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Ajmer High Security Jail: अजमेर की हाईसिक्योरिटी जेल में बंद हार्डकोर कैदी सचिन पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर है. जेल में मनमाफिक सुविधाएं नहीं मिलने का हवाला देते हुए कैदी ने खाना छोड़ दिया. तबीयत को देखते हुए उसे कड़ी सुरक्षा के बीच जेएलएन अस्पताल की इमरजेंसी में लाकर इलाज कराया गया.
अजमेर की हाईसिक्योरिटी जेल में बंद कैदी सचिन
अजमेर. अजमेर की हाईसिक्योरिटी जेल में बंद हार्डकोर कैदी सचिन को बुधवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जेएलएन अस्पताल लाया गया. कैदी पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बताया जा रहा है, तबीयत बिगड़ने की आशंका के चलते जेल प्रशासन ने उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां इमरजेंसी में डॉक्टरों ने उसका इलाज किया. इस दौरान अस्पताल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात रहा.
जानकारी के अनुसार, हार्डकोर कैदी सचिन पिछले तीन दिनों से खाना नहीं खा रहा है. बताया जा रहा है कि जेल में अपनी मांगों और सुविधाओं को लेकर उसने भूख हड़ताल शुरू की है. कैदी का आरोप है कि उसे उसकी इच्छा के अनुसार सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. इसी को लेकर वह जेल प्रशासन के सामने अपनी बात रखने के लिए भूख हड़ताल पर बैठा है.
कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल पहुंचाया
सचिन को जब उपचार के लिए जेएलएन अस्पताल लाया गया तो पुलिस और जेल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए. उसे कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया. डॉक्टरों ने उसकी स्वास्थ्य जांच की और आवश्यक उपचार दिया. कैदी के अस्पताल पहुंचने की सूचना के बाद मौके पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बढ़ा दी गई. हार्डकोर कैदी को अस्पताल लाए जाने को देखते हुए सिविल लाइन कोतवाली थाना पुलिस को भी मौके पर तैनात किया. इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस जाब्ता लगाया गया. अस्पताल परिसर में पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते नजर आए, ताकि उपचार के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जा रहा सचिन
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सचिन का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया जाता है और उसे गैंग से जुड़े एक सदस्य का भांजा भी बताया जा रहा है. यही वजह है कि उसे हाईसिक्योरिटी जेल में रखा गया है, ऐसे में उसके अस्पताल आने के दौरान सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई. फिलहाल अस्पताल में उपचार के बाद कैदी की स्थिति और उसकी भूख हड़ताल को लेकर जेल प्रशासन की ओर से निगरानी रखी जा रही है. उसकी मांगों और भूख हड़ताल के कारणों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है.