gym side effect | gym ke nuksan | health tips | जिम में एक्सरसाइज करते-करते कैसे चली जाती है लोगों की जान? सांसें थमने के राज का डॉक्टर ने किया खुलासा

gym side effect | gym ke nuksan | health tips | जिम में एक्सरसाइज करते-करते कैसे चली जाती है लोगों की जान? सांसें थमने के राज का डॉक्टर ने किया खुलासा


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Faridabad News: जिम में एक्सरसाइज करते समय अचानक हार्ट अटैक क्यों आता है? फरीदाबाद के अमृता हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. गौतम सिंघल इसे लेकर खास जानकारी दी है. जानिए, जिम में किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और 30 से 40 साल की उम्र में एक्सरसाइज से पहले कौन-सी जांच जरूरी है.

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फरीदाबाद: आजकल जिम में एक्सरसाइज करते समय अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने और हार्ट अटैक आने की खबरें सामने आती रहती हैं. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठता है कि जब कोई व्यक्ति देखने में पूरी तरह फिट है, तो उसे दिल की बीमारी कैसे हो सकती है? इस बारे में फरीदाबाद अमृता हॉस्पिटल के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. गौतम सिंघल बताते हैं कि शरीर से फिट दिखने का मतलब यह नहीं है कि आपका दिल भी पूरी तरह स्वस्थ है.

डॉ. गौतम सिंघल बताते हैं कि कई बार लोगों को दिल से जुड़ी अंदरूनी बीमारी होती है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते. जब वे जिम में अचानक ज्यादा एक्सरसाइज करने लगते हैं, तो बीमारी के लक्षण सामने आ सकते हैं. कई लोग दूसरों को देखकर अपनी क्षमता से ज्यादा वजन उठाने या एक्सरसाइज करने लगते हैं. ऐसा करना जोखिम भरा हो सकता है.

हर उम्र के लिए अलग है एक्सरसाइज
डॉ. गौतम सिंघल बताते हैं कि एक्सरसाइज को दोष नहीं देना चाहिए. व्यायाम हर उम्र के व्यक्ति के लिए फायदेमंद है, लेकिन यह जानना जरूरी है कि किस उम्र में किस तरह का व्यायाम करना चाहिए. 70 साल के बुजुर्ग, 50 साल के व्यक्ति और 20 से 40 साल के युवाओं के लिए एक्सरसाइज का तरीका अलग हो सकता है.

जिम में बेहोश होना खतरनाक संकेत
डॉ. गौतम सिंघल बताते हैं कि जिम में अचानक बेहोश होने की वजह पानी की कमी या ब्लड प्रेशर में बदलाव हो सकता है. हालांकि, इसके पीछे वेंट्रिकुलर टैकीकार्डिया और वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है. हर जिम में ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) होना चाहिए. इसके साथ ही लोगों को सीपीआर की जानकारी भी होनी चाहिए.

सीने में दबाव और चक्कर आएं तो रुक जाएं
डॉ. गौतम सिंघल बताते हैं कि एक्सरसाइज के दौरान हल्का पसीना आना, सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होना सामान्य हो सकता है. लेकिन अगर सांस बहुत ज्यादा फूलने लगे, सीने में दबाव महसूस हो, चक्कर आएं या अचानक बहुत ज्यादा पसीना आने लगे, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में तुरंत एक्सरसाइज रोककर मेडिकल जांच करानी चाहिए.

30 से 40 साल की उम्र में जांच जरूरी
डॉ. गौतम सिंघल बताते हैं कि भारतीयों में दिल की बीमारियां कम उम्र में भी सामने आ रही हैं. इसलिए 30 से 40 साल की उम्र में जिम शुरू करने से पहले ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल और जरूरत के अनुसार ईसीजी व इको की जांच करानी चाहिए. जिनके परिवार में कम उम्र में अचानक मृत्यु होने का इतिहास है, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए. सही जांच, अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम और लक्षणों पर ध्यान देकर दिल से जुड़े जोखिम को कम किया जा सकता है.

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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