NEET Student Death: पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत, 8 महीने खाक छानती रही CBI, नहीं मिला ठोस सबूत

NEET Student Death: पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत, 8 महीने खाक छानती रही CBI, नहीं मिला ठोस सबूत


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NEET Student Death: पटना के चर्चित नीट छात्रा संदिग्ध मौत केस में बड़ा अपडेट सामने आया. CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान किसी के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त ठोस सबूत नहीं मिले. 6 अक्टूबर को CBI ने POCSO कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की. अब 13 अक्टूबर को कोर्ट इस रिपोर्ट और उससे जुड़े पक्षों की आपत्तियों पर सुनवाई करेगा.

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सीबीआई. (सांकेतिक तस्वीर)

पटनाः बिहार की राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत हो गई थी. मामले में CBI ने आठ महीने तक जांच की, लेकिन खाली हाथ रही. सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी है. एजेंसी ने अपनी जांच में पर्याप्त ठोस सबूत नहीं मिलने की बात कही है. CBI ने 6 अक्टूबर 2026 को पटना की विशेष POCSO अदालत में यह रिपोर्ट दाखिल की. अब कोर्ट इस रिपोर्ट पर सुनवाई करेगा. 13 अक्टूबर को क्लोजर रिपोर्ट पर सुनवाई होनी है. कोर्ट रिपोर्ट को स्वीकार कर सकता है या मामले से जुड़े पक्षों की आपत्ति और उपलब्ध सामग्री के आधार पर आगे की जांच के निर्देश भी दे सकता है.

6 जनवरी को हॉस्टल में बेहोश मिली थी छात्रा
मालूम हो कि, 6 जनवरी 2026 को पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल के एक कमरे में NEET की तैयारी कर रही छात्रा बेहोश मिली थी. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई. इसके बाद छात्रा के पिता के बयान पर 9 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाने में FIR दर्ज की गई. परिवार की ओर से छात्रा के शरीर पर चोट के निशान का हवाला देते हुए घटना को लेकर गंभीर आशंका जताई गई थी. शुरुआती जांच में पुलिस की ओर से आत्महत्या की आशंका जताए जाने के बाद विवाद बढ़ गया. इसके बाद मामले की जांच के लिए SIT बनाई गई.

मेडिकल रिपोर्ट के बाद बदली जांच की दिशा
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट को लेकर भी कई बातें सामने आईं. मीडिया रिपोर्टस् के मुताबिक, पोस्टमार्टम में छात्रा के शरीर पर चोट के निशान मिले थे. फॉरेंसिक जांच में उसके कपड़ों से स्पर्म मिलने की बात सामने आई थी. परिवार वालों और अन्य लोगों की ओर से जांच पर सवाल उठाए जाने के बाद बिहार सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपने की सिफारिश की थी. CBI ने फरवरी 2026 में जांच शुरू की. हॉस्टल से लेकर जहानाबाद तक कई लोगों से पूछताछ की गई.

अब 13 अक्टूबर को कोर्ट में होगी सुनवाई
लगभग आठ महीने की जांच के बाद CBI ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है. एजेंसी का कहना है कि जांच में ऐसा ठोस सबूत नहीं मिला, जिसके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सके. अब 13 अक्टूबर की सुनवाई में कोर्ट CBI की रिपोर्ट पर विचार करेगा. इस मामले में अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है. क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगी.



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