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Taliban VS AFF News: अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत की राजधानी फैजाबाद में गुरुवार को बम धमाके हुए हैं. धमाकों की जिम्मेदारी तालिबान विरोधी संगठन AFF ने ली है. तालिबान ने दो नागरिकों के घायल होने और चार संदिग्धों की गिरफ्तारी की बात कही है. वहीं AFF ने तालिबान के वाहन को निशाना बनाने और चार सदस्यों के मारे जाने का दावा किया है.
तालिबान के खिलाफ कई गुट खड़े हो गए हैं. (Reuters)
Afghanistan News: अफगानिस्तान में कभी अमेरिका और तालिबान की लड़ाई चलती थी. अमेरिका के जाने के बाद तालिबान सत्ता में आया. तालिबान के सत्ता में लौटने के चार साल बाद भी उसके सामने सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां बनी हैं. अफगानिस्तान में कई गुट ऐसे हैं, जो तालिबान विरोधी हैं. अफगानिस्तना के पूर्वोत्तर के बदख्शां प्रांत की राजधानी फैजाबाद में बुधवार को एक धमाके ने फिर तालिबान के सामने खतरा दिया दिया है. तालिबान ने कहा कि धमाके में दो आम नागरिक घायल हुए और चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया. वहीं तालिबान विरोधी संगठन अफगानिस्तान फ्रीडम फ्रंट यानी AFF ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि निशाना तालिबान के लोग थे. एक ही घटना की दो अलग-अलग कहानी सामने आ रही है. तालिबान कुछ और बता रहा है और AFF कुछ और दावा कर रहा है.
गमले में छिपाया था बम
तालिबान पुलिस के मुताबिक, फैजाबाद के न्यू सिटी इलाके के हैंगर क्षेत्र में एक गमले के अंदर विस्फोटक छिपाया गया था. इसे एक टोयोटा कोरोला के पास विस्फोट किया गया. तालिबान का कहना है कि कार में मौजूद दोनों लोग आम नागरिक थे और उन्हें मामूली चोट आई. पुलिस ने हमले में शामिल होने के शक में चार लोगों को गिरफ्तार करने की बात कही है. लेकिन AFF की कहानी बिल्कुल अलग है.
अफगानिस्तान फ्रीडम फ्रंट ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने सुबह करीब 8:30 बजे शहर-ए-नव इलाके में तालिबान की टोयोटा हाइलक्स को निशाना बनाया. संगठन का दावा है कि हमले में तालिबान के एक कमांडर समेत चार सदस्य मारे गए. हालांकि तालिबान और AFF के दावों में बड़ा अंतर है. तालिबान जहां आम नागरिकों के घायल होने की बात कर रहा है, वहीं AFF इसे तालिबान के खिलाफ सफल हमला बता रहा है.
तालिबान के लिए कौन बना सिरदर्द?
फैजाबाद में एक्टिव AFF अकेला तालिबान विरोधी संगठन नहीं है. हाल के दिनों में नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट यानी NRF भी तालिबान के खिलाफ हमलों की जिम्मेदारी लेता रहा है. 4 अक्टूबर को फैजाबाद में तालिबान की खुफिया एजेंसी से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर एक धमाका किया गया था. NRF ने दावा किया था कि इसमें फैजाबाद के डिप्टी इंटेलिजेंस चीफ और दो गार्ड मारे गए. तालिबान ने हालांकि सिर्फ एक मौत की पुष्टि की थी. यानी एक ही शहर में कुछ ही दिनों के अंदर दो अलग-अलग तालिबान विरोधी संगठनों के हमले सामने आए हैं.
‘पूरे अफगानिस्तान में सुरक्षा’ के दावे पर सवाल?
तालिबान लंबे समय से यह दावा करता रहा है कि उसके सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान में सुरक्षा की स्थिति बेहतर हुई है. लेकिन बदख्शां में हालिया घटनाएं बताती हैं कि तालिबान विरोधी सशस्त्र समूह अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं. बदख्शां अफगानिस्तान का पहाड़ी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाका है. इसकी सीमाएं ताजिकिस्तान, चीन और पाकिस्तान से लगती हैं. इसी राज्य में वखान कॉरिडोफ भी है.