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3 अक्टूबर की रात धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिलाओं को अकेले धाम नहीं आने, अनजान लोगों और सेवादारों पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करने और ज्यादा दिनों तक नहीं रुकने की सलाह दी. इसकी वजह बागेश्वर धाम में 16 साल की नाबालिग से दुष्कर्म हो सकती है.
अकेले बागेश्वर धाम आने पर महिलाओं को चेताया
जबलपुर. बागेश्वर धाम में 16 साल की नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है. मामले में गिरफ्तार राजू जाटव को फॉरेंसिक जांच में भ्रूण का जैविक पिता नहीं पाया गया. हाई कोर्ट ने 25 सितंबर को राजू की दूसरी जमानत अर्जी खारिज करते हुए छतरपुर एसपी को विशेष टीम बनाने के निर्देश दिए थे. आज 6 अक्टूबर को भी मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बागेश्वर धाम रेप केस की नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं.
इसी बीच 3 अक्टूबर की रात धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिलाओं और माताओं को सावधान रहने की अपील की. उन्होंने महिलाओं से अकेले बागेश्वर धाम नहीं आने को कहा. उन्होंने अनजान लोगों और यहां तक कि सेवादारों पर भी आंख मूंदकर भरोसा नहीं करने की सलाह दी. उन्होंने मंदिर और हाल के अलावा कहीं नहीं जाने और धाम में ज्यादा दिनों तक नहीं रुकने को कहा. नाबालिग से जुड़े मामले के बाद आई इस अपील को सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है. शायद इसी घटना ने भी महिलाओं को सावधान रहने की ऐसी अपील की जरूरत बढ़ाई हो. हालांकि शास्त्री ने अपनी अपील में इस मामले का नाम नहीं लिया है. अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद होने वाली विशेष जांच से ही इस पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी.
क्या था पूरा मामला
अभियोजन के अनुसार नाबालिग 15 मार्च को मां से विवाद के बाद बागेश्वर धाम चली गई थी. 17 मार्च को उसकी मुलाकात राजू जाटव से हुई थी. आरोप है कि राजू उसे घर छोड़ने की बात कहकर अपने साथ ले गया. उसी रात बागेश्वर धाम के पास खेत में उसके साथ दुष्कर्म किया. आरोप है कि राजू उसे करीब 15 दिन तक अपने साथ रखता रहा. बाद में वह उसे ट्रेन से पचोर ले गया. राजू की पत्नी ने नाबालिग को पुलिस के पास पहुंचाया था. इसके बाद नाबालिग ने अपनी बहन और बाल कल्याण समिति के सामने घटना की जानकारी दी.
जांच के दौरान नाबालिग करीब दो महीने की गर्भवती मिली थी. गर्भपात के बाद भ्रूण और प्लेसेंटा को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया. राजू के रक्त नमूने की भी फॉरेंसिक जांच कराई गई. 29 अगस्त की रिपोर्ट में राजू को भ्रूण का जैविक पिता नहीं माना गया. हाई कोर्ट के आदेश में यह भी दर्ज है कि कोर्ट में नाबालिग ने राजू पर दुष्कर्म से इनकार किया था. इसके बाद कोर्ट ने जांच का दायरा बढ़ा दिया. अब पुलिस को असली आरोपी और भ्रूण के जैविक पिता की पहचान करनी है.