Last Updated:
Bahraich News: बहराइच के नंदा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज कथित फर्जी डिग्रियों और करोड़ों रुपये की फीस वसूली का बड़ा मामला सामने आया है. कॉलेज प्रबंधन की धोखाधड़ी और अपने अनिश्चित भविष्य से आहत होकर सैकड़ों छात्र बहराइच के धरना स्थल पर बेमियादी हड़ताल पर बैठ गए हैं.
बहराइच: नंदा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल कॉलेज सोहरवा, तौबाजोत रोड द्वारा दी गई कथित फर्जी डिग्रियों और करोड़ों रुपये की फीस वसूली के मामले ने तूल पकड़ लिया है. कॉलेज प्रबंधन की धोखाधड़ी और अपने अनिश्चित भविष्य से आहत होकर सैकड़ों छात्र बहराइच के धरना स्थल पर बेमियादी हड़ताल पर बैठ गए हैं. छात्रों का आरोप है कि चार से छह साल बर्बाद होने और लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद उन्हें या तो फर्जी डिग्रियां थमा दी गईं या मार्कशीट दी ही नहीं गईं. धरना स्थल पर मौजूद सुनीता शेखर निवासी कोरियाधारी, बहराइच ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्होंने घर वालों को मनाकर 2 से 3 लाख रुपये लगाकर एडमिशन लिया था. लेकिन फर्जी डिग्री के इस मामले के कारण उनकी शादी तक टूट गई.
वहीं बी.फार्मा 2020-21 बैच की छात्रा अंशिका सिंह निवासी नानपारा ने बताया कि 4 साल का कोर्स छठे साल में प्रवेश कर चुका है. जो बच्चे फर्जी डिग्री लेकर नौकरी की तलाश में जा रहे हैं, उन्हें वहां से फर्जीवाड़े का ठप्पा लगाकर लौटाया जा रहा है. छात्राओं का कहना है कि वे तीन बार लखनऊ जाकर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और मुख्यमंत्री कार्यालय में भी न्याय की गुहार लगा चुके हैं. जब तक कॉलेज को सीज नहीं किया जाता और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा.
अलग-अलग यूनिवर्सिटी की फर्जी मार्कशीट
प्रकरण में धोखाधड़ी के अनोखे मामले सामने आ रहे हैं. अंकित कुमार दुबे डी.फार्मा छात्र के अनुसार, उनसे 1.5 लाख रुपये वसूले गए, लेकिन वैध डिग्री नहीं मिली. उल्टे फर्जी डिग्री के नाम पर गाजीपुर थाने में छात्रों पर मुकदमे दर्ज हो गए हैं. अमेश कुमार वर्मा डी.फार्मा छात्र को संस्थान द्वारा एक ही साल की दो अलग-अलग यूनिवर्सिटी सिंघानिया और बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की मार्कशीट पकड़ा दी गई, जिनका फार्मा काउंसिल में रजिस्ट्रेशन ही नहीं हो रहा है. बीएससी नर्सिंग 2021 बैच के छात्रों को अभी तक न तो मार्कशीट मिली है और न ही उनका रजिस्ट्रेशन कराया गया है.
दर्ज हो चुकी है FIR, दो आरोपी गिरफ्तार
छात्रों का दावा है कि करीब 10,000 बच्चों का भविष्य अंधकार में है और प्रबंधक के जेल जाने के बाद भी कॉलेज खुलेआम चल रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी महोदय से मिला था. नंदा इंस्टीट्यूट के संचालक के विरुद्ध दो माह पूर्व ही एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है. शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है.
जिलाधिकारी द्वारा छात्रों को आश्वस्त किया गया है कि उनकी सभी जायज मांगों को पूरा किया जाएगा और धोखाधड़ी के शिकार हुए छात्रों को राहत दिलाने की हर संभव कानूनी कार्रवाई की जा रही है. राजेश प्रसाद, सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया है छात्रों ने चेतावनी दी है कि आश्वासन से आगे बढ़कर जब तक कॉलेज सीज करने और वैध डिग्री या मुआवजा देने की ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे धरना स्थल से पीछे नहीं हटेंगे. फिलहाल छात्रों को समझा बुझाकर उनका धरना समाप्त कर दिया गया है.