श्रीलंका क्रिकेट का बड़ा फैसला, तीनों फॉर्मेट के कप्तान बने कुसल मेंडिस
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Kusal Mendis Appoints Test Captain of Sri Lanka: श्रीलंका क्रिकेट में बड़ा बदलाव हुआ है. धनंजय डी सिल्वा के टेस्ट कप्तानी छोड़ने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस को टीम का नया टेस्ट कप्तान नियुक्त कर दिया गया है. अब मेंडिस तीनों फॉर्मेट में श्रीलंका की कमान संभालेंगे. उनका बतौर कप्तान पहला इम्तिहान 9 नवंबर से रावलपिंडी में पाकिस्तान के खिलाफ शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से होगा. डी सिल्वा ने अपने कार्यकाल के बाद चयन के लिए खुद को उपलब्ध रखा है.
कुसल मेंडिस पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज से संभालेंगे टीम की कमान.
नई दिल्ली. श्रीलंका क्रिकेट में एक बार फिर से कप्तानी को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है. श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने आधिकारिक घोषणा करते हुए विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस को टीम का नया टेस्ट कप्तान नियुक्त कर दिया है. यह बड़ा फैसला तब आया जब अनुभवी खिलाड़ी धनंजय डी सिल्वा ने तत्काल प्रभाव से टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया. इसके साथ ही मेंडिस अब तीनों फॉर्मेट यानी टी20, वनडे और टेस्ट में श्रीलंकाई टीम की कमान संभालने वाले मुख्य खिलाड़ी बन गए हैं.
धनंजय डी सिल्वा (Dhananjaya de silva) का कप्तानी से हटना श्रीलंकाई क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है. डी सिल्वा ने चयन समिति को एक पत्र लिखकर अपना फैसला साझा किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका यह मानना है कि अब नेतृत्व की कमान अगली पीढ़ी के हाथों में सौंप दी जानी चाहिए. उन्होंने जनवरी 2024 में दिमुथ करुणारत्ने से टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली थी और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने टीम का कुल 18 टेस्ट मैचों में नेतृत्व किया, जिसमें से टीम ने 7 मुकाबलों में जीत हासिल की. हालांकि, हालिया प्रदर्शन और चुनौतियों को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया. पिछले एक साल का समय श्रीलंकाई टीम के लिए काफी संघर्षपूर्ण रहा है, जिसमें उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा और इसके बाद घरेलू सीरीज में भी भारत के खिलाफ पराजय झेलनी पड़ी. इन उतार-चढ़ाव भरे नतीजों के बाद वर्तमान में श्रीलंकाई टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में सातवें स्थान पर है.
कप्तानी के दौरान ऐसा रहा प्रदर्शन
अपनी कप्तानी के दौर में धनंजय डी सिल्वा ने मैदान पर व्यक्तिगत रूप से भी योगदान दिया, जहां उन्होंने कप्तान के रूप में खेलते हुए 1,130 रन बनाए और उनका औसत 36.45 का रहा, साथ ही उन्होंने 9 विकेट भी चटकाए. श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने उनके इस योगदान को सराहा है. श्रीलंका क्रिकेट के सीईओ एशले डी सिल्वा ने डी सिल्वा को धन्यवाद देते हुए कहा कि बोर्ड उनके लंबे प्रारूप में दिए गए नेतृत्व के लिए उनका आभार व्यक्त करता है और उनके बाकी बचे करियर के लिए शुभकामनाएं देता है. कप्तानी छोड़ने के बाद भी डी सिल्वा ने स्पष्ट किया है कि वह भविष्य में चयन के लिए पूरी तरह उपलब्ध रहेंगे.
तीनों फॉर्मेट के कप्तान बने कुसल मेंडिस
अब निगाहें नए कप्तान कुसल मेंडिस (Kusal Mendis) पर टिकी हैं. 31 वर्षीय कुसल मेंडिस का अनुभव श्रीलंकाई टीम के लिए बेहद अहम रहने वाला है. वह अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में अब तक कुल 75 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 36.36 की औसत से 4,836 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से शानदार पारियां निकली हैं, जिसमें 10 शतक और 23 अर्धशतक शामिल हैं. पहले से ही सीमित ओवरों की कमान संभाल रहे मेंडिस के पास अब सबसे लंबे प्रारूप में भी टीम को आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है.
पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज से होगी शुरुआत
कुसल मेंडिस के सामने टेस्ट कप्तान के रूप में पहली चुनौती बहुत जल्द आने वाली है. उनका बतौर टेस्ट कप्तान पहला बड़ा इम्तिहान पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज होगी. यह सीरीज आगामी 9 नवंबर से रावलपिंडी में शुरू होने जा रही है. श्रीलंका क्रिकेट और उनके फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि मेंडिस के नेतृत्व में टीम इस चुनौतीपूर्ण दौरे पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अपनी स्थिति मजबूत करेगी और एक नई शुरुआत करेगी.