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Bhopal News: मुख्य सचिव (CS) अशोक वर्णवाल ने गुरुवार को VC में कलेक्टर और कमिश्नर को स्पष्ट किया था कि वे अब सख्ती से स्वामित्व योजना के काम में जुट जाएं. ग्वालियर संभागायुक्त मनोज खत्री ने CS से कहा कि पटवारी बोल रहे हैं कि राजधानी भोपाल में पटवारियों के केंद्रीय संघ से उन्हें काम करने के निर्देश नहीं मिले हैं. इसपर मुख्य सचिव ने सख्त लहजे में कहा कि जिला या संभाग आप लोग चला रहे हैं या पटवारी.
अब तक 3430 पटवारियों को नोटिस जारी किया जा चुका है.
भोपाल. मध्य प्रदेश में 50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री की तैयारी के बीच करीब 23000 पटवारियों की भूमिका पर विवाद खड़ा हो गया है. भोपाल में पटवारी संघ के जिलाध्यक्षों की बैठक में फैसला लिया गया कि पटवारी स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री के निष्पादक के रूप में काम नहीं करेंगे. देवास से शुरू हुई पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई अब तक कई जिलों में पहुंच गई है. स्वामित्व योजना के 22 दिन बीत जाने के बाद अब तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई है. जिसके बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. कलेक्टरों को 7 दिन की मोहलत दी गई है कि वे रजिस्ट्री करवाकर परफॉर्मेंस दिखाएं वरना उनका परफार्मेंस रिव्यू किया जाएगा. काम पूरा न होने की दशा में यह उनका फेल्योर माना जाएगा. सरकार की ओर से यह वॉर्निंग ऐसे समय पर आई है, जब योजना की तय मियाद में अब केवल 9 दिन बचे हैं. इस कार्रवाई के विरोध में सूबे के पटवारियों ने गुरुवार से रविवार तक सामूहिक छुट्टी ले ली है.
मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने बीते दिन वीडियो कांफ्रेंसिंग में कलेक्टर और कमिश्नर को स्पष्ट किया था कि वे अब सख्ती से काम में जुट जाएं. ग्वालियर संभागायुक्त मनोज खत्री ने इस बारे में कहा कि पटवारी बोल रहे हैं कि राजधानी भोपाल में पटवारियों के केंद्रीय संघ से उन्हें काम करने के निर्देश नहीं मिले हैं. इसपर मुख्य सचिव ने सख्त लहजे में कहा कि जिला या संभाग आप लोग चला रहे हैं या पटवारी. पटवारियों की मांग मान ली गई है. अब विरोध का कोई मुद्दा नहीं है. रजिस्ट्री का काम फौरन शुरू कराइए.
अब तक 29 पटवारी बर्खास्त
बताते चलें कि स्वामित्व योजना मामले में अब तक 3430 पटवारियों को नोटिस दिया जा चुका है. 129 को निलंबित किया गया है. वहीं 29 पटवारियों को बर्खास्त कर कलेक्टरों को अल्टीमेटम दिया गया है.
पटवारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
अनूपपुर में पटवारियों ने उनके खिलाफ सेवा समाप्ति, निलंबन और अन्य दंडात्मक कार्रवाई के विरोध में मोर्चा खोल दिया है. पटवारी संघ ने 9 अक्टूबर को कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है. संघ ने मांग पूरी होने तक ऑनलाइन राजस्व कार्यों से दूर रहने का निर्णय लिया है. पटवारी संघ का आरोप है कि देवास सहित प्रदेश के अन्य जिलों में पटवारियों पर की जा रही दंडात्मक कार्रवाई अनुचित है. संघ ने संबंधित कार्रवाई तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा. पटवारियों की हड़ताल से राजस्व कार्य प्रभावित होने की आशंका है.
आगर-मालवा में भी विरोध
7 अक्टूबर को आगर-मालवा जिले के पटवारियों ने कलेक्टोरेट परिसर में धरना दिया था. उन्होंने स्वामित्व योजना के विरोध में जमकर नारेबाजी की और जिले के पांच परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्ति का विरोध किया. पांचों पटवारियों की सम्मानपूर्वक बहाली की मांग की गई. उन्होंने स्वामित्व योजना की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि भूस्वामी का नाम दर्ज होने के बाद दोबारा रजिस्ट्री क्यों की जा रही है. रजिस्ट्री में पटवारियों को विक्रेता बताए जाने पर आपत्ति जताई जा रही है. विरोध के बीच पटवारियों ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिया. पटवारी संघ ने तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश की सूचना दी. उनका कहना है कि मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और उग्र होगा. पांचों साथियों को बहाल नहीं किया, तो सभी कार्रवाई के लिए तैयार रहें.
जबलपुर में भी पटवारियों पर एक्शन
वहीं जबलपुर में शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने पर 17 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है. दो पटवारियों की वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है. 164 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. सभी पटवारी जिले की अलग-अलग तहसीलों में पदस्थ हैं. फार्मर रजिस्ट्री, बकेट क्लेम, पीएम किसान योजना, किसानों की ई-केवायसी और स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन कार्य में लापरवाही बरतने से जुड़ा यह मामला है.