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भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक से बढ़कर एक क्रिकेटर्स आए जो सेलक्टर बने पर जितना सुर्खियों में अजित अगरकर रहे उतना कोई नहीं रहा. अच्छे सेलेक्शन पर तारीफ हुई तो खिलाड़ियों के रिजेक्शन पर गालियां भी पड़ी. अजित अगरकर के कार्यकाल में टीम ने 3 आईसीसी ट्रॉफी जीती पर चर्चा ज्यादा विराट-रोहित अश्विन के रिटायरमेंट की हुई
हेड कोच ने पूर्व चीफ सेलेक्टर को क्या कहा थैंक यू
नई दिल्ली. किसी भी संस्थान में कोई भी पद स्थाई नहीं होता, जो मिला हो वो एक दिन जाएगा ये बाद हर जगह लागू होती है वो फिर चाहे राजनीति का मैदान हो या खेल का मैदान. पद पर बने रहने की समय सीमा घट-बढ़ सकती है पर परमानेंट मिल जाए ये कतई संभव नहीं. इस बात को किसी भी पद पर बैठा व्यक्ति विशेष जितनी जल्दी समझ जाए उतना अच्छा और जो नहीं समझा उसको उतनी ही परेशानी. भारतीय क्रिकेट में भी चीफ सेलेक्टर का पद भी कुछ ऐसा ही है जब तक है तो आप सर्वशक्तिमान और जब चला जाए तो आम इंसान.
भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक से बढ़कर एक क्रिकेटर्स आए जो सेलक्टर बने पर जितना सुर्खियों में अजित अगरकर रहे उतना कोई नहीं रहा. अच्छे सेलेक्शन पर तारीफ हुई तो खिलाड़ियों के रिजेक्शन पर गालियां भी पड़ी. अजित अगरकर के कार्यकाल में टीम ने 3 आईसीसी ट्रॉफी जीती पर चर्चा ज्यादा विराट-रोहित अश्विन के रिटायरमेंट की हुई. अगरकर को गंभीर का रबर स्टैंप भी कहा गया यानि जो कुछ हेड कोच चाहते थे उन्होंने चीफ सेलेक्टर से करवाया. 4 अक्टूबर को जैसे ही अगरकर का कार्यकाल खत्म हुआ ऐसा लगा सेलेक्शन कमेटी उस छवि से बाहर आ गई.
चीफ सेलेक्टर की तारीफ या लीपा-पोती
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बुधवार को जाने-माने मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर की तारीफ करते हुए कहा कि इतिहास उस व्यक्ति के साथ न्याय करेगा जिसका ‘टीम सर्वोपरि’ का दृढ़ विश्वास देश को उनके कार्यकाल के दौरान तीन आईसीसी ट्रॉफी जिताने में बेहद अहम रहा. आगरकर का कार्यकाल पिछले महीने समाप्त हो गया और बीसीसीआई ने मंगलवार को इस खाली पद को भरने के लिए आवेदन मांगे. यह उस पद के लिए उनके कार्यकाल को बढ़ाने को लेकर हफ्तों चली अटकलों के बाद हुआ. प्रिय अजीत भाई, आपके साथ काम करना बेहद सम्मान की बात रही. वे 3 आईसीसी ट्रॉफियां आपके पक्के इरादे का सबूत हैं. हमेशा टीम सबसे पहले और टीम आगे मैं यह जरूर कहूंगा कि इतिहास आपके प्रति अधिक दयालु रहेगा. हर चीज के लिए शुक्रिया. आपके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी दिल से शुभकामनाएं.
ट्रॉफी जीत पर क्यों भारी पड़ी कन्ट्रोवर्सी?
आगरकर के कार्यकाल के दौरान भारत ने 2024 और 2026 टी20 विश्व कप के साथ-साथ 2025 चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती, इस दौरान उन्होंने टीम बदलाव के दौर को भी संभाला जिसमें दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा का टी20 और टेस्ट से संन्यास लेना शामिल था. उन्हें सख्त माना जाता था और वह इस बात पर खुलकर नहीं बोले कि कोहली और रोहित 2027 के वनडे विश्व कप की योजनाओं में शामिल हैं या नहीं जो उनको एक्सटेंशन ना मिलने का सबसे बड़ा कारण रहा. अगरकर का कार्यकाल इसलिए भी विवादित रहा कि कई बड़े खिलाड़ी रोहित शर्मा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, आर अश्विन जैसे नामों ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया. मोहम्मद शमी के प्रकरण को ठीक से ना हैंडल कर पाना भी अगरकर के लिए नेगेटिव गया. टेस्ट क्रिकेट में टीम का गिरता ग्राफ और कामचलाऊ सोच से बीसीसीआई को मजबूर किया कि वो अगरकर को कनेक्शन भारतीय क्रिकेट से काट दिया जाए.