Rishikesh News : ‘पुरानी पहचान खत्म’, ऋषिकेश में राफ्टिंग ने योग को पीछे छोड़ा, क्या बोले लोग?

Rishikesh News : ‘पुरानी पहचान खत्म’, ऋषिकेश में राफ्टिंग ने योग को पीछे छोड़ा, क्या बोले लोग?


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Rishikesh ki local news : योग, अध्यात्म और गंगा ऋषिकेश की पहचान रहे हैं. लोग यहां सदियों से शांति, साधना और गंगा दर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में ऋषिकेश की तस्वीर तेजी से बदली है. राफ्टिंग, कैंपिंग, कैफे, होटल और एडवेंचर एक्टिविटीज ऋषिकेश की नई पहचान बनकर उभरे हैं. आज ऋषिकेश को आखिर किस नाम से पहचाना जाए, योग सिटी, धार्मिक नगरी या एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में. लोकल 18 ने इस बारे में ऋषिकेश के स्थानीय लोगों से बात की. चंदना साधु बताती हैं कि उन्होंने शहर को बहुत करीब से बदलते देखा है. 57 साल पहले यहां का माहौल आज से बिल्कुल अलग था. श्रद्धा भाव से आने वाले लोगों की संख्या काफी कम हो गई है.

ऋषिकेश. उत्तराखंड के ऋषिकेश की पहचान लंबे समय से योग, अध्यात्म और गंगा से जुड़ी रही है. देश-विदेश से लोग यहां शांति, साधना और गंगा दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में ऋषिकेश की तस्वीर तेजी से बदली है. राफ्टिंग, कैंपिंग, कैफे, होटल और एडवेंचर एक्टिविटीज ने शहर को एक बड़े टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर पहचान दिलाई है. ऐसे में सवाल उठता है कि आज ऋषिकेश को आखिर किस नाम से पहचाना जाए, योग सिटी, धार्मिक नगरी या एडवेंचर डेस्टिनेशन. ऋषिकेश में करीब 59 साल से रह रहीं श्रीमती चंदना साधु लोकल 18 से बताती हैं कि उन्होंने शहर को बहुत करीब से बदलते देखा है. जब वह महज दो साल की उम्र में कोलकाता से ऋषिकेश आईं, तब यहां का माहौल आज से बिल्कुल अलग था. उस समय लोगों में श्रद्धा और भक्ति का भाव ज्यादा दिखाई देता था.

90 प्रतिशत लोग टूरिस्ट

चंदना कहती हैं कि पहले ऋषिकेश आने वाले लोगों में धार्मिक आस्था प्रमुख होती थी, लेकिन अब तस्वीर बदल गई है. आज करीब 90 प्रतिशत लोग टूरिस्ट के तौर पर आते हैं, जबकि श्रद्धा भाव से आने वाले लोगों की संख्या काफी कम रह गई है. चंदना के मुताबिक गंगा के आसपास बढ़ता कारोबार और पर्यटन ने शहर की पहचान को भी बदल दिया है और शहर की पुरानी पहचान लगभग पूरी तरह खत्म हो गई है.

जनलाल की राय अलग

करीब 40 साल से ऋषिकेश में रह रहे जनलाल स्लाउका का मानना है कि शहर की पुरानी पहचान पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. उनके मुताबिक ऋषिकेश आज भी योग सिटी के नाम से पहचाना जाता है. यहां आश्रमों में योग होता है, होटल और कैंप में भी योग से जुड़ी गतिविधियां देखने को मिलती हैं. हालांकि वह यह भी मानते हैं कि आज ऋषिकेश में आने वाली युवा पीढ़ी की संख्या काफी बढ़ गई है. पहले जहां लोग धार्मिक और आध्यात्मिक उद्देश्य से ज्यादा आते थे, अब बड़ी संख्या में युवा घूमने और टूर करने के लिए पहुंच रहे हैं. राफ्टिंग और दूसरी एडवेंचर एक्टिविटीज ने युवाओं को ऋषिकेश की ओर खींचा है.



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