साउथ सिनेमा की खूबसूरत हीरोइन, जिस पर अपनों ने किया जुल्म-ओ-सितम, दरगाह के बाहर बुरे हाल में मिली थी

साउथ सिनेमा की खूबसूरत हीरोइन, जिस पर अपनों ने किया जुल्म-ओ-सितम, दरगाह के बाहर बुरे हाल में मिली थी


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Guess The Actress: एक्ट्रेस को कमल हासन की ‘टिक टिक टिक’ जैसी फिल्मों से पॉपुलैरिटी मिली थी. उन्होंने रजनीकांत की ‘श्री राघवेंद्र’ में भी अभिनय किया था. वे भले साइड रोल में नजर आईं, मगर अभिनय और खूबसूरती ने उन्हें स्टार बना दिया. वक्त के साथ लोकप्रियता घटी, तो फिल्में मिलना बंद हो गईं. मगर आलीशान जिंदगी की आदत और खराब लोगों की संगत ने उन्हें वेश्यावृत्ति की ओर धकेल दिया. वे सालों बाद एक दरगाह के बाहर बुरी हालत में मिली. उनके शरीर पर कीड़े रेंग रहे थे. जांच के बाद पता चला कि उन्हें एड्स था. उन्होंने 2007 में आखिरी सांस ली.

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नई दिल्ली: एक्ट्रेस ने कभी साउथ सिनेमा के बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर किया था. हालांकि, पॉपुलैरिटी खत्म होने के बाद जब गुमनामी का दौर आया, तब मुश्किलों ने जीवन में दस्तक दी. हम एक्ट्रेस निशा नूर की बात कर रहे हैं, जो 1980 के दशक की साउथ सिनेमा का पॉपुलर चेहरा थीं. निशा नूर ने रजनीकांत, कमल हासन, ममूटी और मोहनलाल जैसे दिग्गजों के साथ काम किया. मगर पर्दे के चकाचौंध के पीछे उन्हें विश्वासघात, आर्थिक बर्बादी, वेश्वयावृत्ति और अकेलेपन ने निगल लिया. कभी अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर निशा नूर अपने आखिरी दिनों में कंकाल बन गई थीं. उन्हें एड्स हो गया था. एक्ट्रेस की कहानी का दुखद अंत हुआ. (फोटो साभार: AI से जेनरेटेड फोटो)

निशा नूर का जन्म तमिलनाडु में 18 सितंबर 1962 को हुआ था. फिल्म इंडस्ट्री में उनकी एंट्री एक संयोग था. दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, जब निशा छोटी थीं,तब उनके गांव में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग आए, जिनके साथ उनकी मां भी चली गई. उन्हें आगे चलकर कास्टिंग काउच से गुजरना पड़ा.

निशा नूर ने फिल्मों में जगह बनाने के लिए प्रोड्यूसर्स के साथ कंप्रोमाइज किया. आखिर, उन्होंने 1980 में तमिल फिल्म मंगला नायगी से एक्टिंग की शुरुआत की और जल्द ही तमिल, मलयालम, तेलुगु और कन्नड़ सिनेमा में अपनी पहचान बनाई. वे सहायक भूमिकाओं में होने के बावजूद अपना ध्यान खींचने में सफल रहीं. उन्होंने 1980 से 1990 के बीच ‘टिक टिक टिक’, ‘श्री राघवेंद्र’, ‘कल्याण अगाथिगल’, ‘अय्यर द ग्रेट’, ‘देवसुरम’, ‘अवल सुमंगलितान’, ‘इनिमाई इधो इधो’, ‘इलमाई कोलम’ और ‘एनक्कगा कथिरु’ सहित कई चर्चित फिल्मों में अभिनय किया.

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मगर धीरे-धीरे निशा नूर की लोकप्रियता घटने लगी. 1992 आते-आते उन्हें फिल्मों के ऑफर कम मिलने लगे. करियर धीमा पड़ा, तो वे आर्थिक संकट में फंस गईं. हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘न्यूज18बंगाली’ में प्रकाशित खबर के अनुसार, वे अपना गुजारा करने के लिए स्ट्रगल कर रही थीं. मुश्किल वक्त में परिवार और फिल्म इंडस्ट्री ने भी साथ नहीं दिया. (फोटो साभार: IMDb)

हीरोइन को एक फिल्ममेकर से प्यार हो गया था, जिसने कथित तौर पर उसके भरोसे का फायदा उठाया. कहते हैं कि निर्माता ने उसे छोड़ने से पहले उसकी सारी बचत हड़प ली थी, जिससे वह घोर आर्थिक संकट में फंस गई. एक्ट्रेस की हालत इतनी बिगड़ी कि वे वेश्यावृत्ति करने को मजबूर हो गईं. वे 1995 में अचानक गायब हो गई थीं.

कई साल बाद पता चला कि निशा नूर तमिलनाडु के एक दरगाह के बाहर सड़कों पर रह रही थीं. वे बिल्कुल बदल गई थीं. कभी अपनी खूबसूरती और अभिनय के लिए मशहूर हीरोइन इतनी दुबली-पतली हो गई थीं कि उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा था. उनके शरीर पर कीड़े पड़ गए थे.

पता चला है कि एक एनजीओ ने उन्हें बचाया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों को जांच के बाद पता ला कि वे एड्स से संक्रमित थीं. एक्ट्रेस की हालत तब तक काफी बिगड़ चुकी थी.

निशा नूर का काफी इलाज हुआ, मगर जटिलताओं की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका. उन्होंने साल 2007 में अंतिम सांस ली. बताया जाता है कि उस समय उनकी आयु सिर्फ 45 साल थी. निशा नूर ने तमिल फिल्म ‘मंगला नायगी’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी.

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