Harish Rawat News | हरीश रावत ने खुद को ‘खूसट बुड्ढा’ बताते हुए ‘बहुत कुछ’ इशारा किया.. उनकी यात्रा से कुछ कांग्रेसी परेशान हैं क्‍या?

Harish Rawat News | हरीश रावत ने खुद को ‘खूसट बुड्ढा’ बताते हुए ‘बहुत कुछ’ इशारा किया.. उनकी यात्रा से कुछ कांग्रेसी परेशान हैं क्‍या?


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Harish Rawat : ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन जारी है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में शामिल हुए. मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में फिर से SIR रिविजन होने की चर्चा है और सवाल उठाया कि जब SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तो दोबारा रिविजन क्यों कराया जा रहा है. अखिलेश ने नंदलाल निषाद के नाम से फॉर्म-7 भरवाए जाने का आरोप भी लगाया. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने अखिलेश यादव को हिरासत में लिया.

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हरीश रावत क्‍या बगावत के मूड में हैं?

हल्द्वानी : उत्‍तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता हरीश रावत ने शरद ऋतु में अचानक से उत्तराखंड का सियासी तापमान सातवें आसमान पहुंचा दिया है. खास बात ये है कि उनके हालिया सियासी कदम से खलबली सत्ता में बैठी बीजेपी में नहीं बल्कि कांग्रेस के भीतर है और उत्तराखंड में कांग्रेस के भीतर ऐसा सियासी भूचाल मचा हुआ है कि केंद्रीय नेतृत्व को भी सुपर एक्टिव होकर दखल देना पड़ा. प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा को हरीश रावत के नाम चेतावनी भरी चिठ्ठी जारी करनी पड़ी और राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को खुलेआम एक्स पर लिखना पड़ा.

कौन कौन हरीश रावत के साथ..
दरअसल, पूर्व सीएम हरीश रावत इन दिनों अपनी एक धन्यवाद और जन संवाद यात्रा को लेकर चर्चा में हैं. उनकी ये यात्रा पहले हरिद्वार से निकलकर देहरादून गई और 5 अक्टूबर को हरदा से कुमाऊं के तराई भाबर तक पहुंच गई. जहां उन्होंने जसपुर से लेकर काशीपुर, रामनगर, कालाढूंगी और हल्द्वानी जैसी विधानसभाएं नाप डाली. खास बात ये है कि इस यात्रा के दौरान उनका साथ देने पूर्व पीसीसी चीफ प्रीतम सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और वर्तमान में विधायक तिलकराज बेहड़, विधायक आदेश चौहान, मनोज तिवारी, मदन बिष्ट, हरीश धामी और सुमित हृदयेश का भी साथ मिला. रामनगर में तो कांग्रेस से बाहर चल रहे पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने 10 जेसीबी के जरिए हरीश रावत की यात्रा पर फूल फेंककर अपना शक्ति प्रदर्शन कर डाला.

पर हरीश रावत की इस यात्रा पर केंद्रीय नेतृत्व ने ब्रेक लगा डाला और इसी ब्रेक पर हरीश रावत खुलकर बरसे हैं. उन्होंने साफ किया कि उनकी ये धन्यवाद और जनसंवाद यात्रा कांग्रेस के विरोध में नहीं, बल्कि कांग्रेस के लिए ही है. इससे कांग्रेस की चुनावी तैयारियों को धार मिलेगी. हरीश रावत ने कहा कि क्योंकि वो लंबे समय से बीमार थे. उनकी बीमारी के दौरान बहुत से लोगों ने उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की. साथ ही ईडी ने भी उन्हें परेशान किया. इस दौरान भी जनता और उनके समर्थक साथ खड़े रहे. ऐसे में वो उन सबका धन्यवाद करने इस यात्रा पर निकले हैं.

समय रहते जग जाओ- हरीश रावत
हरीश रावत ने साफ किया कि उनकी ये यात्रा ऐसे समय में निकल रही है, जब प्रदेश कांग्रेस संगठन कुछ नहीं कर रहा है. ऐसे में अगर मेरे जैसा खूसट बूढ़ा कांग्रेस के लिए कोई यात्रा कर रहा है तो इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए. यही नहीं केंद्रीय नेतृत्व से उनकी यात्रा की शिकायत करने वाले प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को भी हरीश रावत ने आड़े हाथों लिया है. हरीश रावत ने पार्टी के प्रदेश संगठन को चेतावनी देते हुए कहा कि ये जगने का समय है. इसलिए समय रहते जग जाओ. नहीं तो समय निकल जाएगा. हरीश रावत ने दावा किया कि उनका ये सफर यहीं रुकने वाला नहीं. उन्होंने साफ किया कि शिकायत से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं.

गौरतलब है कि हरीश रावत ने ये बयान ऐसे समय में जारी किया है जब पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन ने एक्स पर हरीश रावत की यात्रा को लेकर खुली पोस्ट लिखी है. ‘केसी वेणुगोपाल ने लिखा है कि… चुनाव वाले राज्य उत्तराखंड में चल रहे कैंपेन पर चर्चा करने के लिए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात की. यह साफ़ किया गया कि हमारे कैंपेन को उत्तराखंड के सभी नेताओं के साथ मिलकर, सिर्फ़ कांग्रेस के बैनर तले और माननीय मल्लिकार्जुन खड़गे व LOP राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जाएगा, जिसका एकमात्र मकसद पार्टी की जीत सुनिश्चित करना होगा. पार्टी व्यक्तिगत कैंपेन को बर्दाश्त नहीं करेगी, केवल वही कार्यक्रम होंगे जो पार्टी संगठन ने तय किए हैं. पार्टी को पूरा भरोसा है कि पूरी राज्य इकाई की ऊर्जा और कड़ी मेहनत से हम उत्तराखंड में जीत हासिल करेंगे!  वेणुगोपाल के तेवरों के बाद हरीश रावत क्या करते हैं ये देखने वाली बात होगी. हालांकि एक बार फिर 7 अक्टूबर को दोनों नेताओं की दिल्ली में मुलाकात होनी है. इसके बाद हरीश रावत क्या करते हैं इस पर सबकी निगाह है.



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