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Nana Patekar Death News: नाना पाटेकर की आखिरी झलक अब उनकी यादों से जुड़ी तस्वीर बन गई है. गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान चार दिन पहले वह बिल्कुल सादगी भरे अंदाज में नजर आए थे. सफेद कुर्ता, गमछा और चेहरे पर वही ठहराव. तब उनकी कही कुछ बातें शायद सामान्य लगी हों, लेकिन आज उन्हीं शब्दों का मतलब कुछ और महसूस होता है. मानो वक्त ने पहले ही कोई इशारा कर दिया था.
नाना पाटेकर ने सिनेमा इंडस्ट्री में 5 दशक तक काम किया.
नई दिल्ली. नाना पाटेकर के निधन की खबर ने सिनेमा की दुनिया को भीतर तक झकझोर दिया है. 75 साल की उम्र में भी पर्दे पर अपनी बुलंद आवाज और दमदार अंदाज से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले नाना आखिरी दिनों में गोवा में थे. महज चार दिन पहले यानी 4 अक्टूबर को वह सफेद कुर्ते और गमछे में नजर आए थे. चेहरे पर वही सादगी थी और बातों में जिंदगी को लेकर वही बेबाकी. उस दौरान उन्होंने कुछ ऐसी बातें भी कहीं, जिन्हें आज याद किया जाए तो दिल भारी हो जाता है. शायद उन्हें खुद भी अंदाजा नहीं था कि उनकी कही बातें इतनी जल्दी यादों का हिस्सा बन जाएंगी. उस आखिरी सार्वजनिक मौजूदगी में नाना ने जिंदगी, रिश्तों और अपने नजरिए पर खुलकर बात की थी. आज उनकी वही झलक और शब्द उनके चाहने वालों के लिए एक भावुक याद बन गए हैं.
मंच से की थी मनोहर पर्रिकर की तारीफ
उन्होंने मंच से गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और अपने करीबी दोस्त मनोहर पर्रिकर को याद किया. नाना ने मनोहर पर्रिकर की तारीफ करते हुए कहा कि वह उनसे उम्र में छोटे थे, लेकिन उनका कद और व्यक्तित्व ऐसा था कि उनके सामने सम्मान से सिर झुक जाता था. उन्होंने पर्रिकर के काम करने के जुनून और अपने मिशन के प्रति समर्पण को भी याद किया.
‘पता नहीं कल रहूं या न रहूं’
राजनीति पर भी खुलकर रखी थी राय
नाना पाटेकर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते थे और गोवा के इस कार्यक्रम में भी उन्होंने अपनी बात बिना किसी लाग-लपेट के रखी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कहा था कि उन्हें उनकी कुछ बातें पसंद हैं और कुछ पसंद नहीं हैं. उनके मुताबिक, लोगों को अपनी असहमति जाहिर करना सीखना चाहिए. उन्होंने विरोध यानी प्रोटेस्ट के मायने समझाते हुए कहा कि जब किसी चीज से हम सहमत नहीं होते तो अपनी बात रखना जरूरी है, लेकिन विरोध का तरीका भी मायने रखता है. नाना ने कहा था कि अगर उन्हें किसी से कोई शिकायत है तो वह अपनी बात रखेंगे, लेकिन किसी के खिलाफ अभद्र या अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेंगे.
कुछ ही दिनों बाद थम गई सांसे
4 अक्टूबर को गोवा में लोगों के बीच खड़े होकर जिंदगी के मकसद पर सवाल उठाने वाले नाना पाटेकर अब नहीं रहे. आज यानी 8 अगस्त को तड़के गोवा स्थित उनके आवास पर उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया. वह बेहोश पाए गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. नाना पाटेकर ने करीब पांच दशक के करियर में हिंदी और मराठी सिनेमा को कई यादगार किरदार दिए.