बॉलीवुड सितारों के घरों में क्यों बढ़ रहा है ‘Indoor Breakfast Corner’? क्या आम घरों में भी बन सकता है ऐसा स्पेस?

बॉलीवुड सितारों के घरों में क्यों बढ़ रहा है ‘Indoor Breakfast Corner’? क्या आम घरों में भी बन सकता है ऐसा स्पेस?


Indoor Breakfast Corner: सुबह की चाय या नाश्ता अगर बेडरूम और टीवी के बीच भागते-भागते हो तो घर की खूबसूरती के बावजूद उस वक्त का मजा कम हो जाता है. शायद यही वजह है कि घर सजाने के नए तरीकों में एक छोटा सा बदलाव लोगों का ध्यान खींच रहा है. बड़े और लग्जरी घरों में खिड़की के पास रखी छोटी टेबल, आरामदायक कुर्सियां और हल्की रोशनी वाला कोना अब सिर्फ खाने की जगह नहीं बल्कि घर के खास हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है.

बॉलीवुड स्टार्स के खूबसूरत घरों की तस्वीरों में भी ऐसे कॉर्नर नजर आते हैं. हालांकि इसके लिए बड़ा घर या भारी बजट जरूरी नहीं है. थोड़ी समझदारी से छोटे फ्लैट में भी ऐसा स्पेस बनाया जा सकता है.

क्या होता है इंडोर ब्रेकफास्ट कॉर्नर

इंडोर ब्रेकफास्ट कॉर्नर घर में बनाई गई ऐसी छोटी डाइनिंग जगह होती है जहां सुबह का नाश्ता, चाय या कॉफी आराम से बैठकर ली जा सके. आमतौर पर इसे किचन, डाइनिंग एरिया या खिड़की के आसपास तैयार किया जाता है. इसका मकसद अलग कमरा बनाना नहीं बल्कि घर के किसी खाली हिस्से को उपयोगी बनाना होता है. बड़े घरों में इसके लिए विंडो सीटिंग, छोटी गोल टेबल और दो-चार कुर्सियों का इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं छोटे घर में दीवार से लगी फोल्डिंग टेबल या संकरी कंसोल टेबल भी काम आ सकती है. इस तरह जगह ज्यादा घिरे बिना एक अलग एहसास मिलता है.

बॉलीवुड घरों से क्यों मिल रहा है यह आइडिया

सेलेब्रिटीज के घरों की तस्वीरों में अक्सर बड़े लिविंग रूम, खुली खिड़कियां और खूबसूरती से सजे छोटे-छोटे बैठने वाले हिस्से दिखाई देते हैं. ऐसे स्पेस लोगों को इसलिए भी पसंद आते हैं क्योंकि वे घर को होटल या कैफे जैसा बनाने के बजाय ज्यादा निजी और आरामदायक लुक देते हैं. ब्रेकफास्ट कॉर्नर का एक फायदा यह भी है कि इसमें जरूरत के हिसाब से सजावट बदली जा सकती है. सुबह यहां नाश्ता किया जा सकता है और बाद में यही जगह किताब पढ़ने, कॉफी पीने या कुछ देर बैठने के काम आ सकती है.

छोटी जगह में कैसे बनाएं

अगर घर में जगह कम है तो सबसे पहले ऐसा कोना चुनें जहां आने-जाने में परेशानी न हो. खिड़की के पास की जगह इसके लिए अच्छी हो सकती है क्योंकि वहां प्राकृतिक रोशनी मिलती है. हालांकि खिड़की न हो तो भी चिंता की जरूरत नहीं है. दीवार के पास एक छोटी टेबल रखकर उसके ऊपर गर्म रोशनी वाली लैंप लगाई जा सकती है. दो भारी कुर्सियों की जगह हल्की चेयर या स्टूल चुनें. गोल टेबल भी छोटे कमरे में सुविधाजनक रहती है क्योंकि उसके कोने नहीं होते और आसपास चलने की जगह बनी रहती है, अगर जगह बहुत कम है तो दीवार पर लगने वाली फोल्डिंग टेबल बेहतर विकल्प हो सकती है.

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सजावट में रखें सादगी

इस कॉर्नर को खूबसूरत बनाने के लिए बहुत सारी चीजें रखने की जरूरत नहीं है. एक छोटा पौधा, साधारण टेबल मैट, सुंदर कप या छोटा सा वॉल फ्रेम ही काफी हो सकता है. बहुत ज्यादा सजावटी सामान रखने से जगह भरी-भरी दिखाई दे सकती है. अगर आपका घर पहले से रंगीन है तो ब्रेकफास्ट कॉर्नर में न्यूट्रल रंग के फर्नीचर रखे जा सकते हैं. वहीं सादे इंटीरियर में लकड़ी की टेबल और हल्के रंग की कुर्सियां गर्माहट जोड़ सकती हैं.

बजट में बन सकता है स्पेस

इसके लिए महंगा फर्नीचर खरीदना जरूरी नहीं है. घर में पहले से मौजूद छोटी टेबल और दो कुर्सियों से शुरुआत की जा सकती है. पुरानी टेबल को साफ करके या उस पर नया टेबल रनर डालकर भी लुक बदला जा सकता है. किचन के पास जगह हो तो एक पतली टेबल लगाकर उसे ब्रेकफास्ट जोन का रूप दिया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर उसी टेबल का इस्तेमाल काम करने या सामान रखने के लिए भी किया जा सकता है.

सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है यह कॉर्नर

इंडोर ब्रेकफास्ट कॉर्नर का सबसे अच्छा हिस्सा यह है कि यह घर की वास्तविक जरूरत से जुड़ा स्पेस हो सकता है. परिवार सुबह कुछ मिनट साथ बैठ सकता है. किसी को जल्दी ऑफिस जाना हो तो वहीं नाश्ता किया जा सकता है. अकेले रहने वाला व्यक्ति भी चाय के साथ कुछ देर आराम कर सकता है.



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