राशन कार्ड से 5 किलो अनाज मिलेगा या 35 किलो, कौन से डॉक्यूमेंट्स हैं जरूरी, जानें पूरा प्रोसेस

राशन कार्ड से 5 किलो अनाज मिलेगा या 35 किलो, कौन से डॉक्यूमेंट्स हैं जरूरी, जानें पूरा प्रोसेस


राशन कार्ड सिर्फ सस्ता राशन लेने का डॉक्यूमेंट नहीं है, बल्कि यह कई परिवारों के लिए सरकारी खाद्य योजनाओं का फायदा पाने का जरूरी जरिया है. इसके जरिए पात्र परिवारों को गेहूं, चावल जैसे खाद्यान्न सब्सिडी पर मिलते हैं. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पात्र परिवारों को चावल, गेहूं और दूसरे खाद्यान्न तय नियमों के अनुसार मिलते हैं. राशन कार्ड से जुड़े नियम और पात्रता राज्य सरकार तय करती है.

दिल्ली में राशन कार्ड का प्रोसेस ऑनलाइन किया गया है. नए राशन कार्ड और परिवार के सदस्यों का नाम जोड़ने के लिए e-District पोर्टल पर आवेदन मई से शुरू कर दिए गए थे. पुराने पेंडिंग एप्लीकेशन को भी आवेदकों के लॉगिन में वापस भेजकर जरूरी जानकारी और डॉक्यूमेंट्स अपडेट करने का मौका दिया गया है.

राशन कार्ड क्या है और इसके क्या फायदे हैं?

राशन कार्ड के जरिए पात्र परिवार सरकारी राशन की दुकान यानी Fair Price Shop से अपने हिस्से का अनाज ले सकते हैं. NFSA के तहत AAY(Antyodaya Anna Yojana) परिवार को हर महीने 35 किलो अनाज प्रति परिवार मिलता है. वहीं, Priority Household यानी PHH कैटेगरी में प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज का प्रावधान है. राशन कार्ड का इस्तेमाल कई जगह परिवार और निवास से जुड़े रिकॉर्ड के तौर पर भी किया जाता है. हालांकि, इसे हर सरकारी सेवा में अनिवार्य पहचान या पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाए, यह संबंधित सेवा के नियमों पर निर्भर करता है.

APL, BPL और अंत्योदय कार्ड में क्या अंतर है?

APL और BPL नाम पुराने राशन कार्ड क्लासिफिकेशन में काफी इस्तेमाल होते रहे हैं. APL का मतलब Above Poverty Line और BPL का मतलब Below Poverty Line है. लेकिन NFSA के तहत मौजूदा राष्ट्रीय व्यवस्था में मुख्य लाभार्थी क्लासिफिकेशन AAY और PHH हैं. पात्र परिवारों की पहचान और चयन का प्रोसेस राज्य सरकार तय करती है. AAY यानी अंत्योदय अन्न योजना सबसे जरूरतमंद परिवारों के लिए है. ऐसे परिवारों को 35 किलो खाद्यान्न प्रति परिवार प्रति माह मिलता है. PHH परिवारों को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज मिलता है.

नया राशन कार्ड कैसे बनाएं?

दिल्ली में नया राशन कार्ड (Ration Card) बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. e-District पोर्टल पर लॉगिन या रजिस्ट्रेशन करके Food & Supply Department की संबंधित सर्विस चुननी होती है. पोर्टल पर AAY/Priority Household Card जारी करने की सर्विस उपलब्ध है.

आवेदन घर से ऑनलाइन किया जा सकता है. जिन लोगों को ऑनलाइन आवेदन में परेशानी हो, वे नजदीकी सुविधा केंद्र की मदद ले सकते हैं. आवेदन के बाद विभाग डॉक्यूमेंट्स और पात्रता की जांच करता है.

कौन से डॉक्यूमेंट्स जरूरी हैं?

दिल्ली में नए आवेदन के लिए आधार कार्ड, निवास का प्रमाण और नया आय प्रमाण पत्र अहम डॉक्यूमेंट्स हैं. परिवार के सदस्यों से जुड़े आधार विवरण भी आवेदन में देने होते हैं. पुराने लंबित आवेदकों को भी वैध पारिवारिक आय प्रमाण पत्र और जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ आवेदन दोबारा जमा करने को कहा गया है.

निवास प्रमाण के तौर पर आधार, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट, बैंक पासबुक, बिजली या पानी का बिल जैसे दस्तावेज स्वीकार किए जा सकते हैं. हालांकि, आवेदन की सेवा के अनुसार डॉक्यूमेंट्स की लिस्ट अलग हो सकती है.

राशन कार्ड में नाम कैसे जोड़ें या हटाएं?

परिवार में नया सदस्य जुड़ने पर राशन कार्ड में उसका नाम जोड़ा जा सकता है. दिल्ली के e-District पोर्टल पर New Member Addition की अलग सेवा उपलब्ध है. इसी तरह परिवार के किसी सदस्य का नाम हटाने के लिए Member Deletion की सेवा भी है. नाम हटाने के मामले में वजह के अनुसार संबंधित डॉक्यूमेंट देना पड़ सकता है. उदाहरण के लिए मृत्यु के मामले में मृत्यु से जुड़ा प्रमाण मांगा जा सकता है. विवाह या परिवार में बदलाव जैसी स्थिति में भी संबंधित डॉक्यूमेंट्स जरूरी हो सकते हैं.

पता और मोबाइल नंबर कैसे अपडेट करें?

दिल्ली में राशन कार्ड के रिकॉर्ड में बदलाव के लिए e-District पर अलग-अलग सेवाएं उपलब्ध हैं. इनमें सदस्य की जानकारी अपडेट करना, परिवार के मुखिया में बदलाव, राशन कार्ड को दिल्ली के अंदर ट्रांसफर करना और अन्य जानकारी अपडेट करना शामिल है. पता बदलने पर नया निवास प्रमाण देना पड़ सकता है. मोबाइल नंबर या अन्य जानकारी अपडेट करते समय सही आधार और राशन कार्ड जानकारी देना जरूरी है. आवेदन के बाद विभाग डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन कर सकता है.

इसलिए आवेदन करने से पहले सभी परिवार के सदस्यों के आधार जानकारी, आय प्रमाण पत्र और पते से जुड़े दस्तावेज तैयार रखें. पात्रता राज्य के नियमों के अनुसार तय होती है, इसलिए आवेदन हमेशा संबंधित राज्य के आधिकारिक पोर्टल से करना बेहतर है.



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