JDU के इर्द-गिर्द ही घूमेगी बिहार की राजनीति, निशांत कुमार के नेतृत्व में आगे बढ़ेगी पार्टी, नीतीश संवाद में संजय झा का बड़ा बयान


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Sanjay Jha JDU News: जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि निशांत कुमार आने वाले समय में जेडीयू का भविष्य हैं और उनकी अगुवाई में पार्टी काफी आगे बढ़ेगी. संजय झा ने आगे कहा कि आने वाले समय में कोई भी पार्टी बिना जेडीयू के बिहार में राजनीति नहीं कर सकती है. किसी भी पार्टी को जेडीयू के इर्द-गिर्द ही रहकर राजनीति करनी होगी. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.

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JDU के इर्द-गिर्द घूमेगी बिहार की राजनीति, निशांत की अगुवाई में बढ़ेगी पार्टी Zoom

वैशाली में आयोजित नीतीश संवाद कार्यक्रम में संजय झा, उमेश कुशवाहा और निशांत कुमार के साथ अन्य नेता.

वैशाली. जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि निशांत कुमार आने वाले समय में जेडीयू का भविष्य हैं और उनकी अगुवाई में पार्टी काफी आगे बढ़ेगी. संजय झा ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति जेडीयू को नजरअंदाज करके नहीं चल सकती. संजय झा के मुताबिक किसी भी पार्टी को बिहार में राजनीति करनी है तो उसे जेडीयू के इर्द-गिर्द रहकर ही राजनीति करनी होगी क्योंकि जेडीयू बिहार की राजनीति की धुरी है और रहेगी.

वैशाली जिले के हिलालपुर में आयोजित नीतीश संवाद में प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा  और बिहार  स्वास्थ्य मंत्री सह वैशाली जिले के प्रभारी मंत्री निशांत कुमार भी उपस्थित रहे. संजय झा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फरक्का बराज और फरक्का जल संधि से बिहार को पिछले 30 वर्षों में बाढ़ और सुखाड़ के रूप में हुए भारी नुकसान की चर्चा की, वहीं राज्यहित के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सभी क्षेत्रवासियों से एकजुटता की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने पार्टी में निशांत कुमार की भूमिका पर बात ही और साफ-साफ कहा कि जेडीयू ही बिहार की राजनीति के केंद्र में रहेगी.

निशांत को पार्टी के भविष्य से जोड़ चुके हैं संजय झा

निशांत कुमार को लेकर संजय झा का यह पहला बड़ा बयान नहीं है. जून 2026 में भी उन्होंने निशांत को जेडीयू का भविष्य बताया था. उस समय पार्टी की राष्ट्रीय और प्रदेश परिषद की बैठकों के बाद संजय झा ने कहा था कि निशांत पार्टी में भूमिका निभाएंगे और भविष्य में बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे. पार्टी की ओर से भी निशांत की भूमिका बढ़ाने से जुड़ा प्रस्ताव सामने आया था.

छह महीने पहले सक्रिय राजनीति में आए निशांत

बता दें कि मार्च 2026 में निशांत औपचारिक तौर पर जेडीयू में शामिल हुए थे. इसके बाद से पार्टी के कार्यक्रमों और संगठन से जुड़ी गतिविधियों में उनकी मौजूदगी लगातार दिखाई दे रही है. सितंबर में जेडीयू के एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भी निशांत ने पार्टी नेताओं और विधायकों के बीच अपनी बात रखी थी.

सवाल सिर्फ निशांत का नहीं, JDU की भूमिका का

संजय झा के वैशाली वाले बयान का दूसरा हिस्सा अधिक ध्यान देने वाला है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कोई भी पार्टी जेडीयू के बिना बिहार में राजनीति नहीं कर सकती. अगर संजय झा के शब्दों को सीधे शब्दों में समझे तो पार्टी अपने लिए बिहार की राजनीति में एक ऐसी केंद्रीय भूमिका देख रही है, जिसे दूसरे दलों को भी ध्यान में रखना पड़ेगा. खास बात यह कि बयान ऐसे समय आया है जब जेडीयू के भीतर निशांत की राजनीतिक भूमिका लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है.

नीतीश की विरासत और निशांत की भूमिका

जेडीयू की राजनीति में निशांत की एंट्री को नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत से जोड़कर देखा जा रहा है. खुद संजय झा पहले कह चुके हैं कि नीतीश कुमार की विरासत को निशांत आगे ले जाएंगे. हालांकि निशांत की आगे की संगठनात्मक भूमिका क्या होगी, इसका पूरा खाका अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है. अप्रैल में घोषित जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी निशांत को जगह नहीं मिली थी.

JDU के इर्द-गिर्द राजनीति का दावा कितना बड़ा है?

दरअसल, बिहार की राजनीति में जेडीयू की भूमिका लंबे समय से गठबंधन की राजनीति के केंद्र में रही है. संजय झा का नया दावा इसी राजनीतिक स्थिति को आगे की राजनीति से जोड़ता है. अब देखने वाली बात यह होगी कि निशांत कुमार की सक्रियता किस तरह बढ़ती है और पार्टी उन्हें संगठन में किस तरह की जिम्मेदारी देती है.



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