Last Updated:
Double Typhoon Attack: भारत में मानसून का सीजन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है लेकिन एशिया में अब भी रह-रहकर तूफानों का बवाल देखा जा रहा है. इसी सिलसिले में एक बार फिर से भारत का दोस्त जापान अलर्ट पर है क्योंकि यहां एक नहीं दो-दो तूफानों का प्रभाव देखा जा रहा है.
जापान में जुड़वां तूफानों का अलर्ट. (क्रेडिट- रॉयटर्स-फाइल फोटो)
Typhoon no 28-29 Big Impact: एशिया में एक बार फिर से मौसम अपना विकराल रूप दिखाने वाला है. जापान के आसपास समुद्री मौसम एक बार फिर चुनौतीपूर्ण होने वाला है. दो शक्तिशाली तूफान- टाइफून नंबर 28 और टाइफून नंबर 29 जापान से काफी दूर समुद्र में आगे की ओर बढ़ रहे हैं. फिलहाल दोनों के सीधे जापान के तट से टकराने की संभावना नहीं है, लेकिन इनसे उठने वाली ऊंची लहरें देश के प्रशांत तट के लिए परेशानी बढ़ा सकती हैं.
8 अक्टूबर सुबह 6 बजे तक टाइफून नंबर 28 मिनामीतोरीशिमा के पास करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था. हालांकि यह तूफान अपनी अधिकतम ताकत को पार कर चुका है और इसके बादल कमजोर पड़ने लगे हैं, फिर भी इसे शक्तिशाली तूफान माना जा रहा है. इसकी अधिकतम लगातार हवा की रफ्तार करीब 35 मीटर प्रति सेकंड, यानी लगभग 126 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई. अनुमान है कि यह तूफान 10 अक्टूबर के आसपास उत्तर की दिशा में मुड़ जाएगा और जापान के मुख्य द्वीपों से काफी दूर समुद्र के ऊपर से आगे बढ़ेगा.
तूफान नंबर 29 और ज्यादा ताकतवर
इस तूफान से तो फिर भी बचा जा सकता है लेकिन दूसरी ओर टाइफून नंबर 29 वेक आइलैंड के पास मौजूद है और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए लगातार मजबूत हो रहा है. मौसम अनुमान के मुताबिक 10 अक्टूबर तक इसकी अधिकतम लगातार हवा की रफ्तार 45 मीटर प्रति सेकंड, यानी करीब 162 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इसके बाद यह उत्तर की ओर बढ़ेगा और अगले सप्ताह अपनी दिशा बदलकर उत्तर-पूर्व की ओर जा सकता है. यह भी जापान से काफी दूर समुद्र के ऊपर रहने की संभावना है.
सीधा हमला नहीं, फिर भी बढ़ेगा समुद्र का खतरा
दोनों तूफानों के जापान से दूर रहने की संभावना है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि देश पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. समुद्र में उठने वाली बड़ी लहरें जापान के प्रशांत तट तक पहुंच सकती हैं. 10 अक्टूबर से टाइफून नंबर 28 और 29 के कारण इजू द्वीप समूह और पूर्वी तथा पश्चिमी जापान के प्रशांत तट पर 3 से 4 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं. कुछ इलाकों में खराब समुद्री स्थिति अगले सप्ताह तक बनी रह सकती है. इससे पहले टाइफून नंबर 27 के कारण भी जापान के कई तटीय इलाकों में करीब 2 मीटर ऊंची लहरें दर्ज की गई थीं.
समुद्र किनारे जाने वालों को सावधानी की सलाह
ऊंची लहरों और तेज समुद्री धाराओं का सबसे ज्यादा खतरा मछुआरों, समुद्री कर्मचारियों और तटों पर घूमने या मनोरंजन के लिए जाने वाले लोगों को हो सकता है. सामान्य मौसम होने पर भी समुद्र के भीतर दूर मौजूद तूफान अचानक तटीय इलाकों में ऊंची लहरें और खतरनाक धाराएं पैदा कर सकते हैं. इसलिए जापान के प्रशांत तट पर रहने वाले लोगों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को आने वाले दिनों में मौसम और स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है. फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि दोनों शक्तिशाली तूफानों का जापान की जमीन पर सीधा असर पड़ने की संभावना कम है.