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Sitapur News : सीतापुर के तंबौर इलाके में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी मस्जिद और दुकानों को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. लहरपुर तहसील प्रशासन ने मस्जिद के मौलाना को नोटिस जारी कर एक सप्ताह के अंदर कथित कब्जा हटाने का निर्देश दिया है.
सीतापुर की मस्जिद पर होगी कार्रवाई.
सीतापुर : यूपी के सीतापुर में कब्रिस्तान की जमीन पर बनी मस्जिद और दुकानों पर अब प्रशासन की नजर पड़ गई है. अवैध कब्जा को हटाने के लिए लहरपुर तहसील प्रशासन ने मस्जिद के मौलाना को नोटिस जारी किया है. नायब तहसीलदार ने मौलाना को नोटिस देते हुए मस्जिद पर चस्पा कर दी है. नोटिस में एक सप्ताह के अंदर कब्जा खाली करने को कहा गया है. इतना ही नहीं अगर कब्जा नहीं हटाया तो बुलडोजर की कार्रवाई में आए खर्च को मस्जिद कमेटी से वसूला जाएगा.
यह पूरा मामला लहरपुर तहसील के तंबौर इलाके का है. तंबौर कस्बे में बाबा बुरहानुद्दीन के नाम पर कब्रिस्तान की जमीन पर लोगों द्वारा अवैध मस्जिद का निर्माण कर लिया गया था. गाटा संख्या 541 पर बनी अवैध मस्जिद करीब दो बीघा में बनी हुई है. इसकी अनुमानित कीमत चार करोड़ की बताई जा रही है.
मस्जिद कमेटी ने धीरे-धीरे पक्की दुकानें भी बनवा ली. इस अवैध मस्जिद को लेकर लहरपुर तहसीलदार ने मस्जिद के मौलाना शाहिद अली को नोटिस देकर जवाब मांगा था. नोटिस मिलने के बाद मस्जिद कमेटी ने इलाहाबाद की लखनऊ खंड पीठ में वाद दायर किया था जिसमें न्यायालय ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित किया. न्यायालय का यह आदेश समाप्त हो जाने के बाद बुधवार को फिर से मस्जिद के मौलाना को नोटिस जारी किया. तहसील लहरपुर के राजस्व निरीक्षक सुंदर लाल रस्तोगी की ओर से मस्जिद के मुतवल्ली मौलाना शाहिद अली को नोटिस जारी किया गया है.
नोटिस में ग्राम अहमदाबाद, परगना तंबौर की गाटा संख्या 541 का उल्लेख है. इसके मुताबिक करीब 0.03180 हेक्टेयर जमीन कब्रिस्तान के लिए दर्ज है. इस पर पक्की दुकानों और मस्जिद का निर्माण कर कब्जा किए जाने का आरोप है. राजस्व विभाग ने संबंधित भूमि को सरकारी और ग्राम सभा की जमीन बताया है. नोटिस में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश का भी हवाला दिया गया है. संबंधित पक्ष को जमीन कब्जामुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं. नोटिस के मुताबिक प्रशासन की ओर से कब्जा हटाने में होने वाला खर्च संबंधित व्यक्ति से भू-राजस्व की तरह वसूल किया जाएगा. राजस्व विभाग के नोटिस के बाद तंबौर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कथित कब्जे का मामला चर्चा में है.