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Aaj Ka Mithun Rashifal 8 October: आज 8 अक्टूबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि, प्रदोष व्रत और त्रयोदशी श्राद्ध का विशेष संयोग बन रहा है. ग्रहों की बदलती चाल और नक्षत्रों के प्रभाव के चलते आज का दिन विशेष रूप से मिथुन राशि के जातकों के लिए बेहद सतर्क रहने वाला है. कार्यक्षेत्र में वक्री शनि का असर और रति अवस्था के कारण परिवार व दफ्तर में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा. आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, ग्रहों की स्थिति और नकारात्मक प्रभावों से बचने के अचूक ज्योतिषीय उपाय.
Aaj Ka Mithun Rashifal 8 October 2026 (मिथुन राशिफल)/देहरादून: आज 8 अक्टूबर यानी गुरुवार का दिन है. हिंदी पंचांग के अनुसार आज आश्विन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के साथ ही प्रदोष व्रत और त्रयोदशी श्राद्ध रात 10 बजकर 17 मिनट तक प्रभावी रहेगा. इसके बाद चतुर्दशी तिथि का आरंभ होगा. वहीं पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगा, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा.
त्रयोदशी श्राद्ध पर रति अवस्था का मिथुन राशि पर असर
देहरादून के ज्योतिषाचार्य संजय बताते हैं कि आज आश्विन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के साथ प्रदोष व्रत और त्रयोदशी श्राद्ध रात 10 बजकर 17 मिनट तक प्रभावी रहेगा. इसके बाद चतुर्दशी तिथि का आरंभ होगा. वहीं पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र रात 9 बजकर 20 मिनट तक रहेगा, जिसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा. देहरादून के ज्योतिषाचार्य संजय के अनुसार त्रयोदशी श्राद्ध के समय रति अवस्था बन रही है. इस अवस्था के कारण बुद्धि में जड़ता, परिवार में उपद्रव, कष्ट और आपसी झगड़े की स्थिति बन सकती है, जिससे मिथुन राशि के जातकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
कार्यक्षेत्र पर वक्री शनि का प्रभाव
ग्रहों की स्थिति की बात करें तो बृहस्पति, मंगल और शनि सभी ग्रह मूल त्रिकोण में स्थित हैं. शनि का गोचर आपके फील्ड वर्क पर है और वह वक्री अवस्था में है, जिससे आपके कार्यक्षेत्र और नेतृत्व क्षमता पर सीधा प्रभाव पड़ेगा. यदि आप किसी कंपनी या ऑफिस के प्रमुख हैं, तो आपको कर्मचारियों की छोटी-मोटी गलतियों को नजरअंदाज करना होगा. ऐसा करने पर आपको लाभ होगा, अन्यथा कर्मचारी आपके खिलाफ जा सकते हैं और आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.
बृहस्पति और मंगल की युति से व्यवहार में बदलाव
बृहस्पति और मंगल की एक साथ उपस्थिति साक्षात शिव का रूप मानी जाती है. अधिक गुस्सा आने पर व्यक्ति का व्यवहार शिव तांडव की तरह उग्र हो सकता है. वहीं दूसरी ओर, बृहस्पति और मंगल की इस युति को परशुराम का अवतार भी माना जाता है. ऐसे में आपको शास्त्र और शस्त्र दोनों का बेहतर ज्ञान प्राप्त हो सकता है, जिससे आप जीवन में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं और आपके अंदर न्यायप्रियता की भावना जागृत होगी.
बिना मांगे सलाह देने से बचें
आज के दिन आपका मन दूसरों को सलाह देने का करेगा, लेकिन ध्यान रखें कि आपके सुझाव दूसरों के लिए नकारात्मक साबित हो सकते हैं. इससे आपके निजी रिश्तों में विश्वास की कमी आ सकती है. बृहस्पति झुकना पसंद नहीं करता क्योंकि वह गुरु का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर कोई भी शिष्य नहीं बनना चाहता. इसलिए आज के दिन व्यर्थ में किसी को भी राय या सलाह देने से पूरी तरह बचें.
बृहस्पति को मजबूत करने के उपाय
ज्योतिषाचार्य के अनुसार आज के दिन अपनी कुंडली में बृहस्पति ग्रह की स्थिति को शुभ और मजबूत बनाने के लिए विशेष उपाय करें. आज आप पीली वस्तुओं का दान कर सकते हैं. इसके अलावा माथे पर नियमित रूप से हल्दी और केसर का तिलक लगाएं, जिससे मानसिक शांति मिलेगी और ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होंगे.