Nana Patekar Love For Cooking: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता जिनके डायलॉग जेन जी तक को मुंह जुबानी याद हैं, आज वो हमारे बीच न हैं. 8 अक्टूबर 2026 को कार्डियक अरेस्ट से नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. नाना ने अपने इस सफर में सिर्फ एक्टिंग नहीं की बल्कि उनका मानना था कि वो एक एक्टर से बेहतर कुक है. लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने बताया था कि उन्हें कुकिंग का बहुत ही शौक है.
सौरभ द्विवेदी ने जब नाना को कहा कि आप एक बहुत अच्छा खाना बनाते हैं, तो नाना में जवाब में कहा कि अरे मैं एक एक्टर से ज्यादा अच्छा कुक हूं. मजाक नहीं… मैं एक वक्त में 200 लोगों को खाना बना सकता हूं. लेकिन मैं सबको काम पर लगाता हूं. सारे हीरो-हीरोइन को, तु ये काट, तु वो कर. अभी परसो ही 10 किलो मसाला कूटकर लाया हूं. इतना ही नहीं नाना ने सौरभ द्विवेदी को मटन खाने का न्यौता तक दे डाला था.
नाना पाटेकर के फेवरेट फूड
नाना पाटेकर नॉनवेज फूड लवर्स थे. लेकिन उन्हें सिर्फ खाना नहीं पसंद था, वो इसे बनाते भी बहुत बेहतरीन थे. जिसके बारे में वो इंटरव्यू में बहुत ही खुश होकर बताते थे. उनकी बातों में इन 5 डिशेज का जिक्र जरूरी होता था.
मटन- मटन को धीमे आंच पर खड़े मसालों के साथ पकाया जाता है. इसमें 45 मिनट से 1 घंटे तक का समय लगता है. इंटरनेट पर एक बार चुल्हे पर मटन बनाते हुए नाना पाटेकर का वीडियो काफी वायरल हुआ था. जिसमें वो लकड़ी के छोटे टेबल पर बैठकर कढ़ाई में मटन बना रहे थे. साथ ही गेस्ट को खुद ही परोस भी रहे थे.
पाया- ये बकरे के खुरों का ट्रेडिशनल सूप या शोरबा होता है, इसे तैयार करना एक स्लो प्रोसेस है. इसे पकाने से पहले हल्दी और नमक के पानी में अच्छी तरह से धोकर साफ किया जाता है. फिर मसालों के साथ भूनकर तब तक पानी के साथ पकाया जाता है जब तक कि मांस हड्डी न छोड़ दे.
कीमा- बोनलेस मांस को बारीक काटकर कीमा तैयार किया जाता है. कुछ लोग इसे पीसते भी हैं. इसे तैयार करने के लिए कढ़ाई में खड़े मसाले और प्याज के साथ कीमा को भूना जाता है. इसे तब तक पानी में पकाया जाता है जब कि कीमा गल न जाए.
कलेजी- कलेजी को बनाने के लिए इसे अच्छी तरह से साफ करना बहुत ही जरूरी है. वरना इससे अजीब सी बदबू आने लगती है. कलेजी पर एक बारीक झिल्ली होती है, जिसे चाकू से हटाना होता है. फिर इन्हें छोटे टूकड़ों में काटकर सिरके या नींबू के रस और नमक में भिगोकर छोड़ना होता है. फिर इसे मैरिनेट करके रेसिपी तैयार की जाती है.
भेजा- नॉनवेज लवर्स के बीज भेजा फ्राई काफी पसंद किया जाता है. इसे मटन ब्रेन मसाला भी कहते हैं, जिसे बकरे के भेजे से तैयार किया जाता है. इसका क्रीमी टेक्सचर और चटपटे मसालों का कॉम्बिनेशन का कोई तोड़ नहीं है. इसे बनाने के लिए भी सबसे पहले भेजे को हल्के गुनगुने पानी में भिगोया जाता है, बारीक लाल नसों और झिल्ली को अलग करके साफ किया जाता है. फिर भेजे को हल्दी वाले पानी में उबाला जाता है, फिर छोटे टूकड़ों में काटकर मसालों के साथ पकाया जाता है.