165 रुपये किलो हुआ आटा, 50 ग्राम की रोटी की कीमत 30 रुपये, हमारे पड़ोसी देश में यह हो क्‍या रहा है

165 रुपये किलो हुआ आटा, 50 ग्राम की रोटी की कीमत 30 रुपये, हमारे पड़ोसी देश में यह हो क्‍या रहा है


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Pakistan Atta Crisis : पाकिस्‍तान में आटे की भारी किल्‍लत हो गई है. पाकिस्‍तान के बड़े शहरों में शुमार पेशावर में तो हालत बहुत खराब है. वहां आटा अब 165 रुपये प्रति किलो हो चुका है. पाकिस्तान में आटे की कमी पहली बार नहीं हुई है. देश में पिछले कुछ वर्षों में कई बार गेहूं और आटे की सप्लाई प्रभावित हुई है.

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पाकिस्‍तान में साल 2023 में भी आटे की भयंकर किल्‍लत हुई थी. (File Photo : Reuters)

नई दिल्‍ली. हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की हालत काफी खस्‍ता हो चुकी है. अब तो दो वक्त की टी भी आम पाकिस्‍तानी की पहुंच से बाहर होती दिख रही है. पाकिस्‍तान के पेशावर शहर में आटे के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है. खुले बाजार में आटे का भाव 165 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, वहीं तंदूर पर मिलने वाली महज 50 ग्राम की छोटी सी रोटी की कीमत 30 रुपये हो चुकी है.

समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेशावर में 20 किलो मोटे आटे का थैला 3,300 पाकिस्तानी रुपये में मिल रहा है. 20 किलो वजनी बारिक आटे का बैग 3,120 रुपये में बिक रहा है. अगर कोई 80 किलो की बोरी खरीदने निकले तो उसे 13,200 रुपये देने पड़ रहे हैं. पाकिस्‍तान सरकार सब्सिडी वाला आटा भी बाजार मे में मुहैया कराती है, लेकिन इस आटे का अब कोई अता-पता नहीं है. मजबूरी में लोगों को महंगा आटा खरीदना पड़ रहा है.

तंदूर वालों ने बंद की एक रोटी देनी

खैबर बाजार, अशरफ रोड, कराची मार्केट, नमक मंडी और गवर्नमेंट कॉलेज चौक जैसे प्रमुख इलाकों में तंदूर मालिकों ने अजीब नियम लागू कर दिए हैं. कई दुकानदार अब एक रोटी नहीं दे रहे हैं. यदि किसी को रोटी चाहिए तो उसे 40 रुपये देकर दो रोटियां खरीदनी पड़ रही हैं. जो कोई एक रोटी दे रहा है, वह उसके 30 रुपये ले रहा है. दाम बढ़ाने के साथ-साथ रोटी का वजन भी कम किया गया है.

भूख के बीच फलती-फूलती जमाखोरी

आटे के इस संकट के पीछे सिर्फ मांग और आपूर्ति का खेल नहीं है, बल्कि मुनाफाखोरों की काली करतूतें भी . आरोप हैं कि बड़े कारोबारियों ने जानबूझकर आटे का भारी स्टॉक अपने गोदामों में दबा लिया, जिससे बाजार में कृत्रिम किल्लत पैदा हुई. कीमतें बढ़ी तो अब जमाखोरों महंगा आटा बेचकर अपनी तिजोरियां भर रहे हैं.



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