झांसी के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज में 500 बेड के नए अस्पताल में ओपीडी होगी शुरू, मरीजों को मिलेगी राहत

झांसी के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज में 500 बेड के नए अस्पताल में ओपीडी होगी शुरू, मरीजों को मिलेगी राहत


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झांसी के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज परिसर में मौजूद 500 बेड के दूसरे अस्पताल में ओपीडी शुरू करने की तैयारी है. महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज में झांसी के अलावा बुंदेलखंड के दूसरे जिलों से भी मरीज पहुंचते हैं. उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए यहां आते हैं. मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मौजूदा ओपीडी में दबाव बना रहता है और कई बार मरीजों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ता है.

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झांसीः महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज की सुविधा देने के लिए एक नई व्यवस्था तैयार हो रही है. मेडिकल कॉलेज परिसर में मौजूद 500 बेड के दूसरे अस्पताल में ओपीडी शुरू करने की तैयारी है. महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज में झांसी के अलावा बुंदेलखंड के दूसरे जिलों से भी मरीज पहुंचते हैं. उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए यहां आते हैं. मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण मौजूदा ओपीडी में दबाव बना रहता है और कई बार मरीजों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ता है.

मरीजों को डॉक्टर से परामर्श लेने की मिलेगी अतिरिक्त व्यवस्था

अब 500 बेड वाले दूसरे अस्पताल में ओपीडी की व्यवस्था शुरू की जा रही है. इससे मरीजों को डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए एक अतिरिक्त व्यवस्था मिलेगी. मरीजों की भीड़ अलग अलग ओपीडी में बंटने से मौजूदा ओपीडी पर दबाव कम होने की संभावना है. नई ओपीडी शुरू होने का असर मरीजों की पूरी प्रक्रिया पर पड़ सकता है. डॉक्टर को दिखाने के लिए लगने वाली कतार कम हो सकती है और मरीजों को अपनी बारी का इंतजार पहले की तुलना में कम करना पड़ सकता है. साथ ही डॉक्टरों के लिए भी मरीजों की जांच और परामर्श की व्यवस्था संभालना आसान हो सकता है.

मरीजों को व्यवस्थित तरीके से मिलेगा इलाज

मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के लिए आने वाले कई मरीज आसपास के जिलों से ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों के सीमावर्ती इलाकों से भी पहुंचते हैं. ऐसे मरीजों के साथ उनके परिवार के लोग भी आते हैं. अस्पताल में भीड़ कम होने और व्यवस्था बेहतर होने से मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को भी समय और परेशानी के लिहाज से राहत मिल सकती है. 500 बेड के दूसरे अस्पताल में ओपीडी शुरू होने से मेडिकल कॉलेज की मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था में एक और सुविधा जुड़ रही है. इससे मरीजों की बढ़ती संख्या को संभालने में अस्पताल प्रशासन को मदद मिल सकती है.

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. सुधीर कुमार का कहना है कि नए अस्पताल में ओपीडी शुरू होने से मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सुविधा होगी और मरीजों को व्यवस्थित तरीके से इलाज देने में मदद मिलेगी. अब नई ओपीडी शुरू होने के बाद मरीजों की भीड़, इंतजार के समय और मौजूदा ओपीडी पर पड़ने वाले दबाव में कितना बदलाव आता है, इसका असर आने वाले समय में सामने आएगा.



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