मुंबई: महाराष्ट्र के मीरा रोड पर बकरा ईद को लेकर जिस सोसयटी में बवाल हुआ था. वहां इस साल नवरात्र को लेकर विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है. बताया जा रहा है कि सोसयटी के 120 परिवारों ने नवरात्र मनाने के लिए सोसयटी से मंजूरी मांगी थी लेकिन उनकी इस मांग को खारिज कर दिया है और एनओसी देने से इनकार कर दिया है.
लोकसत्ता के खबर के अनुसार, मीरा रोड की पूनम एस्टेट सोसयटी वहीं है, जहां कुछ महीने पहले बकरी ईद से पहले सोसयटी परिसर में बकरियां रखने को लेकर विवाद हुआ था. उस विवाद के बाद अब नवरात्रि कार्यक्रम को अनुमति नहीं मिलने से वह रहने वाले लोगों और सोसायटी प्रबंधन के बीच नया विवाद सामने आया है.
120 परिवारों ने मांगी थी नवरात्रि की मंजूरी
पूनम एस्टेट क्लस्टर-1 में करीब 625 फ्लैट हैं और यहां अलग-अलग समुदायों के लोग रहते हैं. नवरात्रि के दौरान करीब 120 परिवारों ने 11 से 20 अक्टूबर तक गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था. वहां रहने वाले लोगों का कहना है कि कार्यक्रम सोसायटी के साझा क्षेत्र में किया जाना था और वे सुरक्षा, साफ-सफाई, प्रशासन के निर्देश, सोसायटी के नियम और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए तैयार थे लेकिन सोसायटी ने कार्यक्रम के लिए एनओसी देने से इनकार कर दिया.
सोसायटी ने क्यों किया इनकार?
सोसायटी पदाधिकारियों के मुताबिक, 28 सितंबर को हुई आम बैठक में सामुदायिक कार्यक्रमों को अनुमति नहीं देने का फैसला लिया गया था. इसी फैसले के आधार पर नवरात्रि के आयोजन की अनुमति भी नहीं दी गई. सोसायटी पदाधिकारियों का कहना है कि इसका किसी धर्म या त्योहार से विरोध नहीं है. उनके मुताबिक, पहले हुए विवाद के बाद परिसर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है. यानी सोसायटी का तर्क है कि फैसला नवरात्रि के खिलाफ नहीं, बल्कि पहले हुए विवाद के बाद लिया गया सामान्य निर्णय है.
क्या कहना है वहां रहने वाले लोगों का?
दूसरी तरफ, नवरात्रि मनाने की अनुमति मांगने वाले रहवासी इस फैसले से नाराज हैं. उनका कहना है कि अगर कार्यक्रम के लिए नियम, समय और सुरक्षा की शर्तें तय कर दी जाएं और निवासी उनका पालन करने को तैयार हैं, तो सीधे अनुमति रद्द करने के बजाय कोई रास्ता निकाला जा सकता है. लोकसत्ता ने जब सोसायटी में रहने वाले उमाशंकर नाग ने इस मामले में शिकायत भी की है. उनका कहना है कि नियमों का पालन करने की तैयारी के बावजूद नवरात्रि कार्यक्रम की अनुमति नहीं देना उचित नहीं है.
अब किसके पास पहुंचा मामला
मामला अब सिर्फ सोसायटी के स्तर तक सीमित नहीं है. सोसयटी में रहने वाले लोगों की ओर से पहले भी ठाणे तालुका के उप रजिस्ट्रार और सहकारी समिति से जुड़े अधिकारियों के सामने शिकायत की गई थी. रिपोर्टों के मुताबिक, उप रजिस्ट्रार कार्यालय ने सोसायटी को शिकायत में उठाए गए मुद्दों पर कानून और सोसायटी के उपनियमों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. अब सोसायटी की नजर इस बात पर है कि आम बैठक के फैसले, सोसायटी के उपनियम और प्रशासनिक निर्देशों के आधार पर आगे क्या फैसला होता है.
पहले बकरी ईद को लेकर हुआ था विवाद
पूनम एस्टेट का यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ महीने पहले बकरी ईद से पहले परिसर में बकरियां रखने को लेकर विवाद हुआ था. मई 2026 में बकरियों को अस्थायी तौर पर रखने को लेकर कुछ निवासियों ने आपत्ति जताई थी. विवाद बढ़ने के बाद पुलिस और नगर निगम को हस्तक्षेप करना पड़ा था. बाद में मामला दो समुदायों के बीच तनाव और झड़प तक पहुंच गया था. इस मामले में पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी. हालांकि, एक फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय मुख्य विवाद बकरियों को अस्थायी तौर पर रखने को लेकर था, जबकि बकरीद की कुर्बानी परिसर में किए जाने की बात अलग मुद्दा थी.