आगरा में है अंग्रेजों के जमानें की रहस्यमयी श्याम कुटी इमारत, दीवार पर लिखे हैं कई भाषाओं में मंत्र, 50 साल से है वीरान, आस पास जानें से डरते हैं लोग

आगरा में है अंग्रेजों के जमानें की रहस्यमयी श्याम कुटी इमारत, दीवार पर लिखे हैं कई भाषाओं में मंत्र, 50 साल से है वीरान, आस पास जानें से डरते हैं लोग


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आगरा में स्थित कैलाश मार्ग पर जंगलों के बीच स्थित एक पुरानी इमारत आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. इस बिल्डिंग को श्याम कुटी के नाम से जाना जाता है. स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर कई तरह की डरावनी कहानियां प्रचलित हैं. कहा जाता है कि शाम ढलने के बाद आसपास के लोग इस ओर जाने से बचते हैं. इस बिल्डिंग में रहने वाले बाबा ने बताया कि करीब 50 साल पहले इस सुनसान इमारत के आसपास कई लोगों ने अजीब आवाजें सुनने और सफेद कपड़ों में किसी आकृति को घूमते हुए देखने का दावा किया था.

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आगरा: जिले में स्थित कैलाश मार्ग पर जंगलों के बीच स्थित एक पुरानी इमारत आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. इस बिल्डिंग को श्याम कुटी के नाम से जाना जाता है. स्थानीय लोगों के बीच इसे लेकर कई तरह की डरावनी कहानियां प्रचलित हैं. कहा जाता है कि शाम ढलने के बाद आसपास के लोग इस ओर जाने से बचते हैं. इस बिल्डिंग में रहने वाले बाबा ने बताया कि करीब 50 साल पहले इस सुनसान इमारत के आसपास कई लोगों ने अजीब आवाजें सुनने और सफेद कपड़ों में किसी आकृति को घूमते हुए देखने का दावा किया था.

धीरे-धीरे इन घटनाओं की चर्चाएं इतनी बढ़ीं कि श्याम कुटी को लोग भूतिया जगह कहने लगे. उन्होंने कहा कि जब वह यहां शुरुआती दिनों में आए थे, तब उन्हें भी कई बार अजीब आवाजें सुनाई देती थीं और कुछ लोगों जैसी आकृतियां दिखाई देने का अहसास हुआ. उनके मुताबिक, इन्हीं घटनाओं के कारण लोगों में इस जगह को लेकर डर बना हुआ है. बाबा का कहना है कि श्याम कुटी का निर्माण अंग्रेजों के दौर में कराया गया था. लंबे समय से सुनसान रहने के कारण इमारत अब कुछ जर्जर हो चुकी है. जंगल और वीरान माहौल इसे और डरावना बना देते हैं. हालांकि इन घटनाओं की कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों के किस्सों ने श्याम कुटी को आज भी रहस्यमयी बना रखा है.

धौलपुर विरासत के एक मंत्री ने बनवाई थी ईमारत

आगरा की श्याम कुटी में रह रहे देवकी बाबा ने बताया कि यह पुरानी इमारत अंग्रेजों के दौर में बनवाई गई थी. उन्होंने कहा कि धौलपुर के एक राजा के यहां तैनात मंत्री श्याम ने इस भवन का निर्माण कराया था. हालांकि उनकी कोई संतान नहीं थी, जिसके चलते कुछ समय बाद यह इमारत वीरान हो गई और लंबे समय तक बंद पड़ी रही. देवकी बाबा के मुताबिक, बाद में करीब 15 वर्ष की उम्र में एक महात्मा यहां रहने के लिए आए. उन्होंने अपना पूरा जीवन इसी स्थान पर बिताया और करीब 70 वर्ष की उम्र में श्याम कुटी में ही उनका निधन हो गया. बाबा बताते हैं कि वह महात्मा अक्सर यहां अजीब आवाजें सुनाई देने और कुछ आकृतियां दिखाई देने की बात कहते थे. इन्हीं चर्चाओं के बाद लोगों में डर बढ़ा और शाम ढलते ही यहां आने से लोग बचने लगे.

ईमारत में भुत प्रेत की वजह से कई भाषाओं में लिखे गए है मंत्र

आगरा की श्याम कुटी में रहने वाले देवकी बाबा ने बताया कि इस पुरानी इमारत में पहले अजीब आवाजें और कथित भूत-प्रेत की घटनाओं की चर्चाएं होती थीं. इन्हीं मान्यताओं के चलते यहां पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान भी कराए गए. देवकी बाबा बताते हैं कि इमारत के बीचों-बीच कई भाषाओं में धार्मिक मंत्र और पवित्र पंक्तियां लिखी गई हैं. उनके अनुसार, हिंदी में हिंदू धर्म से जुड़े मंत्र, अंग्रेजी में ईसाई धर्म से संबंधित प्रार्थनाएं और उर्दू में कुरान की आयतें लिखी गई हैं. बाबा का कहना है कि इन धार्मिक पंक्तियों को लिखने का उद्देश्य नकारात्मक शक्तियों को दूर करना और यहां से कथित भटकती आत्माओं को मुक्ति दिलाना था. हालांकि इन दावों की कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है, लेकिन श्याम कुटी से जुड़ी ऐसी कहानियां आज भी लोगों की जिज्ञासा बढ़ाती हैं.



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