41 साल पहले रवि शास्त्री को क्यों बदलनी पड़ी मैदान पर मिली ऑडी, स्पाइक्स पहनकर किसने किया था कार का सत्यानाश?


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41 साल पहले रवि शास्त्री को क्यों बदलनी पड़ी मैदान पर मिली ऑडी?

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ravi shastri audi car story: बहुत कम लोग जानते है कि जिस ऑडी कार पर बैठकर टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने चक्कर लगाया था उस पर इतने डेंट पर गए थे कि कंपनी को बदलकर दूसरी कार देनी पड़ी. अब सवाल ये है कि कार की इतनी हालत खराब कैसे हो गई और कौन था वो खिलाड़ी जिस पर खुद रवि शास्त्री ने लगाया इल्जाम और बताया कैसे कार में इतने डेंट पर गए कि उसको बदलने के अलावा आयोजको के पास कोई रास्ता नहीं था. 

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41साल पहले रवि शास्त्री को जो ऑडी कार मिली वो मैदान वाली नहीं थी, डेंट प़ॉने की वजह से बदल दिया गया था

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट में जब भी किसी सुनहरे सफर या लंबे वर्चस्व की बात की जाएगी तो क्रिकेट जानकार 80 के दशक को शायद सबसे उपर रखना चाहेंगे क्योंकि ये वो समय था जब भारत ने वर्ल्ड कप तो जीता उसके साथ शारजाह में रॉथमैंस कप, ऑस्ट्रेलेशिया कप, बैसंन हेजेस वर्ल्ड सुपर सीरीज जैसे बड़े वनडे टूर्नामेंट जीते और वर्ल्ड क्रिकेट में वेस्टइंडीज के दबदबे को खत्म करने का काम किया. इन तमाम टूर्नामेंट में बैंसन हेजेस वर्ल्ड सुपर सीरीज जीतना सबसे बड़ी उपलब्धि थी. इस टूर्नामेंट में रवि शास्त्री मैन आफ द टूर्नामेंट बने और उनको तब मिली थी ऑडी कार.

बहुत कम लोग जानते है कि जिस ऑडी कार पर बैठकर टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने चक्कर लगाया था उस पर इतने डेंट पर गए थे कि कंपनी को बदलकर दूसरी कार देनी पड़ी. अब सवाल ये है कि कार की इतनी हालत खराब कैसे हो गई और कौन था वो खिलाड़ी जिस पर खुद रवि शास्त्री ने लगाया इल्जाम और बताया कैसे कार में इतने डेंट पर गए कि उसको बदलने के अलावा आयोजको के पास कोई रास्ता नहीं था.

1985 में किसने मारा था रवि शास्त्री की ऑडी पर डेंट?

41 साल पहले मेलबर्न के एतिहासिक मैदान पर जब भारत ने पाकिस्तान को हराकर बैंसन हेजस वर्ल्ड सीरीज जीता तो मैदान पर जश्न मनना शुरु हो गया था और सबको इंतजार था उस अनाउंसमेंट का जो ये बताने वाला था कि चैंपियन आफ चैंपियन कौन है और कौन ले जाएगा ऑडी कार. रेस में के श्रीकांत, जावेद मिंयादाद और रवि शास्त्री थे. जैसे ही रवि शास्त्री के नाम का ऐलान किया गया और वो कार की चाबी ले पाते उससे पहले टीम के ज्यादातर खिलाड़ी कार के उपर चढ़ चुके थे. जिनको अंदर जगह नहीं मिली वो कार के बोनट और बूट पर पर चढ़ गया. टीम के विकेटकीपर सदानंद विश्वनाथ तो इतने उत्साहित हो गए और भूल गए कि वो स्पाइक्स पहले हुए है. और जब वो कार पर चढ़े तो स्पाइक्स ने अपना कान कर दिया. पूरी कार में डेंट लग चुका था और रही सही कसर शैंपेन ने पूरी कर दी जो आगे और पीछे के सीट पर जमकर गिराई गई थी.

रिप्लेसमेंट वाली कार का क्या हुआ?

टीम इंडिया तो ट्रॉफी के साथ देश वापस लौट आई पर रवि शास्त्री की कार लगभग एक महीने के बाद मुंबई पहुंची तो देखने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. रवि शास्त्री ने उस कार को बहुत कम इस्तेमाल किया क्योंकि वो मानते थे कि वो देश की कार है और उसको बतौर सोविनियर अपने पास रखना चाहते थे. कई साल बाद जब कार की हालत खराब हुई तो  उस समय ऑडी ने रवि शास्त्री को एक दूसरी कार गिफ्ट की और पुरानी कार को काफी समय तक शोरूम में लोगों के लिए रखा. बाद में कार को पूरी तरह से ठीक करके रवि शास्त्री को ऑडी कार वापस मिली जिसको वो विंटेज और देश की कार मानकर सहेज कर रखते है.



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