिंग संस्थानों और छात्रों से संपर्क कर रहा है. अधिकारियों ने उनसे SIR के मुद्दे पर बातचीत की और संभावित बंद को लेकर उनकी राय जानी. प्रशासन का उद्देश्य छात्रों को जागरूक करना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी विरोध प्रदर्शन के दौरान पढ़ाई तथा सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो. मोतिहारी सदर SDM अरुण कुमार पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र में धरना-प्रदर्शन और विरोध करना लोगों का अधिकार है. हालांकि, किसी भी प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए. प्रशासन कोचिंग संचालकों और छात्रों को समझा रहा है कि वे किसी भी तरह की भीड़ का हिस्सा बनने से पहले स्थिति को समझें और शांति बनाए रखें.
SDPO ने भी दी छात्रों को नसीहत
सदर SDPO दिलीप कुमार ने कहा कि प्रशासन को 10 अक्टूबर को बंद के आह्वान की जानकारी मिली है. इसके बाद कोचिंग सेंटरों के संचालकों और छात्रों से फीडबैक लिया जा रहा है. अधिकारियों ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अव्यवस्था में शामिल न हों. प्रशासन की ओर से बंद के आह्वान को देखते हुए स्थिति पर नजर रखी जा रही है. अब सबकी नजर 10 अक्टूबर पर है कि बंद का आह्वान किस तरह असर दिखाता है और शहर में सामान्य गतिविधियां किस तरह चलती हैं.