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Akash Anand Inside Story: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के दौरान मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर से पार्टी में ले आई हैं. राजनीतिक गलियारों में यही चर्चा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुछ दिनों में ही मायावती का गुस्सा अपने भतीजे के लिए शांत हो गया और उन्होंने उन्हें ना केवल पार्टी में लिया बल्कि आते ही राष्ट्रीय संयोजक का पद भी दे दिया है. बहुजन समाज पार्टी और मायावती के परिवार से जुड़े इस राजनीतिक घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी क्या है, आइए जानते हैं.
कुछ ही दिनों में मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को माफ कर दिया है और एक बार फिर से बीएसपी में ले लिया है.
लखनऊ: आकाश आनंद एक बार फिर से बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) में लौट आए हैं. मीडिया में खबरें आई कि आकाश आनंद ने जैसे ही सोशल मीडिया पोस्ट लिखकर बीएसपी सुप्रीमो और बुआ मायावती से अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी तो सारा झगड़ा खत्म हो गया. मायावती ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आकाश आनंद को माफ करने की बात कही है. अब आकाश आनंद यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले एक बार फिर से बीएसपी में हैं. आते ही उन्हें पार्टी में नंबर दो की पोजीशन राष्ट्रीय संयोजक का पद भी दे दिया गया है. अब सवाल उठता है कि आकाश आनंद की बीएसपी में एक बार फिर से वापसी इनसाइड स्टोरी क्या है? आइए इसे स्टेप बाई स्टेप समझते हैं.
- बीएसपी को लेकर एक बात पिछले कुछ सालों से खूब चर्चा में है. कहा जाता है कि 2012 में बीएसपी की सरकार जाने के बाद से मायावती ने अपना पूरा बेस लखनऊ को बना लिया है. वह गाहे बगाहे ही मायावती लखनऊ वाले अपने आवास से बाहर निकलती हैं. कहा जाता है कि इस वजह से बीएसपी में दो गुट बन गए हैं, पहला लखनऊ और दूसरा दिल्ली. आकाश आंनद भी दिल्ली में ही रहते हैं.
- लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार बताते हैं कि बीएसपी में लखनऊ गुट हमेशा से मायावती को दिल्ली गुट के बारे में भड़काता रहता है. माना जाता है कि आकाश आनंद को बार-बार पार्टी से निकाले जाने की घटना भी इसी का नतीजा है. कहा जाता है कि लखनऊ में जमे नेता मायावती के ज्यादा करीब हैं इसलिए वह अपनी बातें बीएसपी सुप्रीमो को आसानी से समझा पाते हैं.
- मायावती आकाश आनंद को बचपन से ही जरूरत से ज्यादा लाड प्यार करती हैं. यही वजह है कि मायावती ने अपनी आत्मकथा में परिवार के नाम पर केवल आकाश आनंद, उनके छोटे भाई ईशान आनंद और इनके पिता आनंद की तस्वीर प्रकाशित की है. इसी लाड प्यार की वजह से आकाश आंनद बचपन से ही मायावती को बुआ मां कहकर संबोधित करते हैं.
- बीएसपी में कहा जाता है कि कोई आकाश आनंद या उनसे जुड़े लोगों के बारे में मायावती के कान तो भर सकता है, लेकिन दोनों बीच संवाद का जरिया नहीं बन सकता है. यहां तक कि आनंद कुमार भी बेटे आकाश की कोई बात मायावती तक पहुंचाने की हैसियत या हिम्मत नहीं करते हैं. यानी मायावती केवल आकाश आनंद से आमने सामने बात करने के बाद ही किसी फैसले पर पहुंचती हैं.
- इस बार के प्रकरण में कहा जा रहा है कि आकाश आनंद ने खुद लखनऊ जाकर मायावती के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और सारे कंफ्यूजन दूर किए. कहा जाता है कि मायावती चाहे आकाश आनंद से कितनी भी नाराज हों, लेकिन जब वह सामने आ जाते हैं तभी उनका सारा गुस्सा शांत हो जाता है. भले ही वह डांट में दो चार लाइनें क्यों न कहें.
- मायावती से मुलाकात के बाद आकाश आनंद ने भी बिलकुल सधे अंदाज में एक सोशल मीडिया पोस्ट लिखकर बीएसपी सुप्रीमो और बुआ मां से माफी मांगी. इसके बाद उन्हें एक बार फिर से राष्ट्रीय संयोजक बनाकर पार्टी में ले आया गया है.
- बताया जा रहा है कि मायावती ने आकाश आनंद को सख्त हिदायत दी है कि वह रेगुलर उनसे मिलने लखनऊ आया करें. पार्टी की तमाम गतिविधियों के बारे में खुद आकर उन्हें बताएं. साथ ही यह भी हिदायत दी है कि भाषणशैली में उग्रता के बजाय फैक्ट के साथ हमले करें.