कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के आरोपों को बेबुनियाद बताया है. News18 से खास बातचीत में अग्रवाल ने कहा कि वह इन आरोपों को लेकर कानूनी राय ले रहे हैं. उन्होंने महुआ मोइत्रा के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की बात कही है. महुआ ने अग्रवाल और सुब्रत गुप्ता को बंगाल SIR का दो बड़ा सूत्रधार बताया था. उन्होंने दोनों पर गंभीर गैरकानूनी काम करने के आरोप लगाए थे. अग्रवाल ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर ये आरोप किस दस्तावेज और सबूत के आधार पर लगाए गए हैं. उन्होंने यह भी साफ किया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास खुद से किसी मतदाता का नाम हटाने या जोड़ने की शक्ति नहीं होती.
मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि वह पूरे मामले में कानूनी सलाह ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि महुआ मोइत्रा के आरोप उनकी छवि खराब करने की कोशिश हैं. अग्रवाल के मुताबिक वह मानहानि का मामला दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि आरोप लगाने के पीछे आखिर कौन से तथ्य और दस्तावेज मौजूद हैं.
X पर महुआ मोइत्रा का पोस्ट.
अग्रवाल ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया कानून के तहत तय है. उनके मुताबिक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी यानी ERO की इसमें अहम भूमिका होती है. जिला निर्वाचन अधिकारी यानी DEO और अपीलीय अधिकारियों की भी निर्धारित जिम्मेदारियां हैं.
पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने खास तौर पर कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास खुद से किसी मतदाता का नाम हटाने या जोड़ने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर जिला निर्वाचन अधिकारी के जरिए कोई अपील आती है तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी अपनी अपीलीय भूमिका निभा सकता है. लेकिन वह खुद से किसी मतदाता का नाम हटाने की कार्रवाई नहीं कर सकता.
अग्रवाल ने SIR के दौरान उपलब्ध कराए गए आंकड़ों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई है. इसमें मृतक, दोहरे, स्थान बदल चुके और अनुपस्थित मतदाताओं से जुड़ी जानकारी भी शामिल है.
उन्होंने बताया कि मसौदा मतदाता सूची पहले ही ऑनलाइन प्रकाशित की जा चुकी है. मतदाताओं को नाम जुड़वाने, हटवाने या जानकारी में सुधार के लिए फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 के जरिए दावा या आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया.
अग्रवाल के मुताबिक राज्य के सभी 80,681 बूथों से जुड़ा चुनावी आंकड़ा वेबसाइट पर अपलोड किया गया था. उन्होंने कहा कि आम लोग इस आंकड़े को देख सकते हैं और जरूरत होने पर तय प्रक्रिया के तहत आपत्ति दर्ज करा सकते हैंण्
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