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How FlyDubai Flight Dentist Saved Captain Smit: फ्लाईदुबई की फ्लाइट के हादसे को दिन बीतते जा रहे हैं, लेकिन इस खौफनाक पल को उस वक्त प्लेन में सवार लोग भूल ही नहीं पा रहे हैं. अब कैप्टन स्मित मच्छर की जान बचाने वाले डेंटिस्ट ने हवा में 45 मिनट किस खौफ में बीते, इसकी पूरी कहानी बताई है.
हवा में डूबने लगी थी कैप्टन स्मित की नब्ज.
How FlyDubai Flight Dentist Saved Captain Smit: विमान आसमान में था और अचानक कॉकपिट से चीख-पुकार सुनाई देने लगी. थोड़ी देर पर में एक सामान्य उड़ान जिंदगी और मौत की जंग में बदल गई. दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सवार 174 यात्रियों को उस वक्त अंदाजा भी नहीं था कि अगले 45 मिनट उनके जीवन के सबसे खौफनाक पलों में बदलने वाले हैं. खासतौर पर कैप्टन के तौर पर कॉकपिट के अंदर गए स्मित मच्छर को अंदाजा नहीं था कि ये उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी परीक्षा साबित होगी.
जान बचाने वाले इजरायली डेंटिस्ट ने बताई कहानी
- हमले में कैप्टन स्मित के सिर और हाथ पर गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहने लगा. उसी दौरान विमान में मौजूद 47 वर्षीय इजरायली डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसाएव को डॉक्टर के लिए पुकार सुनाई दी. वे तुरंत कॉकपिट की ओर दौड़े. सामने घायल पायलट को देखकर उन्होंने बिना देर किए मदद शुरू कर दी.
- मुसाएव के पास कोई मेडिकल किट नहीं थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने टी-शर्ट को पट्टी की तरह इस्तेमाल किया और घाव पर दबाव बनाकर खून रोकने की कोशिश की. बवाजूद इसके जब खून कम नहीं हुआ तो उन्होंने क्रू से बर्फ मांगी और लगातार घाव पर दबाव डालते रहे.
- उनके सामने चुनौती सिर्फ खून रोकने की नहीं थी बल्कि कैप्टन का होश में रहना बेहद जरूरी है. उन्होंने उनसे बातचीत शुरू कर दी और घर-परिवार की बातें करने लगे. घायल पायलट भी जिंदगी बचाने की जिद में थे. उन्होंने मुसाएव से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि वह मरना नहीं चाहते.
लगभग डूब ही गई थी कैप्टन स्मित की नब्ज
एक समय कैप्टन की नब्ज बेहद धीमी पड़ गई तो डेंटिस्ट मुसाएव ने उनके पैर ऊपर किए, जिसके बाद नब्ज वापस महसूस हुई. बाद में जब उनके होंठ नीले पड़ने लगे तो मुसाएव घबरा गए. उन्होंने क्रू को जल्द से जल्द विमान उतारने की जरूरत बताई. इधर कॉकपिट में संघर्ष जारी था. दो ऑफ-ड्यूटी पायलट भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान को स्थिर रखने में मदद की. आखिरकार विमान सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतरा. कैप्टन स्मित को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई और बाद में इलाज के लिए यूएई ले जाया गया. उन्हें खोपड़ी में फ्रैक्चर, सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं. उनकी नजर अब भी धुंधली है और घटना की यादें भी उन्हें पूरी तरह याद नहीं हैं.
हीरो हैं कैप्टन स्मित मच्छर
इतना सब कुछ होने के बावजूद कैप्टन स्मित दोबारा उड़ान भरने का सपना देख रहे हैं. वहीं डॉक्टर मुसाएव कहते हैं कि इस कहानी के असली हीरो वह अकेले नहीं हैं. उनके मुताबिक कैप्टन स्मित ने हमारी जान बचाई और हमने उनकी. ये पूरी कहानी सिर्फ एक ही बात सिखाती है कि अगर संकट की घड़ी में साहस और हौसला बना रहे तो कुछ भी असंभव नहीं है.