भरतपुर. रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच युद्ध बदस्तूर जारी है. इस युद्ध की चपेट में भारतीय कारोबारी भी अब आने लगे है. यूक्रेन के सूमी शहर में भरतपुर के कारोबारी राजीव गुप्ता की दवा फैक्ट्री कुसुम फार्मा पर रूसी ड्रोन से हमला हुआ है. रूसी ड्रोन से हमला 4 अक्टूबर को होने की बात सामने आई है. इस हमले में फैक्ट्री की मुख्य बिल्डिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर तबाह हो गई. ड्रोन के हमले के चपेट में आकर एक इंजीनियर की मौत हो गई, जबकि कई कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री को निशाना बनाने के लिए करीब आठ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया. हमले के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में धुएं का गुबार छा गया.
कंपनी को करीब 500 करोड़ रुपए तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है. राजीव के चचेरे भाई राजकुमार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि गनीमत रही कि हमला रविवार को हुआ, जिसके कारण फैक्ट्री में सामान्य दिनों की तुलना में स्टाफ कम था. इससे बड़े जान-माल के नुकसान को टाला जा सका. घटना के समय राजीव गुप्ता यूक्रेन की राजधानी कीव में थे, इसलिए वे सुरक्षित हैं. हमले के बाद फैक्ट्री में दवा उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है. सूमी स्थित यह फैक्ट्री रूस की सीमा से करीब 23 किलोमीटर दूर है और युद्ध शुरू होने के बाद भी यहां लगातार उत्पादन जारी था. इस हमले ने न केवल कंपनी को बड़ा आर्थिक झटका दिया है, बल्कि यूक्रेन में कारोबार कर रहे भारतीय उद्यमियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है.
2009 में सूमी शहर में अपनी दवा निर्माण की फैक्ट्री स्थापित की थी
9 से अधिक देशों में फैला हुआ है दवा का कारोबार
एक साल पहले भी दवा फैक्ट्री पर हो चुका है हमला
करीब एक साल पहले भी इसी फैक्ट्री को निशाना बनाया गया था. उस हमले में भी कंपनी को काफी नुकसान हुआ था. इसके बावजूद युद्ध के बीच फैक्ट्री में दवा उत्पादन जारी रखा गया. अब ताजा ड्रोन हमले के बाद फैक्ट्री का संचालन पूरी तरह बंद हो गया है. स्थानीय स्तर पर बचाव कार्य और नुकसान का आकलन किया जा रहा है.