‘2009 जैसा हमला फिर हो सकता है…’ IAS रिंकू सिंह राही ने राज्यपाल को लिखी चिट्ठी; सुरक्षा न मिलने पर हड़कंप

‘2009 जैसा हमला फिर हो सकता है…’ IAS रिंकू सिंह राही ने राज्यपाल को लिखी चिट्ठी; सुरक्षा न मिलने पर हड़कंप


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IAS Rinku Singh Rahi: उत्तर प्रदेश के जालौन में तैनात चर्चित आईएएस अधिकारी और संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने अपनी और अपने परिवार की जान को गंभीर खतरा बताते हुए राज्यपाल को पत्र लिखा है. उन्होंने वर्ष 2009 में मुजफ्फरनगर में उन पर हुए जानलेवा हमले जैसी घटना दोबारा होने की आशंका जताई है और कहा कि सुरक्षा के अभाव में वे अपनी जीवनशैली अत्यधिक सीमित करने को मजबूर हैं. साथ ही उन्होंने उरई कोतवाली प्रभारी द्वारा उनकी तहरीर न लेने का आरोप भी लगाया. मामले की गंभीरता को देखते हुए राजभवन ने डीजीपी को तत्काल समुचित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए हैं.

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आईएएस रिंकू सिंह का छलका दर्द.

जालौन/लखनऊ: भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर रहने वाले उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी और जालौन के संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है. आईएएस रिंकू सिंह राही ने राज्यपाल को पत्र लिखकर खुद और अपने परिवार के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने पर गंभीर चिंता जाहिर की है. मामले का संज्ञान लेते हुए राज्यपाल सचिवालय ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर तत्काल समुचित सुरक्षा उपलब्ध कराने और मामले में जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

आईएएस रिंकू सिंह राही ने 19 अगस्त 2026 को राज्यपाल को भेजे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि उन्हें और उनके परिवार को आवश्यक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है. उन्होंने अंदेशा जताया कि सुरक्षा के अभाव में वर्ष 2009 में मुजफ्फरनगर में घटित जानलेवा हमले जैसी किसी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति हो सकती है. गौरतलब है कि समाज कल्याण विभाग में करोड़ों के घोटाले का खुलासा करने पर 2009 में उन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसमें उन्हें कई गोलियां लगी थीं. पत्र में उन्होंने बताया कि अपनी जान बचाने के लिए वे अपनी सामान्य जीवनशैली को अत्यधिक सीमित करने को विवश हैं, जिसका उनके जीवन पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.

उरई कोतवाली प्रभारी पर तहरीर न लेने का आरोप
आईएएस अधिकारी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के रवैये पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर रहते हुए जब उन्होंने उरई कोतवाली प्रभारी आनंद कुमार सिंह को तहरीर दी, तो उन्होंने इसे लेने से साफ इनकार कर दिया. रिंकू सिंह राही ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि कोतवाली प्रभारी के इस आचरण की नियमानुसार जांच कराई जाए और उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचाव सुनिश्चित हो सके.

राजभवन हुआ सख्त, डीजीपी को दिए कड़े निर्देश
राज्यपाल के विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता द्वारा जारी पत्र में डीजीपी को निर्देशित किया गया है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उरई कोतवाल के विरुद्ध नियमों के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएं. साथ ही, राजभवन ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया है कि संयुक्त मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही को तत्काल समुचित सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए और इस संबंध में की गई विधिक कार्रवाई से राज्यपाल सचिवालय को शीघ्र अवगत कराया जाए.



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