100000 लाख के लोन के लिए 10000 घूस लेते, लिफाफे भरकर देते कागज, पूर्वी चंपारण में ठगी कांड पर बड़ा खुलासा

100000 लाख के लोन के लिए 10000 घूस लेते, लिफाफे भरकर देते कागज, पूर्वी चंपारण में ठगी कांड पर बड़ा खुलासा


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East Champaran News: पूर्वी चंपारण जिले में लोन के नाम पर ठगी का ऐसा तरीका सामने आया है, जिसे जानकर कोई भी हैरान रह जाए. लोगों को एक लाख रुपये का लोन दिलाने का भरोसा दिया जाता था. इसके बदले 10 हजार रुपये तक लिए जाते थे और फिर एक लिफाफा थमा दिया जाता था. लिफाफा खोलने पर उसमें रुपये या लोन से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं, बल्कि कागज के टुकड़े मिलते थे. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िये.

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लोन के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के गुर्गे को मोतिहारी पुलिस ने पकड़ा.

मोतिहारी. पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर में जीविका दीदियों को एक लाख रुपये का समूह लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है. गिरोह का तरीका भी बेहद शातिर थाय महिलाओं से लोन दिलाने के नाम पर 10 हजार रुपये कमीशन के तौर पर लिए जाते थे और बदले में एक लिफाफा थमा दिया जाता था. पहले तो महिलाओं को लिफाफे में रुपये या लोन से जुड़े दस्तावेज होने का भरोसा दिया जाता, लेकिन खोलने पर उसमें सिर्फ कागज के टुकड़े मिलते थे.शिकायत के बाद पुलिस ने अंतरजिला ठग गिरोह का खुलासा करते हुए इसके एक आरोपी चंदन कुमार को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक गिरोह 2024 से अलग-अलग इलाकों में लोगों को अपना शिकार बना रहा था.

महिला की शिकायत से खुला मामला

मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र के वृंदावन पंचायत का है. यहां रानी कुमारी ने पुलिस से शिकायत की थी. इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और गुप्त सूचना के आधार पर सीतामढ़ी जिले के बेलसंड थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव निवासी चंदन कुमार को मधुबन से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में पुलिस के सामने लोन के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े की पूरी तस्वीर सामने आई. इस मामले में कल्याणपुर थाना पुलिस ने गिरोह के सरगना चंदन कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने उसके पास से 68 कागज, 58 लिफाफे और 20 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं.

पहले कागजों पर हस्ताक्षर, फिर पैसे

पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को फाइनेंस कंपनी से जुड़ा बताकर लोगों को एक लाख रुपये तक का लोन दिलाने का भरोसा देता था. इसके लिए लोगों से फर्जी कागजात पर हस्ताक्षर कराए जाते थे. लोन की प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर उनसे 10 हजार रुपये या उससे अधिक रकम ली जाती थी. इसके बाद उन्हें एक लिफाफा दे दिया जाता था. लिफाफा खोलने पर उसमें कागज निकलते थे. कुछ पीड़ितों से 17,500 रुपये तक लिए जाने की बात भी सामने आई है.

फोन बंद होते ही समझ आया खेल

पुलिस के मुताबिक वृंदावन के कई लोगों को पैसे लेने के बाद कल्याणपुर में बुलाया गया था. जब लोगों ने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की तो फोन बंद मिला. इसके बाद लिफाफा खोलने पर उसमें रुपये की जगह कागज देखकर उन्हें ठगी का एहसास हुआ. इसी के बाद पुलिस में शिकायत की गई.

कई जिलों तक फैला था नेटवर्क

जांच में सामने आया कि गिरोह ने मधुबन में कार्यालय भी खोल रखा था. पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 से मोतिहारी, चकिया, पिपरा, कल्याणपुर समेत कई इलाकों में लोगों को लोन दिलाने के नाम पर ठगा जा रहा था. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 68 पत्र-मोहर, 58 सदस्यता आवेदन, 100 एटीएम कार्ड, 20 बड़े मोबाइल, पांच छोटे मोबाइल और अलग-अलग बैंकों के चेक बरामद किए हैं.

बाकी आरोपियों की तलाश जारी

चंदन कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. पुलिस उसकी निशानदेही पर लगातार छापेमारी कर रही है. जांच का अगला फोकस यह पता लगाना है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को लोन का झांसा देकर ठगा और बरामद एटीएम कार्ड व दस्तावेजों का इस्तेमाल किस तरह किया जाता था.



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