आधा एकड़ में 3 फसलें, किसान ने अपनाया गजब का जुगाड़, धान के साथ केले से होगी लाखों की कमाई

आधा एकड़ में 3 फसलें, किसान ने अपनाया गजब का जुगाड़, धान के साथ केले से होगी लाखों की कमाई


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5.5 फीट की दूरी पर केले के पौधे, बीच में धान की रोपाई, 3 फसलें लेने की तैयारी

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बहराइच. कम जमीन में ज्यादा आमदनी के लिए किसान अलग-अलग फसलों की सह-फसली खेती का तरीका अपना रहे हैं. बहराइच के प्रमोद कुमार बाजपेयी ने करीब आधा एकड़ यानी ढाई बीघा खेत में धान और केले की खेती साथ शुरू की है. धान की कटाई के बाद केले के बीच खाली जगह में मूली की खेती की जाएगी. किसान के मुताबिक, इस तरह एक ही खेत से तीन फसलों से कमाई लेने की तैयारी है.

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बहराइच. खेती में कुछ नया करने की सोच हो तो कम जमीन में भी किसान अपनी आमदनी बढ़ाने का रास्ता निकाल सकते हैं. बहराइच के मिर्जापुर तिवारी पुरवा गांव के किसान प्रमोद कुमार बाजपेयी ने अपने खेत में ऐसा ही प्रयोग किया है. उन्होंने करीब आधा एकड़ यानी ढाई बीघा जमीन में धान और केले की सह-फसली खेती शुरू की है. अब इसी खेत से धान, केला और मूली की तीन फसलें लेने की तैयारी है.

प्रमोद कुमार बाजपेयी ने बताया कि उन्हें सह-फसली खेती का आइडिया किसी कृषि विश्वविद्यालय या बड़े विशेषज्ञ से नहीं मिला. उन्होंने मोबाइल पर फेसबुक और किसान ऐप्स के जरिए सह-फसली खेती के बारे में जानकारी जुटाई. उन्हें लगा कि एक ही खेत में अलग-अलग फसलें उगाकर कम जमीन से ज्यादा कमाई की जा सकती है. इसके बाद उन्होंने खुद इस तरीके को आजमाने का फैसला किया.

प्रमोद ने सबसे पहले खेत को अच्छी तरह तैयार किया. इसके बाद करीब 5.5-5.5 फीट की दूरी पर केले के पौधे लगाए. केले के पौधों के बीच खाली बची जगह में रामा धान इंद्रासन प्रजाति की रोपाई कर दी. इस पूरी खेती को शुरू करने में करीब 5 हजार रुपये का खर्च आया. फसल को पोषण देने के लिए उन्होंने सुपर फास्फेट, पोटाश और यूरिया का संतुलित मिश्रण बनाकर खेत में डाला है.

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प्रमोद के खेत में पिछले साल काला नमक रोग की समस्या आई थी, जिससे धान की फसल को काफी नुकसान हुआ था. इस बार उन्होंने सह-फसली खेती का तरीका अपनाया है. उनका कहना है कि इस बार खेत में फसल अच्छी तरह लहलहा रही है और पौधे भी स्वस्थ दिखाई दे रहे हैं. प्रमोद की योजना एक ही खेत से अलग-अलग समय पर तीन फसलें लेने की है. उनके मुताबिक, धान अक्टूबर तक तैयार हो जाएगा और इससे करीब 8 से 10 क्विंटल धान मिलने की उम्मीद है.

प्रमोद ने बताया कि केले की फसल जुलाई के आसपास तैयार हो जाएगी. धान की कटाई के बाद केले के बीच की खाली जगह का इस्तेमाल मूली की खेती के लिए किया जाएगा. इस तरह एक ही खेत से अलग-अलग समय पर तीन फसलें लेने की योजना है. कमाई का हिसाब बताते हुए प्रमोद बाजपेयी कहते हैं कि एक बीघा केले की फसल से करीब 50 हजार रुपये तक का मुनाफा हो जाता है. उनके मुताबिक, ढाई बीघा यानी आधा एकड़ खेत से अकेले केले की फसल से करीब 1 लाख से 1.25 लाख रुपये तक की शुद्ध आय होने का अनुमान है. इसके अलावा धान और मूली से होने वाली कमाई अलग होगी.

प्रमोद का कहना है कि धान की खेती में लगातार कम होते मुनाफे से परेशान किसानों को सह-फसली खेती पर विचार करना चाहिए. एक ही खेत में अलग-अलग फसलें लगाने से किसान को सिर्फ एक फसल पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता. उनका मानना है कि सही तरीके और योजना के साथ खेती की जाए तो कम जमीन में भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है. प्रमोद अब अपने खेत में धान, मूली और केले की तीन फसलों से बेहतर कमाई लेने की तैयारी में हैं.



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