Suraj Kumar Rai IPS, UPSC Story, Muzaffarnagar SSP: पिता की हत्या के बाद बदली सूरज की जिंदगी, इंजीनियर बनने का सपना छोड़ा और बने IPS


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UPSC Story, Muzaffarnagar SSP: जिस बेटे ने कभी इंजीनियर बनने का सपना देखा था.पिता की हत्या के बाद उसकी जिंदगी की दिशा ही बदल गई. न्याय के लिए थाने और कोर्ट के चक्कर लगाते हुए सूरज कुमार राय ने पुलिस और व्यवस्था को करीब से देखा और फिर खुद इसी सिस्टम का हिस्सा बनने का फैसला किया. यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 117वीं रैंक हासिल कर वह आईपीएस बने और अब 2018 बैच के अधिकारी सूरज कुमार राय को मुजफ्फरनगर का नया एसएसपी बनाया गया है. 7 अक्टूबर 2026 को हुई उत्तर प्रदेश की बड़ी पुलिस फेरबदल में उन्हें यह जिम्मेदारी मिली.

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IPS Story: पिता की हत्या के बाद बदली जिंदगी, इंजीनियर बनने का सपना छोड़ाZoom

Suraj Kumar Rai IPS, Muzaffarnagar SSP: आईपीएस सूरज राय की कहानी.

IPS Suraj Kumar Rai: कभी इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन कॉलेज में दाखिले के कुछ ही समय बाद पिता की हत्या ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी. न्याय के लिए थाने और कोर्ट के चक्कर लगाते हुए उन्होंने पुलिस और न्याय व्यवस्था को करीब से देखा. इसी अनुभव ने उनके मन में यह सवाल खड़ा किया कि अगर व्यवस्था का हिस्सा बनकर काम किया जाए तो शायद उन लोगों की मदद की जा सकती है जो न्याय के लिए भटकते हैं. इसके बाद उन्होंने यूपीएससी की राह चुनी और 2017 की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 117वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बने. अब 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी सूरज कुमार राय को मुजफ्फरनगर का नया एसएसपी बनाया गया है.

इंजीनियर बनने का सपना लेकर इलाहाबाद पहुंचे थे सूरज

सूरज कुमार राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं. बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे सूरज का सपना इंजीनियर बनने का था. इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने इलाहाबाद के मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया लेकिन जिंदगी में अचानक ऐसा मोड़ आया जिसने उनका पूरा रास्ता बदल दिया. कॉलेज में दाखिला लेने के करीब एक महीने बाद ही उनके पिता महेंद्र कुमार राय की हत्या कर दी गई. उस समय सूरज कॉलेज के शुरुआती दिनों में थे. पिता की हत्या के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती न्याय हासिल करने की थी. उत्तर प्रदेश पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक सूरज कुमार राय का जन्म 2 अगस्त 1991 को हुआ था. उनके पिता का नाम दिवंगत महेंद्र कुमार राय दर्ज है.

पिता के केस के लिए थाने और कोर्ट के चक्कर लगाए

पिता की हत्या के बाद सूरज ने मामले की जांच और न्याय की प्रक्रिया को बेहद करीब से देखा. एक इंटरव्‍यू में उन्‍होंने बताया था कि उन्हें लगा कि पुलिस की जांच में लापरवाही हो रही है. वह जब थाने जाते तो कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता था.मामला आगे बढ़ा और पुलिस ने कोर्ट में सबूत भी पेश किए, लेकिन सूरज को लगा कि ये सबूत पर्याप्त नहीं थे. बाद में उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि उन्हें अपने पिता के मामले में वह न्याय नहीं मिल पाया जिसकी उन्हें उम्मीद थी.यही अनुभव उनके लिए सिर्फ एक पारिवारिक दुख नहीं रहा. इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि अगर एक परिवार को न्याय पाने के लिए इतनी परेशानी उठानी पड़ सकती है तो ऐसे और भी बहुत से लोग होंगे जो व्यवस्था के सामने अपनी बात रखने के लिए संघर्ष कर रहे होंगे.

इसी दर्द ने बदल दिया करियर का रास्ता

सूरज का सपना तो इंजीनियर बनने का था लेकिन पिता की हत्या के बाद न्याय के लिए संघर्ष करते हुए उनका नजरिया बदल गया. उन्होंने महसूस किया कि अगर वह खुद व्यवस्था का हिस्सा बनें और पुलिस सेवा में आएं तो उन लोगों की मदद कर सकते हैं जो न्याय के लिए परेशान होते हैं.यहीं से उन्होंने इंजीनियरिंग को करियर बनाने की अपनी पुरानी योजना बदलकर सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला किया.उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद यूपीएससी की तैयारी की और पुलिस सेवा में जाने का लक्ष्य बनाया.

तीन प्रयासों के बाद मिली UPSC में सफलता

सूरज कुमार राय ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान लगातार मेहनत की. उनकी सफलता पहली कोशिश में नहीं मिली. उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक पहले प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाए थे.दूसरे प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा पास की, लेकिन मुख्य परीक्षा में सफलता नहीं मिली.इन असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी. आखिरकार 2017 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया 117वीं रैंक हासिल की. इसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस के लिए हुआ.उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनकी शैक्षणिक योग्यता बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग दर्ज है. उनका आईपीएस कैडर वर्ष 2018 है और पुलिस रिकॉर्ड में उनकी भर्ती की तारीख 27 अगस्त 2018 दर्ज है.

मेरठ से आगरा और संत कबीर नगर तक 

आईपीएस बनने के बाद सूरज कुमार राय ने उत्तर प्रदेश पुलिस में अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं. सर्विस के दौरान वह मेरठ में एएसपी और सहारनपुर में एसपी ग्रामीण की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. इसके बाद आगरा कमिश्नरेट में डीसीपी नगर के पद पर भी काम किया.बाद में उन्हें संत कबीर नगर और फिर बागपत जिले में एसपी की जिम्मेदारी मिली. अप्रैल 2025 में वह बागपत के एसपी बने थे. बागपत में रहते हुए भी वह कई महत्वपूर्ण कानून-व्यवस्था और आपराधिक मामलों की जांच को लेकर सामने रहे.

अब मुजफ्फरनगर के नए SSP

उत्तर प्रदेश सरकार ने 7 अक्टूबर 2026 को बड़े पुलिस फेरबदल में 20 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया. इसी फेरबदल में सूरज कुमार राय को बागपत के एसपी पद से हटाकर मुजफ्फरनगर का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यानी एसएसपी बनाया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड में उनकी वर्तमान पोस्टिंग एसएसपी/मुजफ्फरनगर और पोस्टिंग की तारीख 7 अक्टूबर 2026 दर्ज है.इस तबादले के बाद मुजफ्फरनगर की पुलिस कमान अब सूरज कुमार राय के हाथों में होगी.

मिले कई सम्‍मान

सूरज कुमार राय की कहानी की सबसे खास बात यही है कि जिस घटना ने उन्हें पुलिस और न्याय व्यवस्था को करीब से समझने के लिए मजबूर किया वही आगे चलकर उनके करियर की दिशा बदलने की वजह बनी. इंजीनियर बनने का सपना देखने वाला एक युवा पिता की हत्या के बाद न्याय के लिए संघर्ष करता है.व्यवस्था की मुश्किलों को महसूस करता है और फिर उसी व्यवस्था का हिस्सा बनकर लोगों की मदद करने का लक्ष्य तय करता है.यूपीएससी में 117वीं रैंक हासिल करने के बाद वह आईपीएस बने और अब करीब आठ साल की सेवा के बाद उन्हें मुजफ्फरनगर जैसे महत्वपूर्ण जिले की पुलिस कमान सौंपी गई है. उन्हें 26 जनवरी 2023 को डीजी कमेंडेशन डिस्क सिल्वर से भी सम्मानित किया जा चुका है.



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