Gen Z Hair Donation for Cancer Patients: कैंसर पीड़ितों के लिए दान कर दिए बाल, माइक्रोबायोलॉजी की पढ़ाई कर रही हैं सौम्या जोशी


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Gen Z Hair Donation for Cancer Patients: गढ़वाल यूनिवर्सिटी की बीएससी स्टूडेंट सौम्या जोशी ने कैंसर मरीजों के लिए अपने लंबे बाल दान कर मिसाल पेश की है. उन्होंने साबित कर दिया कि जेन जी युवा संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के मामले में सबसे आगे आ रहे हैं.

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कैंसर पीड़ितों के लिए दान कर दिए बाल, Gen Z छात्रा सौम्या जोशी की कहानी वायरलZoom

Gen Z Inspiring Story: सौम्या जोशी ने समाज के लिए खास मिसाल पेश की है

नई दिल्ली (Gen Z Hair Donation). सोशल मीडिया पर अक्सर पढ़ने-सुनने को मिलता है कि ‘जेन जी’ यानी युवा पीढ़ी अपनी दुनिया में मस्त रहती है. उसे समाज या दूसरों की परेशानियों से कोई मतलब नहीं है. लेकिन कई युवा प्रतिभाओं ने ये धारणाएं गलत साबित कर दी हैं. वे बहस करने के बजाय जमीन पर उतरकर समाज को नई दिशा दे रही हैं. उत्तराखंड के गढ़वाल विश्वविद्यालय की बीएससी लाइफ साइंस की तीसरे साल की छात्रा सौम्या जोशी ने कैंसर मरीजों के लिए अपने लंबे बाल दान कर दिए हैं.

सौम्या जोशी के इस छोटे से कदम से साबित होता है कि समाज के प्रति संवेदनशील होने के लिए उम्र या बड़े पदों की जरूरत नहीं होती. बस दिल साफ और बड़ा होना चाहिए. कीमोथेरेपी से गुजरने वाले कैंसर मरीजों को कई तरह की शारीरिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इलाज के दौरान सिर के बाल झड़ने से कई मरीजों का कॉन्फिडेंस डगमगा जाता है. महिलाओं और युवतियों के लिए मानसिक रूप से यह बेहद कठिन दौर होता है.

जेन जी छात्रा ने डोनेट कर दिए बाल

मरीजों के चेहरे पर मुस्कान लाने और उन्हें इमोशनल सहारा देने के लिए हेयर डोनेशन यानी बालों का दान किसी वरदान से कम नहीं है. इसी दर्द और जरूरत को समझते हुए जेन जी छात्रा सौम्या जोशी ने अपने खूबसूरत और लंबे बालों का त्याग कर दिया. इस नेक काम के पीछे इंस्पिरेशनल चेन रिएक्शन देखने को मिली है. एनडीटीवी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, सौम्या जोशी को इसकी इंस्पिरेशन अपनी यूनिवर्सिटी की सीनियर प्रियंका खत्री से मिली. उन्होंने खुद कुछ महीने पहले कैंसर पीड़ितों के लिए अपने बाल डोनेट किए थे.

Saumya Joshi Hair Donation: सौम्या जोशी ने बाल डोनेट कर मिसाल पेश की है

सीनियर से मिली प्रेरणा और मन में जगा विचार

सौम्या जोशी के मन में बाल दान करने का विचार अचानक नहीं आया. करीब 5 साल पहले उन्होंने अपनी मामी (डॉ. संगीता जोशी) को छोटे बालों में देखा था. तभी से उनके मन में भी ऐसा कुछ करने की चाह थी. हालांकि, उस वक्त वह आश्वस्त नहीं थीं. गढ़वाल यूनिवर्सिटी में उनकी मुलाकात प्रियंका खत्री से हुई. प्रियंका ने खुद कैंसर मरीजों के लिए अपने बाल दान किए थे. प्रियंका के साहसिक कदम से सौम्या को कॉन्फिडेंस मिल गया. प्रियंका ने न सिर्फ उनका हौसला बढ़ाया, बल्कि पूरी प्रक्रिया में उनका साथ भी दिया.

घरवालों से मिला सपोर्ट

किसी भी लड़की के लिए अपने लंबे बालों को काटना बेहद मुश्किल फैसला होता है. सौम्या जोशी ने भी माना कि बाल कटवाने से पहले उनके मन में थोड़ी झिझक थी. लेकिन उनकी मां और सीनियर प्रियंका के सपोर्ट ने उनका डर दूर कर दिया. जब बाल कटने के बाद उन्होंने अपना नया रूप देखा और दोस्तों के सामने आईं तो हर किसी ने उनकी जमकर तारीफ की. उनके इस कदम ने कॉलेज के अन्य स्टूडेंट्स को भी बहुत प्रभावित किया है.

Saumya Joshi Garhwal University: सौम्या जोशी अपनी मामी और सीनियर से प्रेरित हैं

माइक्रोबायोलॉजी की पढ़ाई और समाज सेवा का जज्बा

सौम्या जोशी सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को लेकर भी बहुत सजग हैं. वर्तमान में वह बीएससी लाइफ साइंस के तीसरे वर्ष की छात्रा हैं. आगे चलकर माइक्रोबायोलॉजी के क्षेत्र में उच्च शिक्षा और रिसर्च करना चाहती हैं. उनका मानना है कि आज की जनरेशन (Gen Z) पर्यावरण और सामाजिक मुद्दों को लेकर बहुत जागरूक है. उनके अनुसार, समाज में बदलाव लाने के लिए हमेशा किसी बड़े आंदोलन की जरूरत नहीं होती. छोटे-छोटे नेक प्रयास- जैसे रक्तदान, हेयर डोनेशन या किसी जरूरतमंद की मदद- भी बहुत बड़ा फर्क ला सकते हैं.



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