Public Opinion Azamgarh Sagri Seat: ‘जीतने के बाद 5 साल आराम…’, सगड़ी विधायक के काम को लेकर भड़की जनता, यहां चुनावी हवा का अलग रुख

Public Opinion Azamgarh Sagri Seat: ‘जीतने के बाद 5 साल आराम…’, सगड़ी विधायक के काम को लेकर भड़की जनता, यहां चुनावी हवा का अलग रुख


आजमगढ़: जिले की सगड़ी विधानसभा सीट पर वर्तमान विधायक का पांच साल का कार्यकाल कैसा रहा, उनके कामकाज से क्षेत्र की जनता कितनी खुश है और क्या आगामी विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें एक बार फिर मौका देगी या उनका मूड बदल चुका है? इतनी सवालों के पड़ताल के लिए लोकल 18 की टीम ने स्थानीय जनता से बात कर उनका मूड जानने की कोशिश की, जिसमें लोगों ने वर्तमान विधायक के वर्तमान कार्यकाल और कामकाज के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वह क्षेत्र मैं कभी जनता के बीच में आते ही नहीं हैं.

स्थानीय निवासी विनोद राय ने विधायक के कामकाज और क्षेत्र की समस्याओं को सामने रखा, उन्होंने बताया कि पांच साल के कार्यकाल में विकास का कोई ठोस काम समझ नहीं आता. गांव के मुख्य रास्ते पर जलभराव रहता है और छोटे-छोटे बच्चे पानी में से होकर आने-जाने को मजबूर हैं, उन्होंने कहा कि यहां एक पुलिया की सख्त जरूरत है, लेकिन विधायक का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है.

जनता कामकाज से नाराज
विनोद राय के अनुसार, विधायक क्षेत्र में बहुत कम आते हैं, जब उनसे पूछा गया कि क्या आगामी चुनाव में जनता उन्हें फिर मौका देगी, तो उन्होंने कहा कि विधायक को सिर्फ अपने जातीय और राजनीतिक समीकरणों का भरोसा है, बाकी जनता उनके कामकाज से पूरी तरह नाराज है. नेता चुनाव के वक्त बड़े-बड़े वादे और घोषणाएं तो करते हैं, लेकिन जीतने के बाद पांच साल आराम करते हैं और जमीनी स्तर पर कुछ नहीं करते.

काम देखकर ही जनता करेगी फैसला
इसी क्रम में बातचीत में शामिल एक अन्य बुजुर्ग ग्रामीण ने भी रास्ते और पुलिया का मुद्दा दोहराया. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुलिया का निर्माण नहीं कराया गया और विधायक लोगों के बीच बहुत कम दिखाई देते हैं. उनका साफ कहना था कि आगामी चुनाव में जनता केवल काम देखकर ही अपना रुख तय करेगी और जब काम ही नहीं हुआ है तो जनता का रुझान भी पक्ष में कैसे रहेगा.

वहीं मौजूद एक अन्य बुजुर्ग ग्रामीण ने विधायक के पेशे को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि डॉ. एच. एन. सिंह पटेल पेशे से डॉक्टर हैं और चुनाव जीतने के बाद वे अपनी डॉक्टरी संभालने में ही लगे रहते हैं. उनका आरोप था कि विधायक क्षेत्र में कभी नहीं आते और जनता की परेशानियों व समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है. उन्होंने बताया कि बाढ़ और जलभराव के दौरान जब पुल टूटा, तब भी कोई सुध लेने नहीं पहुंचा, क्षेत्र में न तो सड़कें ठीक हैं और न ही पुल-पुलिया, जिससे ग्रामीण भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं और जनता बेहद परेशानी झेल रही है.

कोई बच्चा डूब जाए, तो किसकी जिम्मेदारी?
बुजुर्गों के साथ-साथ क्षेत्र के युवाओं ने भी अपनी समस्याएं सामने रखीं. बातचीत में शामिल एक स्थानीय युवा ने बताया कि चुनाव जीतने से पहले डॉ. एच. एन. सिंह पटेल ने वादा किया था कि वे क्षेत्र के दो-तीन प्रमुख पुलों का काम करा देंगे, लेकिन जीतने के बाद वे यहां लौटे ही नहीं. उन्होंने चिंता जताई कि स्कूल जाने वाले बच्चे गहरे पानी से होकर गुजरते हैं. अगर कोई बच्चा डूब जाए या कोई हादसा हो जाए, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? इसके अलावा, उन्होंने रौनापार मार्ग की बदहाली का जिक्र करते हुए कहा कि यह मुख्य सड़क पूरी तरह टूट चुकी है और जीतने के बाद विधायक ने इस ओर पलटकर भी नहीं देखा.

बारिश में हो जाता है जलभराव
छात्रों की परेशानी को आगे बढ़ाते हुए युवा प्रीतम पटेल ने बताया कि पुल न होने और जलभराव के कारण आने-जाने में भारी फजीहत होती है. प्रीतम पटेल ने कहा कि रौनापार रोड पर बारिश का पानी जमा हो जाता है और निकासी का कोई साधन नहीं है. प्रीतम पटेल ने मांग की है कि यदि सड़क और पुल का निर्माण करा दिया जाए, तो छात्रों और आम लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिल जाएगी.

स्थानीय लोगों और युवाओं की इन बातों से साफ है कि सगड़ी विधानसभा क्षेत्र में पुलिया निर्माण, रौनापार मार्ग की बदहाली, जल निकासी और जनप्रतिनिधि की गैर-मौजूदगी को लेकर लोगों में नाराजगी है. ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में जनता केवल वादों पर नहीं, बल्कि बीते पांच सालों के जमीनी कामकाज को तौलकर ही अपना फैसला लेती हुई नजर आ रही है.



Source link